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कैमूर जंगल में भीषण आग, सैकड़ों वृक्ष नष्ट
ब्यूरो/ अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Mon, 25 Apr 2016 11:54 PM IST
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पहाड़ पर जंगलों में लगी आग
- फोटो : AmarUjala
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रेंज अंतर्गत कैमूर पहाड़ सोनगढ़ा कंमाट नंबर नौ और बंजारी कंपाट नंबर सात में दो दिन से लगी आग पर अभी तक काबू नहीं पाया जा सका है। इससे लगभग सैकड़ों एकड़ वृक्षों का सफाया हो गया, जबकि बताया जा रहा है कि दर्जनों पशुओं की जल कर मौत हो चुकी है। हालांकि वन विभाग पशुओं के मरने की बात से इंकार कर रहा है।
बता दें कि रविवार को डमंडगंज रेंज के कैमूर पहाड़ पर अबूझ हाल में आग लग गई। समय पर किसी को पता नहीं होने के कारण आग धीरे धीरे फैलते हुए सैकड़ों एकड़ में पहुंच गई। मामले की जानकारी वन विभाग को तब हुई, जब सोनगढ़ा गांव के लोगों ने सोमवार सुबह जंगल से निकल रहे धुएं के गुबार को देखा। आग की घटना काफी ऊंचाई पर होने के कारण लोग करीब दो घंटे में चढ़ कर पहाड़ पर पहुंचे तो वहां का नजारा देख भौचक्के रह गए। देखा कि पूरा पहाड़ आग की जद में आ चुका है और कई एकड़ तक जंगल धू धू कर जल रहा है।
पशु पक्षी शोर मचाते हुए भाग रहे हैं। यह देखते ही वह तत्काल नीचे आए और विभाग के कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी। जानकारी होते ही रेंजर जेपी सिंह मौके पर पहुंचे और आग को बुझवाने का प्रयास किया लेकिन सफल नहीं हो सके। इसके बाद उन्होंने 27 मजदूर्रों, वन रक्षक व वन दारोगा को आग बुझाने के लिए बुलवाया फिर भी सोमवार की शाम तक आग नहीं बुझ पाई थी।
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ग्रामीणों की माने तो आग की घटना में कई जंगली पशु जल कर मर चुके हैं। वहीं वन विभाग इसे मानने को तैयार नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि आग से पशु दूसरे स्थान पर भाग चुके होंगे। आग से बंजारी, बढ़वार, सोनगढ़ा तीन गांव के लोग आग से प्रभावित है। धुंआ भरने से इन गांवों के लोग परेशान हो गए।
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बता दें कि रविवार को डमंडगंज रेंज के कैमूर पहाड़ पर अबूझ हाल में आग लग गई। समय पर किसी को पता नहीं होने के कारण आग धीरे धीरे फैलते हुए सैकड़ों एकड़ में पहुंच गई। मामले की जानकारी वन विभाग को तब हुई, जब सोनगढ़ा गांव के लोगों ने सोमवार सुबह जंगल से निकल रहे धुएं के गुबार को देखा। आग की घटना काफी ऊंचाई पर होने के कारण लोग करीब दो घंटे में चढ़ कर पहाड़ पर पहुंचे तो वहां का नजारा देख भौचक्के रह गए। देखा कि पूरा पहाड़ आग की जद में आ चुका है और कई एकड़ तक जंगल धू धू कर जल रहा है।
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पशु पक्षी शोर मचाते हुए भाग रहे हैं। यह देखते ही वह तत्काल नीचे आए और विभाग के कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी। जानकारी होते ही रेंजर जेपी सिंह मौके पर पहुंचे और आग को बुझवाने का प्रयास किया लेकिन सफल नहीं हो सके। इसके बाद उन्होंने 27 मजदूर्रों, वन रक्षक व वन दारोगा को आग बुझाने के लिए बुलवाया फिर भी सोमवार की शाम तक आग नहीं बुझ पाई थी।
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ग्रामीणों की माने तो आग की घटना में कई जंगली पशु जल कर मर चुके हैं। वहीं वन विभाग इसे मानने को तैयार नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि आग से पशु दूसरे स्थान पर भाग चुके होंगे। आग से बंजारी, बढ़वार, सोनगढ़ा तीन गांव के लोग आग से प्रभावित है। धुंआ भरने से इन गांवों के लोग परेशान हो गए।