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मिर्जापुर: अभी भी गंगा में गिर रहा 17 नालों का गंदा पानी

Tue, 21 Feb 2023 06:30 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 21 Feb 2023 06:30 AM IST
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Dirty water of 17 drains still falling in Ganga
मिर्जापुर। गंगा प्रदूषण् नियंत्रण इकाई की ओर से नगर क्षेत्र के गंदे पानी की निकासी करने वाले नालों को टैप करने की परियोजना शुरू की गई है। 129 करोड़ की इस परियोजना से नगर क्षेत्र से निकलने वाले गंदे पानी को शोधित कर गंगा में गिराया जाएगा। नमामि गंगे की तहत होने वाले इस कार्य को जनवरी 2024 तक पूरा करने की योजना है।
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नगर क्षेत्र में 27 नालों के जरिये गंदे पानी को गंगा नदी में पहुंचाया जाता है। तमाम प्रयासों के बाद भी वर्तमान में गंगा में 17 अनटैप्ड नालों से गंदा पानी बिना शोधित किए ही गिर रहा है। हालांकि 10 टैप्ड नालों का लगभग 16.58 एमएलडी पानी शोधित करके गंगा में गिराया जा रहा है। 17 अनटैप्ड नालों से लगभग 14 मिलियन लीटर गंदा पानी बिना शोधित किए ही गिर रहा है।
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जिले के कई उद्योगों में ईटीपी स्थापित किया गया है, जिनमें नालों के द्वारा पानी को गंगा में निस्तारित किया जाता है। गंगा को निर्मल बनाने के लिए किनारे के 67 गांवों में प्रशिक्षण दिया गया है। जिले में निकलने वाले गंदे पानी का निस्तारण आज भी गंगा में गिराकर ही किया जा रहा है, जो एक बड़ी समस्या बनी हुई है।
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नगर में बनने वाले तीन एसटीपी से नगर के नालों का गंदा पानी शोधित किया जाएगा। हालांकि इसमें से विंध्याचल में बनने वाला सात एमएलडी का एसटीपी शुरू हो गया है। इसके अतिरिक्त पक्का पोखरा और विसुंदरपुर में दो नए एसपीटी निर्माणाधीन है। इनमें से प्रत्येक साढ़े आठ एमएलडी का है। पक्का पोखरा में पहले से ही 14 एमएलडी का एसटीपी गंदे पानी का ट्रीटमेंट कर रहा है। जब यह तीनों एसटीपी शुरू हो जाएंगे तो गंगा में गिरने वाले पानी की गंदगी काफी हद तक साफ हो सकेगी।

नगर में अमृत योजना के तहत सीवर लाइन बिछाने का काम किया जा रहा है। इस सीवर से नगर के प्रत्येक घरों को जोड़ दिया जाएगा। इसके बाद घरों से निकलने वाला गंदा पानी भी सीवर के माध्यम से एसटीपी तक पहुंचेगा और वहां पर उसका शोधन होगा। उसके बाद शोधित पानी को गंगा नदी में गिराया जाएगा। इससे नालों का गंदा पानी काफी हद तक कम हो जाएगा और गंगा निर्मलीकरण का उद्देश्य भी पूरा होगा। गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के अधिशासी अभियंता आशीष कुमार ने बताया कि शीघ्र ही सभी नालों को टैप कर दिया जाएगा। इससे प्रदूषण पर काफी हद तक नियंत्रण हो सकेगा।
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