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ठंड बनी जानलेवा, दो की मौत
ब्यूरो/ अमर उजाला/ मिर्जापुर
Updated Sun, 11 Dec 2016 11:54 PM IST
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पीली कोठी रोड पर अलाव तापते लोग ।
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सुबह-शाम घने कोहरे की चादर में लिपटा नगर इनदिनों कुल्लू मनाली का एहसास करा रहा है। रविवार की सुबह जहां घने कोहरे सहित गलन-ठिठुरन से लोग कांपते नजर आए, वहीं दोपहर में सूर्यदेव के दर्शन देने के बाद भी गलन कम नहीं हुई। विगत 11 दिनों से बदले मौसम के मिजाज के चलते जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। वहीं ठंड की वजह से अलग-अलग स्थानों पर दो लोगों की मौत हो गई।
कड़ाके की ठंड अब जानलेवा साबित हो रही है। शनिवार की रात अहरौरा थाना क्षेत्र के अलौवा गांव निवासी अर्जुन (60) और जमालपुर ब्लॉक कार्यालय में तैनात ग्राम पंचायत विकास अधिकारी रामनरेश के पिता श्यामलाल (90)की ठंड लगने से मौत हो गई। वहीं रविवार की सुबह चहुंओर कोहरे की चादर फैले होने से चलने वाले छोटे-बड़े वाहन रेंगते नजर आए। कोहरे के कारण चालक अपने वाहन की हेड लाइट जला कर चल रहे थे। दोपहर में भगवान भास्कर ने कुछ देर के लिए दर्शन तो जरूर दिए, जिससे लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली, बावजूद इसके गलन-ठिठुरन बरकरार रही।
रविवार को स्कूलों में छुट्टी होने के बाद बच्चों को जहां राहत मिली, वहीं घने कोहरे व ठंड के चलते लोग घरों के अंदर रजाई-कंबल में दुबके रहे। जरूरी कार्यवश घरों से बाहर निकलने वाले लोग स्वेटर, जैकेट, मफलर, दस्ताना, टोपी आदि पहन कर ही निकलना मुनासिब समझे। रविवार के दिन भी कई इलाकों में रेडिमेड कपड़ाें की दूकानों पर गर्म कपड़ाें की खरीदारी करने ग्राहकों का तांता लगा रहा, वहीं नगर के कई इलाकाें में लगी ऊलेन परिधानों की सेल में भी ग्राहक अपने पसंद के कपड़े खरीदते नजर आए।
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दूकानाें पर रजाई भरवाने व कंबल खरीदने ग्राहक डटे रहे। कड़ाके की पड़ रही ठंड के बाद भी जिला प्रशासन की तरफ से नगर क्षेत्र में कहीं भी अलाव जलवाने की व्यवस्था अभी तक नहीं हो पाई है, जिससे आम राहगीरों को रात में ठिठुरना पड़ रहा है। शाम होते ही पूरा नगर घने कोहरे की चपेट में आ जा रहा है, जिससे अपने पास की भी वस्तु नजर नहीं आ रही है, ऐसे में लोगों को अपने व्यवस्था से अलाव जलवाने की व्यवस्था करनी पड़ रही है, बावजूद इसके जिला प्रशासन लापरवाह बना हुआ है।
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कड़ाके की ठंड अब जानलेवा साबित हो रही है। शनिवार की रात अहरौरा थाना क्षेत्र के अलौवा गांव निवासी अर्जुन (60) और जमालपुर ब्लॉक कार्यालय में तैनात ग्राम पंचायत विकास अधिकारी रामनरेश के पिता श्यामलाल (90)की ठंड लगने से मौत हो गई। वहीं रविवार की सुबह चहुंओर कोहरे की चादर फैले होने से चलने वाले छोटे-बड़े वाहन रेंगते नजर आए। कोहरे के कारण चालक अपने वाहन की हेड लाइट जला कर चल रहे थे। दोपहर में भगवान भास्कर ने कुछ देर के लिए दर्शन तो जरूर दिए, जिससे लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली, बावजूद इसके गलन-ठिठुरन बरकरार रही।
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रविवार को स्कूलों में छुट्टी होने के बाद बच्चों को जहां राहत मिली, वहीं घने कोहरे व ठंड के चलते लोग घरों के अंदर रजाई-कंबल में दुबके रहे। जरूरी कार्यवश घरों से बाहर निकलने वाले लोग स्वेटर, जैकेट, मफलर, दस्ताना, टोपी आदि पहन कर ही निकलना मुनासिब समझे। रविवार के दिन भी कई इलाकों में रेडिमेड कपड़ाें की दूकानों पर गर्म कपड़ाें की खरीदारी करने ग्राहकों का तांता लगा रहा, वहीं नगर के कई इलाकाें में लगी ऊलेन परिधानों की सेल में भी ग्राहक अपने पसंद के कपड़े खरीदते नजर आए।
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दूकानाें पर रजाई भरवाने व कंबल खरीदने ग्राहक डटे रहे। कड़ाके की पड़ रही ठंड के बाद भी जिला प्रशासन की तरफ से नगर क्षेत्र में कहीं भी अलाव जलवाने की व्यवस्था अभी तक नहीं हो पाई है, जिससे आम राहगीरों को रात में ठिठुरना पड़ रहा है। शाम होते ही पूरा नगर घने कोहरे की चपेट में आ जा रहा है, जिससे अपने पास की भी वस्तु नजर नहीं आ रही है, ऐसे में लोगों को अपने व्यवस्था से अलाव जलवाने की व्यवस्था करनी पड़ रही है, बावजूद इसके जिला प्रशासन लापरवाह बना हुआ है।