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युवा शक्ति को कौशल और ज्ञान से सशक्त बनाना जरूरी : प्रो. हरिकेश
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संगोष्ठी को संबोधित करते प्रोफेसर हरिकेश सिंह सोशल मीडिया
मिर्जापुर। मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय के सभागार में बुधवार को युवा विकास, कौशल संवर्धन एवं व्यक्तित्व निर्माण’ विषय पर विशिष्ट व्याख्यान हुआ। मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता जय प्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा, के पूर्व कुलपति प्रो. हरिकेश सिंह रहे। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति को कौशल और ज्ञान से सशक्त बनाना समय की आवश्यकता है।
शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद वंदे मातरम् का सामूहिक गायन हुआ। विश्वविद्यालय के सभी अधिष्ठाताओं ने मुख्य अतिथि प्रो. हरिकेश सिंह का माल्यार्पण कर स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्य अतिथि का परिचय विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. शोभा गौड़ ने दिया।
प्रो. हरिकेश सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि उन्हें ज्ञान, कौशल, रचनात्मकता, आत्मविश्वास एवं जिम्मेदारी से युक्त व्यक्तित्व के रूप में विकसित करना है। उन्होंने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति है।
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उन्होंने विद्यार्थियों को बदलती वैश्विक परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को तैयार करने तथा निरंतर नए कौशल सीखने के लिए प्रेरित किया। विषयगत ज्ञान के साथ संचार कौशल, नेतृत्व क्षमता, समय प्रबंधन, सकारात्मक सोच, अनुशासन, रचनात्मकता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे गुणों का विकास भी आवश्यक है।
प्रो. सिंह ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों एवं उसकी मूल भावना पर प्रकाश डाला। कुलपति प्रो. शोभा गौड़ ने मुख्य अतिथि को सम्मानित किया।
कार्यक्रम में प्रो. गौरी शंकर द्विवेदी, प्रो. देवेंद्र पांडेय, प्रो. अशोक सिंह, प्रो. सूबेदार यादव, कुलसचिव राम नरायन, परीक्षा नियंत्रक हरीश चंद्र, सहायक कुलसचिव अखिलेश कुमार मिश्र व अन्य उपस्थित रहे। कुलसचिव राम नरायन ने आभार ज्ञापन किया।
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शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद वंदे मातरम् का सामूहिक गायन हुआ। विश्वविद्यालय के सभी अधिष्ठाताओं ने मुख्य अतिथि प्रो. हरिकेश सिंह का माल्यार्पण कर स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्य अतिथि का परिचय विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. शोभा गौड़ ने दिया।
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प्रो. हरिकेश सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि उन्हें ज्ञान, कौशल, रचनात्मकता, आत्मविश्वास एवं जिम्मेदारी से युक्त व्यक्तित्व के रूप में विकसित करना है। उन्होंने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति है।
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उन्होंने विद्यार्थियों को बदलती वैश्विक परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को तैयार करने तथा निरंतर नए कौशल सीखने के लिए प्रेरित किया। विषयगत ज्ञान के साथ संचार कौशल, नेतृत्व क्षमता, समय प्रबंधन, सकारात्मक सोच, अनुशासन, रचनात्मकता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे गुणों का विकास भी आवश्यक है।
प्रो. सिंह ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों एवं उसकी मूल भावना पर प्रकाश डाला। कुलपति प्रो. शोभा गौड़ ने मुख्य अतिथि को सम्मानित किया।
कार्यक्रम में प्रो. गौरी शंकर द्विवेदी, प्रो. देवेंद्र पांडेय, प्रो. अशोक सिंह, प्रो. सूबेदार यादव, कुलसचिव राम नरायन, परीक्षा नियंत्रक हरीश चंद्र, सहायक कुलसचिव अखिलेश कुमार मिश्र व अन्य उपस्थित रहे। कुलसचिव राम नरायन ने आभार ज्ञापन किया।