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Mirzapur News: गरज-चमक के साथ हुई बूंदाबांदी, 3 डिग्री पारा लुढ़का
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मिर्जापुर। जिले में चार दिन बाद फिर से मौसम बदल गया। बृहस्पतिवार को सुबह कई इलाकों में गरज चमक के साथ बूंदाबांदी हुई, जिससे तीन डिग्री तक तापमान लुढ़क गया। हालांकि कुछ देर बाद ही बारिश थमने से किसानों ने राहत की सांस ली लेकिन दिन भर आसमान में बादल छाए रहे। मौसम को देखते हुए किसानों ने फसलों की कटाई और मड़ाई का काम तेज कर दिया है।
बुधवार की रात से भोर तक आसमान में बादल छाए रहे। बृहस्पतिवार को सुबह कई इलाकों तेज हवा और गरज-चमक के साथ कुछ देर तक बारिश हुई। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहा। एक दिन पहले बुधवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस था।
उधर, बूंदाबांदी थमने के बाद किसान खेत और खलिहान में पड़ीं फसलों को सहेजने में जुटे रहे। छानबे, हलिया, लालगंज, राजगढ़, पटेहरा, पहाड़ी, ड्रमंडगंज, चुनार आदि इलाकों में अगैती जौ, सरसों, चना, मटर, मसूर आदि की फसलें पक कर तैयार हो गई हैं। फसलों की कटाई और मड़ाई के काम तेजी से चल रहा है। उप कृषि निदेशक विकेश कुमार सिंह पटेल ने मामूली बूंदाबांदी से फसलों पर खास फर्क नहीं पड़ेगा। यदि हवा के साथ तेज बारिश हुई, तो पिछैती फसलों को नुकसान हो सकता है। ग्रामीण कृषि मौसम सेवा, भू भौतिकी विभाग, बीएचयू वाराणसी के मौसम वैज्ञानिक शिवमंगल सिंह ने बताया तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण तेजी से मौसम बदल रहा है। अभी दो दिन तक आसमान में बादल रहेंगे लेकिन तेज बारिश की संभावना नहीं है।
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बुधवार की रात से भोर तक आसमान में बादल छाए रहे। बृहस्पतिवार को सुबह कई इलाकों तेज हवा और गरज-चमक के साथ कुछ देर तक बारिश हुई। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहा। एक दिन पहले बुधवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस था।
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उधर, बूंदाबांदी थमने के बाद किसान खेत और खलिहान में पड़ीं फसलों को सहेजने में जुटे रहे। छानबे, हलिया, लालगंज, राजगढ़, पटेहरा, पहाड़ी, ड्रमंडगंज, चुनार आदि इलाकों में अगैती जौ, सरसों, चना, मटर, मसूर आदि की फसलें पक कर तैयार हो गई हैं। फसलों की कटाई और मड़ाई के काम तेजी से चल रहा है। उप कृषि निदेशक विकेश कुमार सिंह पटेल ने मामूली बूंदाबांदी से फसलों पर खास फर्क नहीं पड़ेगा। यदि हवा के साथ तेज बारिश हुई, तो पिछैती फसलों को नुकसान हो सकता है। ग्रामीण कृषि मौसम सेवा, भू भौतिकी विभाग, बीएचयू वाराणसी के मौसम वैज्ञानिक शिवमंगल सिंह ने बताया तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण तेजी से मौसम बदल रहा है। अभी दो दिन तक आसमान में बादल रहेंगे लेकिन तेज बारिश की संभावना नहीं है।
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