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डॉक्टरों की कमी से ऑनलाइन इलाज की व्यवस्था हुई बेपटरी

Mon, 13 Jun 2022 12:21 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 13 Jun 2022 12:21 AM IST
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Due to the lack of doctors, the system of online treatment was derailed
घर बैठे डॉक्टर की सलाह और उपचार के लिए मंडलीय अस्पताल में शुरू की गई ई-संजीवनी व्यवस्था बेपटरी हो गई है। लंबे समय से लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसका मुख्य कारण ई-संजीवनी की ओपीडी में डॉक्टरों की कमी बताई जा रही है। पांच पदों में सिर्फ एक डॉक्टर तैनात है। इस चलते अधिकांश समय टेली मेडिसिन की सुविधा बंद ही रहती है।
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कई महीने पहले ई-संजीवनी नाम से टेलीमेडिसिन की शुरुआत की गई थी। मंडलीय अस्पताल में इसके लिए ओपीडी कक्ष बनाया गया है। कोविड काल के दौरान अस्पताल में मरीजों की भीड़ न लगे, इसके लिए यह सुविधा शुरू की गई थी। इस व्यवस्था से प्रदेश के सभी जिलों में डॉक्टरों को जोड़ा गया था। मिर्जापुर के मंडलीय अस्पताल में शुुरुआत में दो डॉक्टर डॉ. अश्वनी कुमार सिंह और डॉ. विद्या कुशवाहा को नवंबर 2020 में तैनात किया गया था। डॉ. अश्वनी कुमार सिंह ने तैनाती के एक माह बाद ही इस्तीफा दे दिया। इससे यह पद खाली हो गया। ई-संजीवनी ओपीडी में पांच पदों में से सिर्फ एक पर डॉ. विद्या कुशवाहा ही तैनात है। इस कारण से पिछले डेढ़ वर्ष से ई-संजीवनी से ऑनलाइन उपचार की व्यवस्था बाधित होती चली गई। ई-संजीवनी की ओपीडी में अधिकांश समय तो ताला लटका रहता है। कक्ष में डॉक्टर के अलावा अन्य स्टाफ की तैनाती नहीं होने से भी परेशानी होती थी। इस कारण से इस सुविधा का समुचित लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। ई संजीवनी के मैनेजर अनुज ठाकुर का कहना है कि निजी कारणों से डॉ. विद्या कुशवाहा भी छोड़ने वाली हैं। ऐसे में यह व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो जाएगी। ई-संजीवनी एप के जरिए उपचार के लिए कक्ष में चार कंप्यूटर लगे हैं। जिसको नेट से जोड़ा गया है। सोमवार से शनिवार तक सुबह नौ से शाम पांच बजे तक एप और पोर्टल के जरिए लॉग इन कर डॉक्टर से वीडियो कालिंग या मैसेज के माध्यम से मरीज उपचार के लिए सलाह ले सकते हैं। इसमें जनरल फिजिशियन, स्त्री रोग, बाल रोग, हृदय रोग, नाक, कान गला आदि के डॉक्टर अलग-अलग समय पर ऑनलाइन सेवा के लिए उपलब्ध मिलेंगे। मंडलीय अस्पताल के एसआईसी डॉ.आलोक का कहना है कि चिकित्सालय में ई-संजीवनी हब बनाया गया है। इसमें पांच डॉक्टरों की तैनाती होनी है। काफी समय से एक डॉक्टर की तैनाती होने से यह पूर्ण रूप से नहीं चल पा रहा है। परंतु जल्द ही इसमें डाक्टरों की तैनाती की जाएगी। जिसके बाद लोगों को पूर्ण रूप से इस सुविधा का लाभ मिलने लगेगा।
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