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Mirzapur News: आवास की बिजली काटकर मशीन चलाने से मिलेगी मुक्ति
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मंडलीय अस्पताल परिस में बन रहा बिजली का नया पावर हाउस। स्रोत- संवाद
मिर्जापुर। मंडलीय अस्पताल में आवासीय कॉलोनी की बिजली काटकर मशीनों को चलाने से जल्द मुक्ति मिलेगी। अस्पताल में नया विद्युत वितरण केंद्र बन रहा है। नया पावर हाउस दोगुने लोड से बनेगा। इससे अस्पताल में लोड की समस्या खत्म हो जाएगी। मंडलीय अस्पताल के साथ जिला महिला अस्पताल की बिजली आपूर्ति एक ही स्थान से हो सकेगी।
मेडिकल कॉलेज से संबंध होने के बाद मंडलीय अस्पताल व जिला महिला में उपकरणों, मशीनों का संचालन बढ़ा है। इस कारण बिजली का लोड भी बढ़ा है पर अस्पताल के पावर हाउस का लोड नहीं बढ़ा। इस कारण सीटी स्कैन मशीन चलाने के लिए आवास की लाइट तीन घंटे काटनी पड़ती है। इसे देखते हुए अस्पताल में अलग से विद्युत वितरण केंद्र बनाया जा रहा है। नया विद्युत वितरण केंद्र अस्पताल के परिसर के बाहर की ओर आवासीय परिसर पर सड़क किनारे पुराने मैनेजर के आवास को तोड़कर बनाया जा रहा है। पुराना पावर हाउस 300 किलोवाट का है। नया पावर हाउस डेढ़ करोड़ की लागत से 600 किलोवाट का बनाया जा रहा है। अस्पताल में बिजली सप्लाई का काम देखने वाले इंजीनियर पीयुष ने बताया कि पथरहिया ट्रांसमिशन से अस्पताल के लिए लाइन सीधे नए पावर हाउस में आएगी। नए और आधुनिक तरीके से पावर हाउस बन रहा है तो मंडलीय अस्पताल और महिला अस्पताल का लोड यहीं पर रहेगा।
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अस्पताल परिसर से बाहर रहेगा पावर हाउस
मिर्जापुर। नियमानुसार अस्पताल परिसर के अंदर बिजली का पावर हाउस नहीं रहना चाहिए। मरीजों के आने-जाने वाले स्थान से दूर रहना चाहिए। इस समय अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार के पास ही पावर हाउस बना है। नया पावर हाउस बाहर की ओर बन रहा है। इससे खतरे की समस्या भी दूर हो जाएगी।
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एक जगह होगा सभी का कंट्रोल
मिर्जापुर। नया पावर हाउस बनने के बाद मेडिकल काॅलेज के अधीन मंडलीय अस्पताल हो या जिला महिला अस्पताल सभी जगह की बिजली का कंट्रोल एक जगह रहेगा। इससे कार्य आसान होगा।
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वर्जन ...
मेडिकल काॅलेज होेने के कारण अस्पताल में बिजली का लोड बढ़ गया है। इसके लिए नया पावर हाउस बनाया जा रहा है। इसके बन जाने से लोड की समस्या से मुक्ति मिलेगी। - डाॅ. सचिन किशोर, सीएमएस, मंडलीय अस्पताल।
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मेडिकल कॉलेज से संबंध होने के बाद मंडलीय अस्पताल व जिला महिला में उपकरणों, मशीनों का संचालन बढ़ा है। इस कारण बिजली का लोड भी बढ़ा है पर अस्पताल के पावर हाउस का लोड नहीं बढ़ा। इस कारण सीटी स्कैन मशीन चलाने के लिए आवास की लाइट तीन घंटे काटनी पड़ती है। इसे देखते हुए अस्पताल में अलग से विद्युत वितरण केंद्र बनाया जा रहा है। नया विद्युत वितरण केंद्र अस्पताल के परिसर के बाहर की ओर आवासीय परिसर पर सड़क किनारे पुराने मैनेजर के आवास को तोड़कर बनाया जा रहा है। पुराना पावर हाउस 300 किलोवाट का है। नया पावर हाउस डेढ़ करोड़ की लागत से 600 किलोवाट का बनाया जा रहा है। अस्पताल में बिजली सप्लाई का काम देखने वाले इंजीनियर पीयुष ने बताया कि पथरहिया ट्रांसमिशन से अस्पताल के लिए लाइन सीधे नए पावर हाउस में आएगी। नए और आधुनिक तरीके से पावर हाउस बन रहा है तो मंडलीय अस्पताल और महिला अस्पताल का लोड यहीं पर रहेगा।
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अस्पताल परिसर से बाहर रहेगा पावर हाउस
मिर्जापुर। नियमानुसार अस्पताल परिसर के अंदर बिजली का पावर हाउस नहीं रहना चाहिए। मरीजों के आने-जाने वाले स्थान से दूर रहना चाहिए। इस समय अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार के पास ही पावर हाउस बना है। नया पावर हाउस बाहर की ओर बन रहा है। इससे खतरे की समस्या भी दूर हो जाएगी।
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एक जगह होगा सभी का कंट्रोल
मिर्जापुर। नया पावर हाउस बनने के बाद मेडिकल काॅलेज के अधीन मंडलीय अस्पताल हो या जिला महिला अस्पताल सभी जगह की बिजली का कंट्रोल एक जगह रहेगा। इससे कार्य आसान होगा।
वर्जन ...
मेडिकल काॅलेज होेने के कारण अस्पताल में बिजली का लोड बढ़ गया है। इसके लिए नया पावर हाउस बनाया जा रहा है। इसके बन जाने से लोड की समस्या से मुक्ति मिलेगी। - डाॅ. सचिन किशोर, सीएमएस, मंडलीय अस्पताल।