मड़िहान। तहसील मुख्यालय पर सोमवार को किसानों ने ट्रैक्टर व पैदल मार्च कर प्रदर्शन किया। किसानों ने अधिकारियों को तहसील बुलाने की मांग की। बाद में उपजिलाधिकारी ने धंधरौल बांध से पानी छोड़ने का निर्देश दिया।
सोमवार को मड़िहान में किसान एकत्र होकर पैदल मार्च कर नारेबाजी करते हुए करीब बारह बजे तहसील पहुंचे। पांच सूत्री मांग पत्र उपजिलाधिकारी को सौंपा। मुख्य मांगों में चुनार से राजगढ़ तक गंगा नहर लिफ्ट कैनाल की मांग शामिल है। लो वोल्टेज व बिजली कटौती बंद करने, फसल बीमा का लाभ दिलाने, धंधरौल बांध से नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग भी शामिल है। किसानों ने जिले को सूखाग्रस्त घोषित कर वसूली पर रोक लगाने की मांग की। उनका कहना था कि किसानों का केसीसी ऋण माफ किया जाना चाहिए। एक घंटे तक तक इंतजार करने के बाद कुछ किसान सोनभद्र मार्ग तक पहुंच गए। पुलिस व अधिकारियों के समझाने के बाद हट गए। इसके बाद विद्युत निगम व सिंचाई विभाग के उपखंड अधिकारी पहुंचे। वहां पहुंचे एसडीएम युगान्तर त्रिपाठी ने किसानों को बताया कि 17 अक्टूबर की सुबह मुख्य घाघर नहर में धंधरौल बांध से पानी छोड़ दिया जाएगा। एक सप्ताह के अन्दर टेल तक पानी पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। निगरानी के लिए सिंचाई, राजस्व व पुलिस प्रशासन की टीम गठित की जाएगी। नहर की पटरियों पर कटिंग व पम्पसेट नहीं लगाने दिया जाएगा। इसके बाद किसानों ने प्रदर्शन समाप्त किया।इस दौरान तहसीलदार संजीव कुमार यादव, सहायक अभियंता सिंचाई मोहम्मद परवेज, अवर अभियंता गुलाब सिंह राजपूत आदि मौजूद रहे।