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Mirzapur News: अल्ट्रासाउंड मशीनें चार, एक ही रेडियोलाजिस्ट की तैनाती, वह भी छुट्टी पर

Sat, 23 Dec 2023 12:51 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 23 Dec 2023 12:51 AM IST
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Four ultrasound machines, deployment of only one radiologist, that too on leave
मिर्जापुर। गर्भवती महिलाओं के लिए सबसे जरूरी जांच अल्ट्रासाउंड की होती है। पर जिला महिला अस्पताल में बीते तीन वर्षों से अल्ट्रासाउंड की जांच नहीं हो पा रही है। अल्ट्रासाउंड कक्ष पर ताला लटका रहता है। ऐसा नहीं है कि अल्ट्रासाउंड मशीन की कमी हो। जिला महिला अस्पताल में एक और मंडलीय अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की तीन मशीनें हैं मगर मंडलीय अस्पताल में सिर्फ एक ही रेडियोलाजिस्ट की तैनाती है। वह भी एक महीने से छुट्टी पर है। इसके कारण मरीजों को समस्या हो रही है। मंडलीय अस्पताल में ही गर्भवती महिलाओं को भी आना पड़ता है। कम समय में मानक से अधिक अल्ट्रासाउंड होने से गुणवत्तापूर्ण रिपोर्ट नहीं मिल पाती है।
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गर्भवती महिला का नौ महीने में दो से तीन बार अल्ट्रासाउंड होता है। अल्ट्रासाउंड से गर्भ में पल रहे बच्चे के विकास के बारे में पता चलता है। रिपोर्ट के हिसाब से डाक्टर सलाह देता है। अल्ट्रासाउंड निजी डायग्नोस्टिक सेंटर में 800 से 900 रुपये में होता है। सरकारी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की निशुल्क सुविधा है पर जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में तीन वर्ष से अधिक समय से महिलाओं का अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहा है। पिछले एक-डेढ़ वर्ष से यहां रेडियोलाॅजिस्ट की तैनाती हुई है पर निरंतरता नहीं बन पा रही है। इस समय डाक्टर एक माह से छुट्टी पर है। इससे समस्या और बढ़ गई है। जिला महिला अस्पताल और मंडलीय अस्पताल इस समय मेडिकल काॅलेज के अधीन हैं। खास बात है कि दोनों अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड की चार मशीनें हैं पर रेडियोलाॅजिस्ट डाक्टर सिर्फ एक ही तैनात है। जिला महिला अस्पताल में डाक्टर न होने से गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड भी मंडलीय अस्पताल में हो रहा है। समय के हिसाब से डाक्टर को अधिकतम 30 अल्ट्रासाउंड करना रहता है पर गर्भवती के साथ मंडलीय अस्पताल के मरीजों की संख्या अधिक होने से प्रतिदिन 50 से 60 अल्ट्रासाउंड होता है। इसके कारण गुणवत्ता पूर्ण रिपोर्ट नहीं मिल पाती। बाद में मरीज को निजी डायग्नोस्टिक सेंटर में ही जांच करानी पड़ती है। जिला महिला अस्पताल में प्रतिदिन 100 से अधिक गर्भवती महिलाएं आती हैं, जिनमें प्रतिदिन 30 से 40 को अल्ट्रासाउंड की जरूरत रहती है।
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छेड़खानी का आरोप लगने के बाद डाक्टर ने दिया था इस्तीफा
मिर्जापुर। जिला महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड करने वाले डाक्टर पर एक महिला ने अल्ट्रासाउंड कराने के तीन दिन बाद छेड़खानी का आरोप लगा दिया था। इसके कारण डाक्टर ने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद से जिला महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहा है।
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रेडियोलाॅजिस्ट एक महीने से छुट्टी पर है। इसके कारण समस्या हो रही है। छुट्टी खत्म होने वाली है। जल्द ही वह ड्यूटी पर आ जाएंगे। इसके अलावा एक अन्य रेडियोलाॅजिस्ट की भी तलाश की जा रही है।
Iडाॅ. आरबी कमल, प्राचार्य, मेडिकल काॅलेजI
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