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घाटों की सीढ़ियां डूबीं कटान का बढ़ा खतरा
ब्यूरो/ अमर उजाला/ मिर्जापुर
Updated Sat, 09 Jul 2016 12:31 AM IST
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Sustained growth of the water level of the Ganges
- फोटो : mirzapur
गंगा का जलस्तर निरंतर बढ़ने से तटवर्तीय इलाके के ग्रामीणों को बाढ़ की चिंता सताने लगी है। शुक्रवार की सुबह आठ बजे 66.400 मीटर गंगा का जलस्तर रिकार्ड किया गया, जबकि गुरुवार को गंगा का जलस्तर 65.090 रहा।
शुक्रवार को गंगा का जलस्तर पांच सेंटीमीटर प्रति घंटे के हिसाब से बढ़ रही हैं। गंगा का जलस्तर बढ़ने से जहां घाट की सीड़ियां डूबती जा रही है, वहीं कटान का भी खतरा बन गया है।
विगत दिनाें से गंगा का जलस्तर बढ़ने से गंगा से सटे गांवों के ग्रामीणाें की धुकधुकी बढ़ने लगी है। कुछ इलाकों के ग्रामीण गंगा के बहाव को देखकर बाढ़ से निपटने की तैयारियों में जुट गए हैं।
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ला प्रशासन बाढ़ से निपटने के लिए अधिकारियों की बैठक कर रणनीति तैयार करने का दावा कर रही है, बावजूद इसके गंगा में नावों के संचालन पर रोक नहीं लगा है। लोग जान जोखिम में डालकर इस पार से उस पार और उस पार से इस पर नावों के माध्यम से जाने जाने में लगे हुए हैं।
गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखने शुक्रवार को नगर के प्रमुख गंगा घाटों पर लोगाें की भीड़ एकत्रित हो गई। गंगा का पानी अचानक तेजी से बढ़ने के कारण जहां गंगा तट पर स्थित प्राचीन मंदिराें पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं, वहीं कटान का भी खतरा बना हुआ है।
संबंधित विभाग ने बताया कि भारी बारिश होने के बाद गंगा में पानी मध्य प्रदेश के टौंस नदी से छोड़ा जा रहा है। वर्तमान समय में गंगा पांच सेंटीमीटर प्रति घंटे के हिसाब से बढ़ रही हैं, जो घटने का नाम नहीं ले रहा है। जिले के छानबे, कोन, पहाड़ी, सीखड़, चुनार, नरायनपुर आदि ब्लाकों के तटवर्तीय इलाके के ग्रामीण गंगा का बहाव देखकर चिंतित होने लगे हैं
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शुक्रवार को गंगा का जलस्तर पांच सेंटीमीटर प्रति घंटे के हिसाब से बढ़ रही हैं। गंगा का जलस्तर बढ़ने से जहां घाट की सीड़ियां डूबती जा रही है, वहीं कटान का भी खतरा बन गया है।
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विगत दिनाें से गंगा का जलस्तर बढ़ने से गंगा से सटे गांवों के ग्रामीणाें की धुकधुकी बढ़ने लगी है। कुछ इलाकों के ग्रामीण गंगा के बहाव को देखकर बाढ़ से निपटने की तैयारियों में जुट गए हैं।
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ला प्रशासन बाढ़ से निपटने के लिए अधिकारियों की बैठक कर रणनीति तैयार करने का दावा कर रही है, बावजूद इसके गंगा में नावों के संचालन पर रोक नहीं लगा है। लोग जान जोखिम में डालकर इस पार से उस पार और उस पार से इस पर नावों के माध्यम से जाने जाने में लगे हुए हैं।
गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखने शुक्रवार को नगर के प्रमुख गंगा घाटों पर लोगाें की भीड़ एकत्रित हो गई। गंगा का पानी अचानक तेजी से बढ़ने के कारण जहां गंगा तट पर स्थित प्राचीन मंदिराें पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं, वहीं कटान का भी खतरा बना हुआ है।
संबंधित विभाग ने बताया कि भारी बारिश होने के बाद गंगा में पानी मध्य प्रदेश के टौंस नदी से छोड़ा जा रहा है। वर्तमान समय में गंगा पांच सेंटीमीटर प्रति घंटे के हिसाब से बढ़ रही हैं, जो घटने का नाम नहीं ले रहा है। जिले के छानबे, कोन, पहाड़ी, सीखड़, चुनार, नरायनपुर आदि ब्लाकों के तटवर्तीय इलाके के ग्रामीण गंगा का बहाव देखकर चिंतित होने लगे हैं