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Mirzapur News: घर में लगी आग, बाल-बाल बचे सदस्य
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भांवा। राजगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत लूसा स्थित इमलिया चौरासी गांव में मंगलवार की देर रात 11 बजे एक मकान में आग लग गई। घर के सदस्यों ने किसी तरह भाग कर जान बचाई। कमरे में सो रही महिला और पांच बच्चे बाल-बाल बच गए।
गांव की मीरा ने बताया कि पति संतकुमार ने जुड़िया गांव में अपनी गाड़ी शादी के लिए बुक की थी। वह गाड़ी लेकर सोनभद्र के निंगा पनारी गांव गए थे। मंगलवार की देर रात नौ बजे खाना खाने के बाद घर में अपने पांचों बच्चों को लेकर वह सोई थी। देर रात 11 बजे गर्मी महसूस होते ही नींद खुली तो देखा कि छज्जे से आग की लपटें निकल रही हैं। आनन-फानन अपनी पुत्री आंचल (13), अंजली (10), अंशिका (7), आर्यन (5) आदर्श (3) को लेकर बाहर भागी। शोर मचाने पर अगल-बगल के लोगों ने तीन सबमर्सिबल चलाकर कड़ी मशक्कत से आग पर काबू पाया। मीरा ने बताया कि उसके जेठ से जमीन का विवाद चल रहा है। उसने उसके घर में आग लगाई है। तहरीर राजगढ़ थाने पर देकर कार्रवाई की मांग की। जेठ ने बताया कि पिता का पुश्तैनी घर था। इसमें उसके परिवार का भोजन बनने के साथ घरेलू सामान भी रखा है। बगल में ही पक्का मकान बनाकर पत्नी और बच्चों सहित रहता है। जिस मकान में आग लगी है, वह उसके हिस्से का है। भाई के हिस्से तक आग पहुंची ही नहीं। घर में उसका गृहस्थी का सारा सामान रखा था। इसमें एक क्विंटल चावल, डेढ़ क्विंटल गेहूं, बड़ा बक्सा, गैस सिलिंडर, चूल्हा, बर्तन आदि रखा था। घर दो पाटन होने के चलते आग जमीन वाले तल तक नहीं पहुंच पाई, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। रात में ही डायल 112 पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस जांच कर चली गई। थानाध्यक्ष महेंद्र पटेल ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है। सभी एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। जांच की जा रही है। दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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गांव की मीरा ने बताया कि पति संतकुमार ने जुड़िया गांव में अपनी गाड़ी शादी के लिए बुक की थी। वह गाड़ी लेकर सोनभद्र के निंगा पनारी गांव गए थे। मंगलवार की देर रात नौ बजे खाना खाने के बाद घर में अपने पांचों बच्चों को लेकर वह सोई थी। देर रात 11 बजे गर्मी महसूस होते ही नींद खुली तो देखा कि छज्जे से आग की लपटें निकल रही हैं। आनन-फानन अपनी पुत्री आंचल (13), अंजली (10), अंशिका (7), आर्यन (5) आदर्श (3) को लेकर बाहर भागी। शोर मचाने पर अगल-बगल के लोगों ने तीन सबमर्सिबल चलाकर कड़ी मशक्कत से आग पर काबू पाया। मीरा ने बताया कि उसके जेठ से जमीन का विवाद चल रहा है। उसने उसके घर में आग लगाई है। तहरीर राजगढ़ थाने पर देकर कार्रवाई की मांग की। जेठ ने बताया कि पिता का पुश्तैनी घर था। इसमें उसके परिवार का भोजन बनने के साथ घरेलू सामान भी रखा है। बगल में ही पक्का मकान बनाकर पत्नी और बच्चों सहित रहता है। जिस मकान में आग लगी है, वह उसके हिस्से का है। भाई के हिस्से तक आग पहुंची ही नहीं। घर में उसका गृहस्थी का सारा सामान रखा था। इसमें एक क्विंटल चावल, डेढ़ क्विंटल गेहूं, बड़ा बक्सा, गैस सिलिंडर, चूल्हा, बर्तन आदि रखा था। घर दो पाटन होने के चलते आग जमीन वाले तल तक नहीं पहुंच पाई, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। रात में ही डायल 112 पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस जांच कर चली गई। थानाध्यक्ष महेंद्र पटेल ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है। सभी एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। जांच की जा रही है। दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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