मिर्जापुर। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने पहले दिए गए निर्देशों के अनुरूप जरूरी कदम नहीं उठाने पर सीएमओ समेत 10 अधिकारियों का वेतन रोक दिया है।
बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पोषण समिति व जिला स्तरीय कन्वर्जन समिति तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए गठित चयन समिति के अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान यह कार्रवाई की। डीएम ने आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण पूरा होने के बाद भी विद्युतीकरण न होने, प्राथमिक विद्यालयों के ऊपर से गुजर रहे तारों को नहीं हटवाने पर विद्युत निगम के खंड प्रथम व द्वितीय के अभियंताओं का वेतन वेतन रोक दिया। जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की टीम नियमानुसार न जाने, बीडीओ द्वारा निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्रों या लर्निंग लैब के निर्माण में प्रगति नहीं लाए जाने तथा पूरे हो चुके केंद्राें को हस्तांतरित नहीं किए जाने पर कड़ी नाराजगी जतायी। उन्होंने सीएमओ, डिप्टी सीएमओ, बीएसए, जिला कार्यक्रम अधिकारी, डीपीआरओ, सीडीपीओ मड़िहान, बीडीओ मड़िहान, पटेहरा व छानबे का भी वेतन रोक दिया। सीएमओ से जिलाधिकारी ने कहा कि सभी प्राथमिक विद्यालयों व आंगनबाड़ी केंद्रों में आरबीएसके की टीम रोस्टर के अनुसार भेजवाना सुनिश्चित करें। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों में ही छोटे बच्चों को टीम की तरफ से आयरन का सिरप अभिभावक को उपलब्ध कराएं। विद्यालयों के ऊपर से गुजरे बिजली के तारों को हटवाने के संबंध में बीएसए ने बताया कि 38 विद्यालयों की सूची विद्युत निगम को उपलब्ध कराई है। जिसमें 16 पर से ही तार हटवाए गए हैं। ब्लॉकवार लर्निंग लैब के निर्माण में प्रगति की समीक्षा की। जिलाधिकारी ने जिन ग्राम पंचायतों के प्राथमिक विद्यालयों में जमीन उपलब्ध हो वहां तथा आसपास गांवों में आंगनबाड़ी केंद्र के लिए प्रस्ताव तैयार कर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।