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Mirzapur News: डीएम ने एसडीएम, लेखपाल, थानाध्यक्ष से मांगा स्पष्टीकरण
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मिर्जापुर। जिले के सभी थानों में शनिवार को आयोजित समाधान दिवस में दो लेखपालों के अलावा एसडीएम तथा विंध्याचल थानाध्यक्ष पर कार्रवाई की गई। थाना समाधान दिवस में नहीं आने पर जिलाधिकारी ने एक लेखपाल का एक दिन का वेतन रोक दिया। इसके अलावा जिलाधिकारी ने शिकायत का गुणवत्तापूर्ण निपटारा नहीं होने पर एसडीएम सदर, विंध्याचल थानाध्यक्ष और एक लेखपाल से स्पष्टीकरण भी मांग लिया। रजिस्टर में कमी मिलने पर भी जिलाधिकारी ने विंध्याचल थानाध्यक्ष से स्पष्टीकरण मांगा।
मंडलायुक्त डाॅ. मुथुकुमार स्वामी बी और डीआईजी आरपी सिंह ने देहात कोतवाली में लोगों की शिकायतें सुनीं। जमीन से जुड़े मामलों का निपटारा न होने पर करनपुर चौकी प्रभारी को उन्होंने कड़ी फटकार लगाई। देहात कोतवाली में अधिकांश शिकायतें जमीन संबंधी विवाद से संबंधित आईं। इस पर उन्होंने लेखपाल और पुलिस टीम भेजकर समस्या का समाधान कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे विवादों में आपस में बात करके निपटारा कराएं। लेखपालों को उन्होंने निर्देशित किया कि शिकायतों के निपटारे की फाइनल रिपोर्ट भेजने से पहले मौके पर जाकर दोनों पक्षों को बुलाकर बात जरूर करें। जिलाधिकारी ने प्रियंका निरंजन ने विंध्याचल थाने में शिकायतें सुनीं। शिकायतें सुनने के बाद उन्होंने शिकायत रजिस्टर का अवलोकन किया। रजिस्टर में कमी मिलने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई और कमियां दूर करने की हिदायत दी।
थाना समाधान दिवस पर लेखपाल प्रांजल उपाध्याय अनुपस्थित रहे। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए एक दिन का वेतन रोकने के साथ ही स्पष्टीकरण भी मांगा। उन्होंने कानूनगो और लेखपालों को निर्देश दिया कि आईजीआरएस से संबंधित मामलों को गंभीरता से लेते हुए राजस्व के मामलों में नजरी-नक्शा के साथ रिपोर्ट अपलोड करना सुनिश्चित करें। विंध्याचल में शिकायत आख्या रजिस्टर का अवलोकन करने पर पता चला कि रिपोर्ट देने वाले अधिकारी के हस्ताक्षर और दिनांक अंकित नहीं है। इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए उन्होंने पुलिस अधीक्षक से संबंधित थानाध्यक्ष से स्पष्टीकरण तलब करने तथा कमियां दूर कराने को कहा। थाना समाधान दिवस पर प्राप्त प्रार्थना पत्रों का गुणवत्तापूर्ण निपटारा नहीं होने पर जिलाधिकारी ने एसडीएम सदर तथा विंध्याचल थानाध्यक्ष के अलावा एक लेखपाल से स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने यह निर्देश भी दिया कि जिला बदर आरोपियों के नाम संबंधित थानों में अवश्य चस्पा कराएं।
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जिले के 18 थानों में आयोजित समाधान दिवस में कुल 161 शिकायतें आईं। इनमें से 61 शिकायतों का निपटारा किया गया। शहर कोतवाली में आई छह शिकायतों में से चार, कटरा कोतवाली में आठ में से एक, देहात कोतवाली में 24 में से तीन, चील्ह में 11 में से नौ, कछवां में 11 में से एक, पड़री में 12 में से 11, लालगंज में आठ में से तीन शिकायतों का निपटारा किया गया। इसी तरह से हलिया में पांच में से एक, जिगना में 15 में से छह, संतनगर में दो में से एक, चुनार में दो में से दो, अदलहाट में 16 में से सात, मड़िहान में सात में से चार, राजगढ़ में चार में से एक, अहरौरा में पांच में से चार, विंध्याचल में 23 में से तीन मामलों का निपटारा किया गया। ड्रमंडगंज में दो शिकायतों में से एक का भी निपटारा नहीं हुआ। जमालपुर थाने में एक भी शिकायत नहीं आई। चुनार कोतवाली में सीओ अशोक कुमार सिंह ने समस्याएं सुनीं। मड़िहान में थानाध्यक्ष प्रदीप सिंह ने लोगों की शिकायतें सुनीं। हलिया में नायब तहसीलदार लालगंज मधू जैन ने शिकायतें सुनीं। राजगढ़ में थानाध्यक्ष विजय शंकर सिंह ने शिकायतें सुनीं। जिगना में एसडीएम सदर आशाराम वर्मा ने शिकायतें सुनीं।
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मंडलायुक्त डाॅ. मुथुकुमार स्वामी बी और डीआईजी आरपी सिंह ने देहात कोतवाली में लोगों की शिकायतें सुनीं। जमीन से जुड़े मामलों का निपटारा न होने पर करनपुर चौकी प्रभारी को उन्होंने कड़ी फटकार लगाई। देहात कोतवाली में अधिकांश शिकायतें जमीन संबंधी विवाद से संबंधित आईं। इस पर उन्होंने लेखपाल और पुलिस टीम भेजकर समस्या का समाधान कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे विवादों में आपस में बात करके निपटारा कराएं। लेखपालों को उन्होंने निर्देशित किया कि शिकायतों के निपटारे की फाइनल रिपोर्ट भेजने से पहले मौके पर जाकर दोनों पक्षों को बुलाकर बात जरूर करें। जिलाधिकारी ने प्रियंका निरंजन ने विंध्याचल थाने में शिकायतें सुनीं। शिकायतें सुनने के बाद उन्होंने शिकायत रजिस्टर का अवलोकन किया। रजिस्टर में कमी मिलने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई और कमियां दूर करने की हिदायत दी।
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थाना समाधान दिवस पर लेखपाल प्रांजल उपाध्याय अनुपस्थित रहे। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए एक दिन का वेतन रोकने के साथ ही स्पष्टीकरण भी मांगा। उन्होंने कानूनगो और लेखपालों को निर्देश दिया कि आईजीआरएस से संबंधित मामलों को गंभीरता से लेते हुए राजस्व के मामलों में नजरी-नक्शा के साथ रिपोर्ट अपलोड करना सुनिश्चित करें। विंध्याचल में शिकायत आख्या रजिस्टर का अवलोकन करने पर पता चला कि रिपोर्ट देने वाले अधिकारी के हस्ताक्षर और दिनांक अंकित नहीं है। इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए उन्होंने पुलिस अधीक्षक से संबंधित थानाध्यक्ष से स्पष्टीकरण तलब करने तथा कमियां दूर कराने को कहा। थाना समाधान दिवस पर प्राप्त प्रार्थना पत्रों का गुणवत्तापूर्ण निपटारा नहीं होने पर जिलाधिकारी ने एसडीएम सदर तथा विंध्याचल थानाध्यक्ष के अलावा एक लेखपाल से स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने यह निर्देश भी दिया कि जिला बदर आरोपियों के नाम संबंधित थानों में अवश्य चस्पा कराएं।
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जिले के 18 थानों में आयोजित समाधान दिवस में कुल 161 शिकायतें आईं। इनमें से 61 शिकायतों का निपटारा किया गया। शहर कोतवाली में आई छह शिकायतों में से चार, कटरा कोतवाली में आठ में से एक, देहात कोतवाली में 24 में से तीन, चील्ह में 11 में से नौ, कछवां में 11 में से एक, पड़री में 12 में से 11, लालगंज में आठ में से तीन शिकायतों का निपटारा किया गया। इसी तरह से हलिया में पांच में से एक, जिगना में 15 में से छह, संतनगर में दो में से एक, चुनार में दो में से दो, अदलहाट में 16 में से सात, मड़िहान में सात में से चार, राजगढ़ में चार में से एक, अहरौरा में पांच में से चार, विंध्याचल में 23 में से तीन मामलों का निपटारा किया गया। ड्रमंडगंज में दो शिकायतों में से एक का भी निपटारा नहीं हुआ। जमालपुर थाने में एक भी शिकायत नहीं आई। चुनार कोतवाली में सीओ अशोक कुमार सिंह ने समस्याएं सुनीं। मड़िहान में थानाध्यक्ष प्रदीप सिंह ने लोगों की शिकायतें सुनीं। हलिया में नायब तहसीलदार लालगंज मधू जैन ने शिकायतें सुनीं। राजगढ़ में थानाध्यक्ष विजय शंकर सिंह ने शिकायतें सुनीं। जिगना में एसडीएम सदर आशाराम वर्मा ने शिकायतें सुनीं।