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मिर्जापुर: मां विंध्यवासिनी के दरबार में पहुंचीं उमा भारती, गंगोत्री से गंगासागर यात्रा पर निकलीं मध्य प्रदेश की पूर्व सीएम
Wed, 17 Nov 2021 05:25 PM IST
गीतार्जुन गौतम
अमर उजाला नेटवर्क, मिर्जापुर
अमर उजाला नेटवर्क, मिर्जापुर
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Wed, 17 Nov 2021 05:25 PM IST
सार
पत्रकारों से बातचीत में पूर्व केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री उमा भारती ने कहा कि गंगा लोगों के लिए आजीविका का साधन है। धार्मिक के साथ-साथ आर्थिक दृष्टिकोण से भी गंगा हमारे देश की महत्वपूर्ण धारा है।
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विंध्याचल पहुंचीं उमा भारती।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री साध्वी उमा भारती गंगोत्री से गंगासागर यात्रा के दौरान अपने हजारों कार्यकर्ताओं के साथ मंगलवार की सुबह मां विंध्यवासिनी के दरबार में पहुंची। उन्होंने गर्भ गृह में पहुंचकर मां का दर्शन-पूजन किया।
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स्थानीय होटल में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि गंगा लोगों के लिए आजीविका का साधन है। धार्मिक के साथ-साथ आर्थिक दृष्टिकोण से भी गंगा हमारे देश की महत्वपूर्ण धारा है। 50 करोड़ से अधिक लोगों की गंगा से आजीविका चलती है। तीन बड़े राज्यों का आधार है गंगा। इसलिए हम सभी को गंगा को स्वच्छ, निर्मल और अविरल रखना बेहद जरूरी है।
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उन्होंने कहा कि जब मैं मंत्री बनी थी तभी गंगा यात्रा पर जाकर प्रवास करना चाहती थी लेकिन मंत्रिमंडल का फैसला था कि मंत्रालय में सक्रिय रहूं। इसके बाद 2019 के चुनाव में मैंने स्वयं पार्टी से कहा कि मुझे चुनाव ना लड़ाएं। कोरोना के कारण दो साल बाद यात्रा पर निकलने का मौका मिला।
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कहा कि 14 जनवरी को गंगा सागर पहुंच कर कलश को विसर्जित करूंगी । मां विंध्यवासिनी माता से आशीर्वाद लेने के पश्चात वह विंध्य क्षेत्र के दक्षिण दिशा में स्थित भागदेवर गांव में देवरहा हंस बाबा आश्रम में पहुंचीं। वहां विराजमान हनुमान मंदिर में 21 मन लड्डू अर्पित कर भोग लगाया और भक्तों के बीच वितरित किया।