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Mirzapur News: 12 करोड़ की लागत से लगेगा कचरा निस्तारण केंद्र

Sun, 24 Sep 2023 12:35 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 24 Sep 2023 12:35 AM IST
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Garbage disposal center will be set up at a cost of Rs 12 crore
नगर पालिका क्षेत्र के कूड़ों के निस्तारण के लिए 12 करोड़ की लागत से कचरा निस्तारण केंद्र बनाया जाएगा। कचरा प्रबंधन के लिए बनी यह योजना शासन स्तर से स्वीकृत हो गई है और इसके लिए धन भी जारी हो गया है। योजना से नगर पालिका क्षेत्र के प्रतिदिन निकलने वाले कूड़ों का उचित निपटारा किया जा सकेगा।
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नगर पालिका मिर्जापुर 38 वार्डों में विभाजित है। लगभग चार लाख की आबादी वाले क्षेत्र में प्रतिदिन 60 टन के आसपास कूड़ा निकलता है। इतनी बड़ी मात्रा में निकलने वाले कूड़ों का निस्तारण एक बड़ी समस्या है। वर्तमान समय में इन कूड़ों को नगर से सटे नगर विकासखंड के टांड़ गांव में डंप किया जाता है। जहां रासायनिक तत्वों से इनका निस्तारण किया जाता है। लेकिन इतनी मात्रा में कूड़ों के रहने से उठने वाली बदबू से ग्रामीण परेशान हो रहे थे। कई बार उन्होंने आपत्ति भी जतायी थी। अब उन्हें इससे निजात मिल सकेगी। प्लांट के लिए चार बीघे जमीन की तलाश शुरू कर दी गई है।
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हालांकि नगर पालिका के पास टांड़ गांव में ही आठ बीघा की जमीन है। लेकिन वह इतनी उबड़ खाबड़ है कि उसको समतल करने में ही कई करोड़ रुपए खर्च हो जाएंगे। इसलिए उसकी जगह उसका विकल्प तलाशा जा रहा है।
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कोट
प्रस्ताव स्वीकृत हो चुका है और धन भी जारी हो गया है। -संजय सिंह, जिला प्रबंधक, स्वच्छ भारत मिशन

100 टन प्रतिदिन होगी इस संयंत्र की क्षमता
मिर्जापुर।संयंत्र की क्षमता प्रतिदिन 100 टन की होगी। वर्तमान में लगभग 60 टन के आसपास कूड़ा निकलता है। इस संयंत्र को भविष्य की जरूरतों व आबादी के लिहाज से बनाया गया है। एक बार जब यह संयंत्र कार्य करने लगेगा तो कम से कम 50 वर्षों तक की समस्या का समाधान हो सकेगा। इसके पहले जो संयंत्र स्थापित हो रहा था। उसकी क्षमता 140 टन प्रतिदिन थी लेकिन वह पूरा ही नहीं हो सका।


विवाद में फंसा पहले का प्लांट
मिर्जापुर। टांड़ गांव में 11. 50 के बजट वाली पूर्व में प्लांट लगाया जा रहा था। कई मशीनें लग चुकी थी लेकिन बाद में कार्यदायी संस्थाओं के आपसी विवाद के चलते योजना अधर में लटक गई। इसमें लगभग छह करोड़ के आसपास की धनराशि खर्च भी की जा चुकी थी। मामला न्यायालय में होने के कारण इसका कोई हल नहीं निकल पा रहा है।
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