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दहेज हत्या में पति को सात वर्ष की कैद
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मिर्जापुर। चील्ह थाना क्षेत्र के तिलठी गांव में दहेज के लिए विवाहिता को आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी पाते हुए आरोपी पति को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सात वर्ष के कठोर कारावास के साथ आठ हजार के अर्थ दंड से दंडित करने की सजा सुनाई। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम जितेंद्र मिश्रा की अदालत ने सजा सुनाते हुए पति को जेल भेजने का आदेश दिया। वहीं चार सह अभियुक्तों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
कछवां थाना क्षेत्र के सबेसर गांव निवासी साजन कुमार ने अपनी बहन कुसुम देवी का विवाह चील्ह थाना क्षेत्र के तिलठी गांव निवासी ओमप्रकाश पुत्र लौधर से किया था। भाई साजन ने 14 नवंबर 2011 को चील्ह थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि ससुराल वाले दहेज में 50 हजार रुपये की मांग कर रहे थे। ससुराल वालों को समझाया पर वे नहीं माने। ससुराल से पति ओम प्रकाश, ससुुर लौधर, सास बुधना देवी, जेठ जय प्रकाश, देवर महेश ने धमकी दिया कि जब तक 50 हजार रुपये लेकर नहीं आओगे तो कुसुम को विदा नहीं करेंगे। ससुराल वालों की धमकी के बाद वह पैसे की जुगत में लग गया। इस बीच ससुराल वालों ने कुसुम को जलाकर मार डाला। पुलिस ने दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर सभी आरोपियों को जेल भेजने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता सच्चिदानंद तिवारी ने गवाहों को परीक्षित कराया। अधिवक्ताओं की दलील और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने पति ओम प्रकाश को विवाहिता को आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषसिद्ध पाते हुए सात वर्ष की कठोर कारावास के साथ आठ हजार के अर्थदंड से दंडित कर जेल भेज दिया। वहीं अन्य आरोपी ससुुर लौधर, सास बुधना देवी, जेठ जय प्रकाश, देवर महेश को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
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कछवां थाना क्षेत्र के सबेसर गांव निवासी साजन कुमार ने अपनी बहन कुसुम देवी का विवाह चील्ह थाना क्षेत्र के तिलठी गांव निवासी ओमप्रकाश पुत्र लौधर से किया था। भाई साजन ने 14 नवंबर 2011 को चील्ह थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि ससुराल वाले दहेज में 50 हजार रुपये की मांग कर रहे थे। ससुराल वालों को समझाया पर वे नहीं माने। ससुराल से पति ओम प्रकाश, ससुुर लौधर, सास बुधना देवी, जेठ जय प्रकाश, देवर महेश ने धमकी दिया कि जब तक 50 हजार रुपये लेकर नहीं आओगे तो कुसुम को विदा नहीं करेंगे। ससुराल वालों की धमकी के बाद वह पैसे की जुगत में लग गया। इस बीच ससुराल वालों ने कुसुम को जलाकर मार डाला। पुलिस ने दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर सभी आरोपियों को जेल भेजने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता सच्चिदानंद तिवारी ने गवाहों को परीक्षित कराया। अधिवक्ताओं की दलील और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने पति ओम प्रकाश को विवाहिता को आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषसिद्ध पाते हुए सात वर्ष की कठोर कारावास के साथ आठ हजार के अर्थदंड से दंडित कर जेल भेज दिया। वहीं अन्य आरोपी ससुुर लौधर, सास बुधना देवी, जेठ जय प्रकाश, देवर महेश को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
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