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रंग, उमंग में रहे सराबोर
ब्यूरो/ अमर उजाला/ मिर्जापुर
Updated Wed, 15 Mar 2017 12:00 AM IST
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उमंग, भंग की तरंग और फाग गीताें के संग पूरे जनपद में होली उल्लास से मनाई गई। लोगाें ने एक-दूसरे को रंग से सराबोर कर दिया। शाम को अबीर-गुलाल की होली खेली गई।
रंगों का त्योहार होली सोमवार को जनपद में सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया गया। बच्चों व युवाआें सहित बुजुर्गों ने भी एक दूसरे को रंगाें से सराबोर कर जमकर मस्ती की। होलिका दहन के साथ ही होली के हुड़दंग का सिलसिला शुरू हो गया जो सोमवार को दोपहर बाद तक चलता रहा। सुबह से ही बच्चे रंग और पिचकारी लेकर होली खेलने के लिए मचलने लगे थे। बच्चाें संग युवाओं की टोली होली खेलने निकली तो हर गली में हुड़दंग शुरू हो गई। जो घर से बाहर निकला लाल, पीला, हरा, गुलाबी होता गया। जो घरों में छुपे रहे उनकी भी खैर नहीं थी। खोजखोज कर हर किसी को रंगा गया।
नगर में विभिन्न इलाकाें से गाजे-बाजे के साथ होली की बारात निकाली गईं। फाग गाते हुए लोग एक-दूसरे के घर पहुंचकर होली खेली। बच्चाें व युवाआें की टोली नाचते-गाते एक दूसरे को रंगाें से भिगोया और फिल्मी होली गीतों पर जमकर थिरके। होली पर बच्चाें का उत्साह देखते ही बन रहा था।
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सुबह होली खेलने के बाद सांयकाल बच्चों संग युवा नए-नए परिधान पहनकर अबीर-गुलाल लेकर घरों से निकले और लोगाें के माथे पर अबीर लगाने के बाद गले मिलकर त्योहार की बधाई दी। घरों में गुझिया, पापड़, चिप्स, दही बड़ा, छोला-चाट और ठंडई जैसे सहित विविध प्रकार के लजीज व्यंजनाें से मेहमानाें का स्वागत किया गया। होली के दिन जगह-जगह लोगाें के लिए जगह-जगह भांग व ठंडई की भी व्यवस्था की गई थी। लोगों ने गले मिलकर एक दूसरे को बधाई दी। सुरक्षा-व्यवस्था के मद्देनजर नगरीय इलाकों में पुलिस के जवान भ्रमण कर सुरक्षा का जायजा लेते रहे।
रंगों का त्योहार होली सोमवार को जनपद में सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया गया। बच्चों व युवाआें सहित बुजुर्गों ने भी एक दूसरे को रंगाें से सराबोर कर जमकर मस्ती की। होलिका दहन के साथ ही होली के हुड़दंग का सिलसिला शुरू हो गया जो सोमवार को दोपहर बाद तक चलता रहा। सुबह से ही बच्चे रंग और पिचकारी लेकर होली खेलने के लिए मचलने लगे थे। बच्चाें संग युवाओं की टोली होली खेलने निकली तो हर गली में हुड़दंग शुरू हो गई। जो घर से बाहर निकला लाल, पीला, हरा, गुलाबी होता गया। जो घरों में छुपे रहे उनकी भी खैर नहीं थी। खोजखोज कर हर किसी को रंगा गया।
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नगर में विभिन्न इलाकाें से गाजे-बाजे के साथ होली की बारात निकाली गईं। फाग गाते हुए लोग एक-दूसरे के घर पहुंचकर होली खेली। बच्चाें व युवाआें की टोली नाचते-गाते एक दूसरे को रंगाें से भिगोया और फिल्मी होली गीतों पर जमकर थिरके। होली पर बच्चाें का उत्साह देखते ही बन रहा था।
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सुबह होली खेलने के बाद सांयकाल बच्चों संग युवा नए-नए परिधान पहनकर अबीर-गुलाल लेकर घरों से निकले और लोगाें के माथे पर अबीर लगाने के बाद गले मिलकर त्योहार की बधाई दी। घरों में गुझिया, पापड़, चिप्स, दही बड़ा, छोला-चाट और ठंडई जैसे सहित विविध प्रकार के लजीज व्यंजनाें से मेहमानाें का स्वागत किया गया। होली के दिन जगह-जगह लोगाें के लिए जगह-जगह भांग व ठंडई की भी व्यवस्था की गई थी। लोगों ने गले मिलकर एक दूसरे को बधाई दी। सुरक्षा-व्यवस्था के मद्देनजर नगरीय इलाकों में पुलिस के जवान भ्रमण कर सुरक्षा का जायजा लेते रहे।