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Mirzapur News: मोटेे अनाजों की खेती पर दिया जोर
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मिर्जापुर। आत्मनिर्भर कृषक समन्वित विकास योजना के तहत बुधवार को आयुक्त सभागार में मंडलायुक्त की अध्यक्षता में कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) की मंडल स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान मंडलायुक्त डाॅ. मथु कुमार स्वामी बी ने एफपीओ की महत्ता एवं कृषकों की आय में वृद्धि के लिए लघु एवं सीमांत किसानों के अलावा छोटे उत्पादकों को एक मंच पर लाकर व्यवसाय के रूप में स्थापित करने के बारे में चर्चा की। उन्होंने मोटे अनाज की खेती पर भी जोर दिया।
मंडलायुक्त ने विशेषकर सोनभद्र एवं मिर्जापुर में कम वर्षा होने एवं भूगर्भ जल स्तर नीचे जाने को देखते हुए किसानों को कम पानी वाले फसलों की खेती पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों एवं एफपीओ के प्रतिनिधियों को मृदा एवं जल संरक्षण को चुनौती के रूप में लेते हुए इसके प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। कहा कि किसानों को बाजार में मांग के अनुसार खेती करने की विधियों तथा मार्केटिंग, एक्सपोर्ट, बैंक ऋण, पूंजी लगाने आदि के बारे में जानकारी प्रदान की जानी चाहिए। उन्होंने कम वर्षा वाले क्षेत्रों में परंपरागत खेती की बजाय मिलेट्स (मोटे अनाज) की खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया। सीडीओ विशाल कुमार ने गौ आधारित प्राकृतिक खेती तथा मिलेट्स (मोटे अनाज) की पैकेजिंग, ग्रेडिंग, मार्केटिंग आदि योजना बनाकर काम करने पर बल दिया। भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान वाराणसी के वरिष्ठ वैज्ञानिक ने एफपीओ के मुख्य उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए छोटे किसानों के सामाजिक स्तर को ऊपर उठाने पर जोर दिया। ताकि मांग के अनुसार वैज्ञानिक विधि से खेती कर किसान अपने पैरों पर खड़े हो सकें। कार्यशाला में उप निदेशक कृषि विकेश कुमार पटेल, भदोही एवं सोनभद्र के एफपीओ के प्रतिनिधि के अलावा कई विभागों के अधिकारियों ने विभागीय योजनाओं पर चर्चा की।
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मंडलायुक्त ने विशेषकर सोनभद्र एवं मिर्जापुर में कम वर्षा होने एवं भूगर्भ जल स्तर नीचे जाने को देखते हुए किसानों को कम पानी वाले फसलों की खेती पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों एवं एफपीओ के प्रतिनिधियों को मृदा एवं जल संरक्षण को चुनौती के रूप में लेते हुए इसके प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। कहा कि किसानों को बाजार में मांग के अनुसार खेती करने की विधियों तथा मार्केटिंग, एक्सपोर्ट, बैंक ऋण, पूंजी लगाने आदि के बारे में जानकारी प्रदान की जानी चाहिए। उन्होंने कम वर्षा वाले क्षेत्रों में परंपरागत खेती की बजाय मिलेट्स (मोटे अनाज) की खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया। सीडीओ विशाल कुमार ने गौ आधारित प्राकृतिक खेती तथा मिलेट्स (मोटे अनाज) की पैकेजिंग, ग्रेडिंग, मार्केटिंग आदि योजना बनाकर काम करने पर बल दिया। भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान वाराणसी के वरिष्ठ वैज्ञानिक ने एफपीओ के मुख्य उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए छोटे किसानों के सामाजिक स्तर को ऊपर उठाने पर जोर दिया। ताकि मांग के अनुसार वैज्ञानिक विधि से खेती कर किसान अपने पैरों पर खड़े हो सकें। कार्यशाला में उप निदेशक कृषि विकेश कुमार पटेल, भदोही एवं सोनभद्र के एफपीओ के प्रतिनिधि के अलावा कई विभागों के अधिकारियों ने विभागीय योजनाओं पर चर्चा की।
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