फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mirzapur News ›   for four days constantly shutter is down

चार दिन से नहीं उठे एटीएम के शटर, परेश्ाानी

Wed, 16 Nov 2016 01:04 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला/ मिर्जापुर
ब्यूरो/ अमर उजाला/ मिर्जापुर Updated Wed, 16 Nov 2016 01:04 AM IST
विज्ञापन
for four days constantly shutter is down
नगर के बाजीराव कटरा स्थित सेंट्रल बैंक का बंद पड़ा एटीएम।
हजार और पांच सौ रुपये के नोटों के बंदी के एलान के एक सप्ताह बीतने के बाद भी आम जनमानस को करेंसी बदलने में सहूलियत नहीं मिल सकी है। कार्तिक पूर्णिमा के बाद बैंकों के खुलने के बाद भी लोगों को राहत नहीं मिली। बैंक शाखाओं की दहलीज पर दिन भर खड़े हो कर बिताने के बाद भी उपभोक्ताओं के हाथ में सिफर ही आया। हालत इतनी खराब हो गई हैं कि एटीएम ही नहीं बल्कि बैंक भी कैशलेस हो गए हैं। 
विज्ञापन

प्रधानमंत्री ने पिछले मंगलवार की रात आठ बजे हजार पांच सौ के बड़े नोटों का प्रचलन बंद करने का एलान किया था तब से अब तक मची अफरातफरी रुकने का नाम नहीं ले रही है। एटीएम को जनता अब किसी काम का नहीं मान रही है। ज्यादातर एटीएम के शटर उठ ही नहीं रहे हैं। जिनके शटर खुले भी हैं उनके सामने कैश नहीं होने का बोर्ड टंगा रह रहा है। ऐसे में लोग बैंकों की ओर रुख कर रहे हैं लेकिन यहां भी निराशा ही हाथ लग रही है। खजांची का चौराहा स्थित बैंक आफ इंडिया में दोपहर एक बजे ही कैश समाप्त हो गया था जिससे उपभोक्ता बैरंग लौट गए।जिला सहकारी बैंक तो लेन-देन दोनों बंद कर चुका है। 
विज्ञापन

 वासलीगंज चौराहा स्थित बैंक शाखा का चैनल गेट दोपहर 12 बजे ही बंद कर दिया गया।

बाहर स्लिप चिपका दी गई कि रिजर्व बैंक के आदेशानुसार यहां पांच सौ और हजार के नोट नहीं लिए जाएंगे। इससे उपभोक्ताओं में रोष व्याप्त हो गया। कई उपभोक्ताओं की बैंककर्मियों से झड़प भी हुई। बरियाघाट स्थित यूनियन बैंक में उपभोक्ताओं की कतार तीन बजे तक लाइन लगी रही। कचहरी स्थित एसबीआई में दोपहर 12 बजे कैश समाप्त हो चुका था। ऐसे में यहां लाइन लगाने वालों को भी निराशा हाथ लगी। कुछ पूंजीपति मजदूरों को पांच सौ रुपये प्रतिदिन की दिहाड़ी पर बैंक में पैसा बदलने के कार्य में लगा दिया है। वहीं कई नेता और पूंजीपति पुराने नोटों को ही अपने स्वार्थ में लोगों को बांट कर काले धन से पीछा छुड़ाने के प्रयास में लगे हुए हैं। वहीं छोटे नोटों की कमी से बाजार में मंदी छायी हुई है। मुख्य बाजार बासलीगंज,मुकेरी बाजार, घंटाघर, संगमोहाल आदि इलाकों में सन्नाटा पसरा हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed