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गंगा में बढ़ाव, सहमे तटवासी
mirzapur
Updated Sat, 15 Jul 2017 12:19 AM IST
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गंगा में बाढ़
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मिर्जापुर। निरंतर बरस रहे मेघ के चलते गंगा का जलस्तर बढ़ता ही चला जा रहा है, जिससे जिले के तटवर्ती गांवों के ग्रामीणों-किसानों को बाढ़ की चिंता सताने लगी है। शुक्रवार की सुबह आठ बजे गंगा जलस्तर 69.080 मीटर रहा जबकि गुरुवार को गंगा का जलस्तर 68.270 मीटर रहा। गंगा सहित उसकी तमाम सहायक नदियों में उफान देख ग्रामीणों में भय हो गया है कि यदि पानी का रुख गांवों की तरफ हुआ तो उनका सब कुछ बर्बाद हो जाएगा, हालंकि बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तैयारी का दावा कर रहा है।
गंगा का जलस्तर बढ़ने से जनपद के छानबे, कोन, पहाड़ी, सीखड़, चुनार एवं नरायनपुर में बाढ़ का खतरा मंडराने लगता है हालांकि अभी गंगा का खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही हैं। मूसलाधार हो रही बारिश के बाद अगर जलाशयों से पानी गंगा में छोड़ा गया तो जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है और जिले में गंगा के तटवर्तीय इलाकों के गांवों में पानी प्रवेश कर सकता है। गंगा में पानी बढ़ने से जहां घाटों की सीढ़ियां गंगा में समाहित होने लगी हैं, वहीं गंगा किनारे तेजी से कटान भी होने लगा है, जिससे पुराने मकानों व मंदिरों पर भी खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। पिछले साल आई बाढ़ से जिले के तटवर्ती इलाकों में भारी नुकसान हुआ था, जिसको देखते हुए जिला प्रशासन ने बाढ़ से निपटने की पूरी तैयारी कर ली है। निरंतर हो रही बारिश से जिले के अधिकांश नदी-नाले व तालाब भी उफान पर हैं, जिससे ग्रामीणों व किसानों को बाढ़ की चिंता सताने लगी है। किसानों को भय है कि यदि खेत जलमग्न हो जाएंगे तो उनके खून-पसीने की कमाई पानी में बह जाएगी, वहीं ग्रामीण पानी का उफान देख नए ठौर-ठिकानों की तलाश में अभी से जुट गए हैं। बाढ़ के आने के संकेत से पशुपालक भी अपने पशुओं की हिफाजत को लेकर परेशान नजर आ रहे हैं। उनको यह चिंता सता रही है कि बाढ़ आने के बाद भूसा आदि के नष्ट होने पर पशुओं के चारा के लिए परेशान होना पड़ सकता है।
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