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देवी धाम में दर्शन के लिए उमड़े
ब्यूरो/अमर उजाला/ मिर्जापुर
Updated Sun, 29 Nov 2015 12:30 AM IST
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पावन विंध्याचल दरबार में शनिवार को मां विंध्यवासिनी के भव्य स्वरूप का दर्शन-पूजन करने श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
मंदिर पहुंचे आस्थावानों ने बड़े ही श्रद्धाभाव से मत्था टेक सुख-समृद्धि के लिए कामना की। घंटा-घड़ियाल, शंख और माता के जयकारे से पूरा धाम गुंजायमान हो रहा था।
मंदिर के छत पर जहां साधक, साधना करने में तल्लीन दिखाई दिए, वहीं मुंडन संस्कार का दौर अनवरत चला।
विंध्य दरबार में अल-सुबह से ही दर्शनार्थियों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो देर रात तक अनवरत चलता रहा। मंदिर की तरफ जाने वाली समस्त गलियां श्रद्धालुओं से पटी रहीं, वहीं दुकानों पर नारियल-चुनरी, माला-फूल एवं प्रसाद की खरीददारी करने के लिए भक्तों का तांता लगा रहा।
गंगा में डुबकी लगाने के बाद मां के धाम पहुंचे भक्तजनों ने बड़े ही श्रद्धाभाव से मां के दिव्य स्वरूप का दर्शन-पूजन किया। फूलों से किया गया मां विंध्यवासिनी देवी का भव्य श्रृंगार दर्शन पाकर श्रद्धालु भावह्विल हो उठे।
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मंदिर पहुंच कर अधिकांश भक्तों ने मां के भव्य स्वरूप का दर्शन गर्भगृह में जाकर किया तो झांकी से दर्शन करने वालों की भीं लंबी कतार लगी रही।
मां का दर्शन करने के बाद आस्थावानों ने मंदिर में विराजमान समस्त देवी-देवताओं के मंदिरों में भी जाकर विधिवत पूजन-अर्चन किया। मंदिर के गुंबद और हवन कुंड का परिक्रमा करने के लिए बड़ी संख्या में नर-नारी पहुुंचे हुए थे।
विंध्याचल की गलियों और घाटों पर फैली गंदगी के चलते दूरदराज से आए भक्तजनों को असुविधा का भी सामना करना पड़ा।
गंगा स्नान करने के बाद भक्तजन माला-फूल, नारियल-चुनरी सहित डलिया में प्रसाद लिए जगत जननी के दरबार पहुंच कर विधिवत दर्शन-पूजन कर मंगलकामना की।
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मंदिर पहुंचे आस्थावानों ने बड़े ही श्रद्धाभाव से मत्था टेक सुख-समृद्धि के लिए कामना की। घंटा-घड़ियाल, शंख और माता के जयकारे से पूरा धाम गुंजायमान हो रहा था।
मंदिर के छत पर जहां साधक, साधना करने में तल्लीन दिखाई दिए, वहीं मुंडन संस्कार का दौर अनवरत चला।
विंध्य दरबार में अल-सुबह से ही दर्शनार्थियों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो देर रात तक अनवरत चलता रहा। मंदिर की तरफ जाने वाली समस्त गलियां श्रद्धालुओं से पटी रहीं, वहीं दुकानों पर नारियल-चुनरी, माला-फूल एवं प्रसाद की खरीददारी करने के लिए भक्तों का तांता लगा रहा।
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गंगा में डुबकी लगाने के बाद मां के धाम पहुंचे भक्तजनों ने बड़े ही श्रद्धाभाव से मां के दिव्य स्वरूप का दर्शन-पूजन किया। फूलों से किया गया मां विंध्यवासिनी देवी का भव्य श्रृंगार दर्शन पाकर श्रद्धालु भावह्विल हो उठे।
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मंदिर पहुंच कर अधिकांश भक्तों ने मां के भव्य स्वरूप का दर्शन गर्भगृह में जाकर किया तो झांकी से दर्शन करने वालों की भीं लंबी कतार लगी रही।
मां का दर्शन करने के बाद आस्थावानों ने मंदिर में विराजमान समस्त देवी-देवताओं के मंदिरों में भी जाकर विधिवत पूजन-अर्चन किया। मंदिर के गुंबद और हवन कुंड का परिक्रमा करने के लिए बड़ी संख्या में नर-नारी पहुुंचे हुए थे।
विंध्याचल की गलियों और घाटों पर फैली गंदगी के चलते दूरदराज से आए भक्तजनों को असुविधा का भी सामना करना पड़ा।
गंगा स्नान करने के बाद भक्तजन माला-फूल, नारियल-चुनरी सहित डलिया में प्रसाद लिए जगत जननी के दरबार पहुंच कर विधिवत दर्शन-पूजन कर मंगलकामना की।