{"_id":"57c487a54f1c1b634b2cb910","slug":"desecrated-in-hospital-angry-commissioner","type":"story","status":"publish","title_hn":"अस्पताल में बदइंतजामी, बिफरे कमिश्नर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अस्पताल में बदइंतजामी, बिफरे कमिश्नर
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Tue, 30 Aug 2016 12:36 AM IST
विज्ञापन
कमिश्नर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंडलायुक्त रंजन कुमार व प्रभारी डीएम अमित सिंह ने सोमवार को मंडलीय चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। मरीजों ने आपरेशन के लिए पैसा लेने, खाना नहीं देने, चिकित्सकों द्वारा पर्ची वापस करने, ओपीडी से डाक्टर के गायब रहने की शिकायत की। इस उपर उन्होंने प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक (एसआईसी ) फटकार लगाते हुए कहा कि हर तरफ दुर्व्यव्यवस्था है। डाक्टर और कर्मचारी अपने कर्तव्य का सही निर्वहन नहीं कर रहे हैं। इसमें सुधार लाया जाए।
सोमवार दोपहर अचानक मंडलीय चिकित्सालय का निरीक्षण करने पहुंच गए। इमरजेंसी होते हुए तंबाकू नियंत्रण केंद्र में पहुंचे। वहां चिकित्सकों और कर्मचारियों से सवाल पूछे लेकिन कोई जवाब नहीं दे पाया। उन्होंेने जब किसी को कुछ पता ही हीं तो उनकी तैनाती कैसे की गई। प्लास्टर रूम में मरीज ने बताया कि उसने बाहर से एक्सरे कराना और दवा लाना पड़ा।इलाज 15 सौ रुपया खर्च हुए। कमिश्नर से इसकी जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा। राकेश पांडेय निवासी अघवार ने बगैर इलाज के ही पर्चा लौटाने की शिकायत की तो उन्होंने डाक्टर आरके सिंह से इसका कारण पूछा।
डाक्टर ने बताया कि अस्पताल में पांच डाक्टर तैनात हैं लेकिन वह अकेले की दो सौ मरीजों को देखते है। आयुक्त ने तत्काल दो डाक्टरों को उनके कमरे में बैठाने को कहा। उन्होंने कहा कि दोबारा रोगी को बिना देखे लौटाने की शिकायत पर कड़ी कार्रवाई होगी। कुछ डाक्टरों के गायब मिलने पर उनके विरुद्ध कार्रवाई करने को कहा। शौचालयों में गंदगी पसरी होने और आपरेशन के लिए पैसे मांगने की शिकायत पर प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. कामक्षा पांडेय को चेतावनी दी। निरीक्षण के कारण वे डाक्टर भी मौजूद रहे जो जल्दी चले जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सोमवार दोपहर अचानक मंडलीय चिकित्सालय का निरीक्षण करने पहुंच गए। इमरजेंसी होते हुए तंबाकू नियंत्रण केंद्र में पहुंचे। वहां चिकित्सकों और कर्मचारियों से सवाल पूछे लेकिन कोई जवाब नहीं दे पाया। उन्होंेने जब किसी को कुछ पता ही हीं तो उनकी तैनाती कैसे की गई। प्लास्टर रूम में मरीज ने बताया कि उसने बाहर से एक्सरे कराना और दवा लाना पड़ा।इलाज 15 सौ रुपया खर्च हुए। कमिश्नर से इसकी जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा। राकेश पांडेय निवासी अघवार ने बगैर इलाज के ही पर्चा लौटाने की शिकायत की तो उन्होंने डाक्टर आरके सिंह से इसका कारण पूछा।
विज्ञापन
डाक्टर ने बताया कि अस्पताल में पांच डाक्टर तैनात हैं लेकिन वह अकेले की दो सौ मरीजों को देखते है। आयुक्त ने तत्काल दो डाक्टरों को उनके कमरे में बैठाने को कहा। उन्होंने कहा कि दोबारा रोगी को बिना देखे लौटाने की शिकायत पर कड़ी कार्रवाई होगी। कुछ डाक्टरों के गायब मिलने पर उनके विरुद्ध कार्रवाई करने को कहा। शौचालयों में गंदगी पसरी होने और आपरेशन के लिए पैसे मांगने की शिकायत पर प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. कामक्षा पांडेय को चेतावनी दी। निरीक्षण के कारण वे डाक्टर भी मौजूद रहे जो जल्दी चले जाते हैं।
विज्ञापन