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Mirzapur News: इमरजेंसी रोस्टिंग के नात पर तीन घंटे कम मिल रही बिजली
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जिले में इन दिनों बिजली की कटौती हो रही है। नगर में तीन से चार तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 10 से 12 घंटे की कटौती हो रही है। इमरजेंसी रोस्टिंग के नाम पर कभी भी बिजली कट जा रही है। जिले के सभी 75 फीडरों पर बिजली कटौती हो रही है। कटौती के विरोध में चेतगंज आदि जगहों पर प्रदर्शन भी हो चुका है।
नगर, मंडल मुख्यालय भी है, यहां 24 घंटे विद्युत आपूर्ति का निर्देश है। इसके बाद भी तीन से चार घंटे की कटौती हो रही है। पिछले दिनों लगातार बारिश से मौसम ठंडा था तो उपभोक्ताओं को समस्या नहीं हुई लेकिन अब तेज धूप में परेशानी बढ़ रही है। हलिया : बिजली कटौती से पेयजल की समस्या है। ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे की जगह लगभग 9 घंटे बिजली मिल रही है। पांच घंटे रात तथा चार घंटे दिन में बिजली मिल रही है। बिजली संबंधी कारोबार ठप हो गए हैं।
पटेहरा : बिजली कटौती का कोई समय नहीं है। 18 घंटे की जगह 10 से 12 घंटे बिजली मिल रही है। लालगंज : क्षेत्र के तीन उपकेंद्र पतार कला, लालगंज व लहंगपुर के सभी ग्रामीण फीडरों में विद्युत कटौती हो रही है। गांवों में 12 घंटे से 14 घंटे तक कटौती हो जा रही है। कटौती का कोई समय नहीं है।
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राजगढ़ : क्षेत्र में शाम होते ही बिजली कटौती हो जाती है। छह से सात घंटे बिजली कटौती हो रही है। जमुई : क्षेत्र में दस से बारह घंटे तक ही विद्युत आपूर्ति हो पा रही है। 5 घंटे रात तथा बाकी दिन में बिजली मिल रही है। बिजली से संबंधित काम प्रभावित हैं। कछवां : विद्युत उपखंड क्षेत्र में लगातार दो दिनों से बिजली कटौती से परेशानी बढ़ गई है। मंगलवार से बिजली आपूर्ति प्रभावित है। दिनभर बिजली के आने-जाने का सिलसिला जारी रहने के बाद शाम होते ही दो-दो घंटे की कटौती शुरू हो जाती है। जमालपुर : क्षेत्र में बिजली आने-जाने का समय निश्चित नहीं है। चील्ह : क्षेत्र में बिजली की हालत खराब है। रात में हर दो-तीन घंटे पर एक-दो घंटे के लिए कटौती की जाती है। सीखड़ : विकासखंड क्षेत्र में बमुश्किल 12 घंटे बिजली मिल पा रही है। रात के समय बिना रोस्टर बार-बार बिजली कटौती की जा रही है।
पड़री : अकसौली, देवाही, विद्युत उपकेंद्र से लगभग सौ गांवों को बिजली आपूर्ति होती है। 18 घंटे की जगह 10 से 12 घंटे बिजली मिल पा रही है। रात में तीन से चार घंटे की कटौती से ग्रामीण परेशान है। लो वोल्टेज आम बात है। कपूर अग्रहरी, मुन्नू सिंह, दिनेश गौतम, श्रीनिवास दुबे आदि ने बताया कि विद्युत पोल एवं तार के जर्जर होने से बिजली गुल होना यहां आम बात हो गई है।
बिजली की कमी की मुख्य वजह कोयले की समस्या बताई जा रही है। इससे उत्पादन और आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है। जानकारी के मुताबिक जिले में प्रतिमाह 125 मिलियन यूनिट बिजली की खपत होती है। प्रतिदिन लगभग चार मिलियन यूनिट की खपत होती है। इसमें प्रतिदिन एक मिलियन यूनिट कम बिजली जिले को मिल रही है। इससे यह समस्या आ रही है।
बिजली कटौती से जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। रात के समय विशेष परेशानी होती है। खाना व सोना मुश्किल हो गया है। - विनोद कुमार यादव, कोलाही, छानबे।
रात होते ही बिजली कट जाती है। उमस व मच्छरों से सोना मुहाल हो जाता है। इससे दिन भर कामकाज पर असर पड़ता है। - गुलाम रसूल, विजयपुर छानबे।
इस समय विद्युत वितरण में कुछ समस्या है। इसकी वजह से कटौती हो जाती है। हालांकि बहुत अधिक समस्या नहीं है। - अंकुर अवस्थी, अधीक्षण अभियंता, मिर्जापुर विद्युत मंडल।
बिजली की समस्या है। इसके लिए इमरजेंसी रोस्टिंग के लिए कहा गया है। हालांकि इसकी जरूरत कम पड़ती है। - अभय शंकर द्विवेदी, अधिशासी अभियंता प्रेषण।
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नगर, मंडल मुख्यालय भी है, यहां 24 घंटे विद्युत आपूर्ति का निर्देश है। इसके बाद भी तीन से चार घंटे की कटौती हो रही है। पिछले दिनों लगातार बारिश से मौसम ठंडा था तो उपभोक्ताओं को समस्या नहीं हुई लेकिन अब तेज धूप में परेशानी बढ़ रही है। हलिया : बिजली कटौती से पेयजल की समस्या है। ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे की जगह लगभग 9 घंटे बिजली मिल रही है। पांच घंटे रात तथा चार घंटे दिन में बिजली मिल रही है। बिजली संबंधी कारोबार ठप हो गए हैं।
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पटेहरा : बिजली कटौती का कोई समय नहीं है। 18 घंटे की जगह 10 से 12 घंटे बिजली मिल रही है। लालगंज : क्षेत्र के तीन उपकेंद्र पतार कला, लालगंज व लहंगपुर के सभी ग्रामीण फीडरों में विद्युत कटौती हो रही है। गांवों में 12 घंटे से 14 घंटे तक कटौती हो जा रही है। कटौती का कोई समय नहीं है।
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राजगढ़ : क्षेत्र में शाम होते ही बिजली कटौती हो जाती है। छह से सात घंटे बिजली कटौती हो रही है। जमुई : क्षेत्र में दस से बारह घंटे तक ही विद्युत आपूर्ति हो पा रही है। 5 घंटे रात तथा बाकी दिन में बिजली मिल रही है। बिजली से संबंधित काम प्रभावित हैं। कछवां : विद्युत उपखंड क्षेत्र में लगातार दो दिनों से बिजली कटौती से परेशानी बढ़ गई है। मंगलवार से बिजली आपूर्ति प्रभावित है। दिनभर बिजली के आने-जाने का सिलसिला जारी रहने के बाद शाम होते ही दो-दो घंटे की कटौती शुरू हो जाती है। जमालपुर : क्षेत्र में बिजली आने-जाने का समय निश्चित नहीं है। चील्ह : क्षेत्र में बिजली की हालत खराब है। रात में हर दो-तीन घंटे पर एक-दो घंटे के लिए कटौती की जाती है। सीखड़ : विकासखंड क्षेत्र में बमुश्किल 12 घंटे बिजली मिल पा रही है। रात के समय बिना रोस्टर बार-बार बिजली कटौती की जा रही है।
पड़री : अकसौली, देवाही, विद्युत उपकेंद्र से लगभग सौ गांवों को बिजली आपूर्ति होती है। 18 घंटे की जगह 10 से 12 घंटे बिजली मिल पा रही है। रात में तीन से चार घंटे की कटौती से ग्रामीण परेशान है। लो वोल्टेज आम बात है। कपूर अग्रहरी, मुन्नू सिंह, दिनेश गौतम, श्रीनिवास दुबे आदि ने बताया कि विद्युत पोल एवं तार के जर्जर होने से बिजली गुल होना यहां आम बात हो गई है।
बिजली की कमी की मुख्य वजह कोयले की समस्या बताई जा रही है। इससे उत्पादन और आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है। जानकारी के मुताबिक जिले में प्रतिमाह 125 मिलियन यूनिट बिजली की खपत होती है। प्रतिदिन लगभग चार मिलियन यूनिट की खपत होती है। इसमें प्रतिदिन एक मिलियन यूनिट कम बिजली जिले को मिल रही है। इससे यह समस्या आ रही है।
बिजली कटौती से जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। रात के समय विशेष परेशानी होती है। खाना व सोना मुश्किल हो गया है। - विनोद कुमार यादव, कोलाही, छानबे।
रात होते ही बिजली कट जाती है। उमस व मच्छरों से सोना मुहाल हो जाता है। इससे दिन भर कामकाज पर असर पड़ता है। - गुलाम रसूल, विजयपुर छानबे।
इस समय विद्युत वितरण में कुछ समस्या है। इसकी वजह से कटौती हो जाती है। हालांकि बहुत अधिक समस्या नहीं है। - अंकुर अवस्थी, अधीक्षण अभियंता, मिर्जापुर विद्युत मंडल।
बिजली की समस्या है। इसके लिए इमरजेंसी रोस्टिंग के लिए कहा गया है। हालांकि इसकी जरूरत कम पड़ती है। - अभय शंकर द्विवेदी, अधिशासी अभियंता प्रेषण।