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चिलचिलाती धूप में बाहर निकलना दूभर
ब्यूरो मिर्जापुर अमर उजाला
Updated Tue, 12 May 2015 12:56 AM IST
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चिलचिलाती धूप में लोगों का घर से निकलना दूभर हो गया है। निरंतर पारा चढ़ने से जहां एक ओर उमस भरी गर्मी में लोग पसीने-पसीने हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बेहिसाब बिजली कटौती से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
सुबह, दोपहर, शाम एवं रात्रिकालीन रुक-रुक कर हो रही बिजली कटौती से लोगों का हाल बेहाल हो गया है।
भीषण गर्मी के चलते घर से निकलने के समय लोग अपने शरीर को कपड़े से पूरी तरह से ढंक ले रहे हैं।
तल्ख धूप की किरणों के कारण महिलाएं व बालिकाएं हाथो में ग्लब्स और चेहरा ढंक कर धूप से बचने के लिए छाता लेकर निकल रही हैं।
सोमवार को सुबह नौ बजे के बाद से ही सूरज की तल्ख किरणें झुलसा देने वाली थीं। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, वैसे-वैसे गर्मी और उसम अपने चरम पर पहुंच गई थी।
भीषण गर्मी के चलते जहां एक ओर ग्रामीण अंचलों के तालाबों से पानी गायब हो गया है तथा तालाबों की तलहटियों से धूल उड़ रही है, जिससे मवेशियों के हलक की प्यास भी नहीं बुझ पा रही है।
दोपहर में गर्मी अपने चरम पर रहने के कारण नगरीय इलाकों सहित ग्राम्यांचलों में सियापा पसर जा रहा है। जनपद में की जा रही अघोषित बिजली कटौती दाद में खाज का काम कर रही है।
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विद्युत विभाग द्वारा रोस्टर के अनुरूप बिजली आपूर्ति नहीं किए जाने से जनजीवन बेहाल नजर आ रहा है। बिजली कटौती के कारण जहां एक ओर पंखे, कूलर, फ्रिज एवं एसी शोपीस बन गए हैं, वहीं रात्रिकालीन बिजली कटौती होने से लोग चैन की नींद सो नहीं पा रहे हैं।
सुबह, दोपहर, शाम एवं रात्रिकालीन रुक-रुक कर हो रही बिजली कटौती से लोगों का हाल बेहाल हो गया है।
भीषण गर्मी के चलते घर से निकलने के समय लोग अपने शरीर को कपड़े से पूरी तरह से ढंक ले रहे हैं।
तल्ख धूप की किरणों के कारण महिलाएं व बालिकाएं हाथो में ग्लब्स और चेहरा ढंक कर धूप से बचने के लिए छाता लेकर निकल रही हैं।
सोमवार को सुबह नौ बजे के बाद से ही सूरज की तल्ख किरणें झुलसा देने वाली थीं। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, वैसे-वैसे गर्मी और उसम अपने चरम पर पहुंच गई थी।
भीषण गर्मी के चलते जहां एक ओर ग्रामीण अंचलों के तालाबों से पानी गायब हो गया है तथा तालाबों की तलहटियों से धूल उड़ रही है, जिससे मवेशियों के हलक की प्यास भी नहीं बुझ पा रही है।
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दोपहर में गर्मी अपने चरम पर रहने के कारण नगरीय इलाकों सहित ग्राम्यांचलों में सियापा पसर जा रहा है। जनपद में की जा रही अघोषित बिजली कटौती दाद में खाज का काम कर रही है।
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विद्युत विभाग द्वारा रोस्टर के अनुरूप बिजली आपूर्ति नहीं किए जाने से जनजीवन बेहाल नजर आ रहा है। बिजली कटौती के कारण जहां एक ओर पंखे, कूलर, फ्रिज एवं एसी शोपीस बन गए हैं, वहीं रात्रिकालीन बिजली कटौती होने से लोग चैन की नींद सो नहीं पा रहे हैं।