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Mirzapur News: निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मियों ने किया प्रदर्शन
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मिर्जापुर। विद्युत निगम के निजीकरण के खिलाफ विभाग के कर्मचारियों ने शनिवार को मुख्य अभियंता वितरण कार्यालय के समक्ष विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने निजीकरण के प्रस्ताव को वापस लेने की मांग की।
इस दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने विभाग की परिसंपत्तियों का मूल्यांकन कर उसे सार्वजनिक करने की मांग की। साथ ही निजीकरण की किसी भी प्रक्रिया से पहले बिजली उपभोक्ताओं और कर्मचारियों की राय लेने की भी मांग की। उनका कहना था कि बिजली क्षेत्र में सबसे बड़े स्टेक होल्डर उपभोक्ता व कर्मचारी हैं। इसलिए बिना उनकी राय लिए निजीकरण की प्रक्रिया नहीं शुरू की जानी चाहिए। वक्ताओं का कहना था कि निजीकरण से कर्मचारियों की सेवा शर्तें तो प्रभावित होती ही हैं, इसका दुष्प्रभाव आम घरेलू उपभोक्ताओं, किसानों और गरीबों पर पड़ता है। उनका कहना था कि आगरा व ग्रेटर नोएडा में किए गए प्रयोगों की विफलता की समीक्षा किया जाना जरूरी है। इस दौरान कर्मचारियों ने आम जनता और कर्मचारियों के हित में बिजली विभाग के निजीकरण के विरोध का संकल्प लिया। कहा कि लोकतांत्रिक ढंग से निजीकरण का विरोध किया जाएगा। प्रदर्शन में मनीष कुमार श्रीवास्तव, विनीत मिश्रा, दीपक सिंह, प्रदीप कुमार मौर्य, सरोज कुमार पाल, शैलेश कुमार मौर्य, रमेश कुमार, शैलेंद्र कुमार, बृजेश दुबे, महेश्वर सिंह, अनूप सिंह, विनीत सिंह, संतोष यादव, रामाशीष कुमार सिंह आदि शामिल थे। इससे पहले एसडीएम सदर गुलाब चंद्र और सीओ सदर अमर बहादुर ने आंदोलन को देखते हुए पुरजागीर उपकेंद्र का निरीक्षण किया।
उधर, जिले की सभी चारों तहसीलों में स्थित विद्युत उपकेंद्रों पर लेखपालों और पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगा दी गई है। लालगंज एसडीएम आसाराम वर्मा ने बताया कि सभी विद्युत उपकेंद्रों पर लेखपालों की शिफ्टवार ड्यूटी लगाई गई है। मड़िहान एसडीएम युगांतर त्रिपाठी ने बताया कि सभी उपकेंद्रों पर दो-दो पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
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इस दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने विभाग की परिसंपत्तियों का मूल्यांकन कर उसे सार्वजनिक करने की मांग की। साथ ही निजीकरण की किसी भी प्रक्रिया से पहले बिजली उपभोक्ताओं और कर्मचारियों की राय लेने की भी मांग की। उनका कहना था कि बिजली क्षेत्र में सबसे बड़े स्टेक होल्डर उपभोक्ता व कर्मचारी हैं। इसलिए बिना उनकी राय लिए निजीकरण की प्रक्रिया नहीं शुरू की जानी चाहिए। वक्ताओं का कहना था कि निजीकरण से कर्मचारियों की सेवा शर्तें तो प्रभावित होती ही हैं, इसका दुष्प्रभाव आम घरेलू उपभोक्ताओं, किसानों और गरीबों पर पड़ता है। उनका कहना था कि आगरा व ग्रेटर नोएडा में किए गए प्रयोगों की विफलता की समीक्षा किया जाना जरूरी है। इस दौरान कर्मचारियों ने आम जनता और कर्मचारियों के हित में बिजली विभाग के निजीकरण के विरोध का संकल्प लिया। कहा कि लोकतांत्रिक ढंग से निजीकरण का विरोध किया जाएगा। प्रदर्शन में मनीष कुमार श्रीवास्तव, विनीत मिश्रा, दीपक सिंह, प्रदीप कुमार मौर्य, सरोज कुमार पाल, शैलेश कुमार मौर्य, रमेश कुमार, शैलेंद्र कुमार, बृजेश दुबे, महेश्वर सिंह, अनूप सिंह, विनीत सिंह, संतोष यादव, रामाशीष कुमार सिंह आदि शामिल थे। इससे पहले एसडीएम सदर गुलाब चंद्र और सीओ सदर अमर बहादुर ने आंदोलन को देखते हुए पुरजागीर उपकेंद्र का निरीक्षण किया।
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उधर, जिले की सभी चारों तहसीलों में स्थित विद्युत उपकेंद्रों पर लेखपालों और पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगा दी गई है। लालगंज एसडीएम आसाराम वर्मा ने बताया कि सभी विद्युत उपकेंद्रों पर लेखपालों की शिफ्टवार ड्यूटी लगाई गई है। मड़िहान एसडीएम युगांतर त्रिपाठी ने बताया कि सभी उपकेंद्रों पर दो-दो पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
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