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Mirzapur News: जिला पंचायत ने 400 लोगों को जारी किया नोटिस
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मिर्जापुर। जिला पंचायत की तरफ से ग्रामीण क्षेत्र के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को कर चुकाने के लिए नोटिस जारी किया है। पहले चरण में 400 बकाएदारों को नोटिस जारी किया गया है। अभी जिन लोगों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें चार हजार से अधिक के बकाएदार शामिल हैं।
जिला पंचायत ने ग्रामीण क्षेत्रों में भवन बनवाने पर टैक्स न चुकाने वालों को नोटिस जारी किया है। विशेषकर जिनकी दुकान है अथवा कोई अन्य व्यावसायिक गतिविधि जिन भवनों में चल रही है, उनको कर जमा करने को कहा गया है। फिलहाल 400 बकाएदारों को नोटिस जारी किया गया है। इन पर एक करोड़ से अधिक कर बकाया है। नियमत: भवन निर्माण से पूर्व जिला पंचायत से उसके लिए नक्शा पास कराना होगा। इसके लिए अब ग्रामीणों को भी अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी। ग्रामीणों को आवासीय भवन बनवाने के लिए 25 रुपये प्रति वर्ग मीटर और व्यवसायिक भवन के लिए 50 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से शुल्क का भुगतान करना होगा। ज्ञात हो, नगर पालिका क्षेत्र में भवन निर्माण के लिए विकास प्राधिकरण से नक्शा बनवाना पड़ता है। इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों में भवन निर्माण से पूर्व जिला पंचायत से नक्शा बनवाना पड़ता है, लेकिन जानकारी के अभाव में अधिकतर लोग नक्शा पास नहीं करा पाते हैं। इसके चलते प्रति वर्ष जिला पंचायत को राजस्व का नुकसान उठाना पड़ता है। आय बढ़ाने के लिए जिला पंचायत अब भवन निर्माण कराने वाले ग्रामीणों से भी शुल्क वसूल करेगा। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी उपेंद्र कुमार ने बताया कि सर्वे कराकर भवनों को चिह्नित किया जा रहा है। अभी तक टैक्स न देने वाले व्यावसायिक, प्लाटिंग करने वाले, बड़ी कंपनियों के एजेंसीधारकों की सूची तैयार की जा रही है। अभियान चलाकर ऐसे भवनों को टैक्स के दायरे में शामिल किया जाएगा, ताकि जिला पंचायत की आय बढ़ सके।
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जिला पंचायत ने ग्रामीण क्षेत्रों में भवन बनवाने पर टैक्स न चुकाने वालों को नोटिस जारी किया है। विशेषकर जिनकी दुकान है अथवा कोई अन्य व्यावसायिक गतिविधि जिन भवनों में चल रही है, उनको कर जमा करने को कहा गया है। फिलहाल 400 बकाएदारों को नोटिस जारी किया गया है। इन पर एक करोड़ से अधिक कर बकाया है। नियमत: भवन निर्माण से पूर्व जिला पंचायत से उसके लिए नक्शा पास कराना होगा। इसके लिए अब ग्रामीणों को भी अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी। ग्रामीणों को आवासीय भवन बनवाने के लिए 25 रुपये प्रति वर्ग मीटर और व्यवसायिक भवन के लिए 50 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से शुल्क का भुगतान करना होगा। ज्ञात हो, नगर पालिका क्षेत्र में भवन निर्माण के लिए विकास प्राधिकरण से नक्शा बनवाना पड़ता है। इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों में भवन निर्माण से पूर्व जिला पंचायत से नक्शा बनवाना पड़ता है, लेकिन जानकारी के अभाव में अधिकतर लोग नक्शा पास नहीं करा पाते हैं। इसके चलते प्रति वर्ष जिला पंचायत को राजस्व का नुकसान उठाना पड़ता है। आय बढ़ाने के लिए जिला पंचायत अब भवन निर्माण कराने वाले ग्रामीणों से भी शुल्क वसूल करेगा। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी उपेंद्र कुमार ने बताया कि सर्वे कराकर भवनों को चिह्नित किया जा रहा है। अभी तक टैक्स न देने वाले व्यावसायिक, प्लाटिंग करने वाले, बड़ी कंपनियों के एजेंसीधारकों की सूची तैयार की जा रही है। अभियान चलाकर ऐसे भवनों को टैक्स के दायरे में शामिल किया जाएगा, ताकि जिला पंचायत की आय बढ़ सके।
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