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तल्ख धूप पर भारी पड़ी आस्था
ब्यूरो/ अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Mon, 11 Apr 2016 12:48 AM IST
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मां विंध्यवासिनी देवी का भव्य शृंगार।
- फोटो : mirzapur
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चैत्र नवरात्र के तीसरे दिन रविवार को मां विंध्यवासिनी धाम में आस्थावानों का रेला लगा रहा। तल्ख धूप पर श्रद्धालुओं की आस्था भारी पड़ी। मेला क्षेत्र में पहुंचे आस्थावान नंगे पांव त्रिकोण परिक्रमा करने में जुटे रहे, वहीं विंध्यधाम सहित कई अन्य देवी-देवताओं के मंदिरों में पूजन-अर्चन करने में जुटे रहे। क्या छोटे क्या बड़े सभी जगत जननी आदिशक्ति मां विंध्यवासिनी की भक्ति में तल्लीन दिखे। करीब ढाई लाख लोगों ने दर्शन पूजन किया।
नवरात्र मेले के तीसरे दिन विंध्यधाम सहित अष्टभुजा और कालीखोह सहित विंध्य की पहाड़ियों पर विराजमान समस्त देवी-देवताओं के मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। रविवार की भोर से मंदिरों में दर्शनार्थियों के आने का क्रम शुरू हुआ जो मध्य रात्रि तक अनवरत चलता रहा।
गंगा स्नान करने के बाद विंध्य दरबार पहुंचे श्रद्धालुओं ने बड़े ही श्रद्धाभाव से मां के भव्य स्वरूप का दर्शन-पूजन कर मंगलकामना की, वहीं दूरदराज से आई महिलाओं ने मां को हलवा-पूड़ी का भोग लगा कर पूजन-अर्चन कर घर में सुख-समृद्धि की कामना की। आरती के समय मां का कपाट बंद होेते ही कतार में जो भक्त जहां खड़े थे, वहीं बैठ कर कपाट खुलने का इंतजार करते रहे।
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नवरात्र के तीसरे दिन भक्तों की भारी भीड़ के चलते विंध्यधाम क्षेत्र की सातों गलियां श्रद्धालुओं से पटी रहीं, वहीं दूकानों पर जुटी ग्राहकों की भीड़ देख दूकानदार भी गदगद दिखाई दिए। नवरात्र मेले के तहत पूरे विंध्याचल क्षेत्र में कहीं दर्शन-पूजन तो कहीं वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन-अनुष्ठान आदि चल रहा है।
निरंतर बज रहे घंटा-घड़ियाल, शंख, नगाड़ा और मां के जयकारे से पूरा धाम परिसर गुंजायमान हो रहा था। विंध्याचल मंदिर की छत पर जगह-जगह बैठकर साधक साधना करने में तल्लीन दिखाई दिए, वहीं शहनाई की धुन पर मुंडन व जनेऊ संस्कार चलता रहा। मेला प्रभारी सीओ सिटी कुलभूषण ओझा ने बताया कि तीसरे दिन कुल ढाई लाख लोगों ने मां का दर्शन किया।
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नवरात्र मेले के तीसरे दिन विंध्यधाम सहित अष्टभुजा और कालीखोह सहित विंध्य की पहाड़ियों पर विराजमान समस्त देवी-देवताओं के मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। रविवार की भोर से मंदिरों में दर्शनार्थियों के आने का क्रम शुरू हुआ जो मध्य रात्रि तक अनवरत चलता रहा।
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गंगा स्नान करने के बाद विंध्य दरबार पहुंचे श्रद्धालुओं ने बड़े ही श्रद्धाभाव से मां के भव्य स्वरूप का दर्शन-पूजन कर मंगलकामना की, वहीं दूरदराज से आई महिलाओं ने मां को हलवा-पूड़ी का भोग लगा कर पूजन-अर्चन कर घर में सुख-समृद्धि की कामना की। आरती के समय मां का कपाट बंद होेते ही कतार में जो भक्त जहां खड़े थे, वहीं बैठ कर कपाट खुलने का इंतजार करते रहे।
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नवरात्र के तीसरे दिन भक्तों की भारी भीड़ के चलते विंध्यधाम क्षेत्र की सातों गलियां श्रद्धालुओं से पटी रहीं, वहीं दूकानों पर जुटी ग्राहकों की भीड़ देख दूकानदार भी गदगद दिखाई दिए। नवरात्र मेले के तहत पूरे विंध्याचल क्षेत्र में कहीं दर्शन-पूजन तो कहीं वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन-अनुष्ठान आदि चल रहा है।
निरंतर बज रहे घंटा-घड़ियाल, शंख, नगाड़ा और मां के जयकारे से पूरा धाम परिसर गुंजायमान हो रहा था। विंध्याचल मंदिर की छत पर जगह-जगह बैठकर साधक साधना करने में तल्लीन दिखाई दिए, वहीं शहनाई की धुन पर मुंडन व जनेऊ संस्कार चलता रहा। मेला प्रभारी सीओ सिटी कुलभूषण ओझा ने बताया कि तीसरे दिन कुल ढाई लाख लोगों ने मां का दर्शन किया।