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तारों को बचाने के लिए पेड़ों की कटाई-छंटाई
ब्यूरो/ अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Tue, 14 Jun 2016 12:34 AM IST
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लालडिग्गी रोड पर नीम के पेड़ की छंटाई करता मजदूर। बिजली विभाग मानसून को लेकर तैयारी में जुटा है।
- फोटो : mirzapur
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बिजली विभाग मानसून से पूर्व अपनी तैयारियों में जुट गया। तारों के ऊपर से गुजर रही पेड़ों की डालियों को कांटा छांटा जा रहा है। ताकि आंधी पानी से यह डालियां तारों को नुकसान न पहुंचा सके। ऐसे में फाल्ट की दिक्कतें नहीं आ सकेंगी और तार भी सुरक्षित हो जाएंगे।
बता दें कि बरसात के दिनों में आंधी पानी आने पर अक्सर बिजली गुल हो जाती है और पूरी पूरी रात बिजली गायब रहती है। बिजली कटने पर लोगों को उमस भरी गर्मी में जीना मुहाल हो जाता है। इसकी एक खास वजह पेड़ों के पास से गुजरने वाले तार डालियों में फंस कर टूटना होता है, जिससे घंटों विद्युत आपूर्ति बाधित रहती है।
कभी कभी तो ऐसा होता कि अधिक क्षति होने पर दो दो दिन तक बिजली नहीं आती है।
विभाग का मानना है कि इस बार ऐसा नहीं होगा। आंधी पानी के दौरान होने वाली क्षति से बिजली विभाग ने पहले ही निटपने का प्लान बना लिया है। इसके लिए पेड़ों के बीच से या उनके पास से गुजरे तारों को सुरक्षित रखने के लिए डालियों का छंटाई का काम शुरू करा दिया है। जर्जर तारों को बदला जा रहा है। ताकि परेशानी से बचा सके।
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बता दें कि बरसात के दिनों में आंधी पानी आने पर अक्सर बिजली गुल हो जाती है और पूरी पूरी रात बिजली गायब रहती है। बिजली कटने पर लोगों को उमस भरी गर्मी में जीना मुहाल हो जाता है। इसकी एक खास वजह पेड़ों के पास से गुजरने वाले तार डालियों में फंस कर टूटना होता है, जिससे घंटों विद्युत आपूर्ति बाधित रहती है।
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कभी कभी तो ऐसा होता कि अधिक क्षति होने पर दो दो दिन तक बिजली नहीं आती है।
विभाग का मानना है कि इस बार ऐसा नहीं होगा। आंधी पानी के दौरान होने वाली क्षति से बिजली विभाग ने पहले ही निटपने का प्लान बना लिया है। इसके लिए पेड़ों के बीच से या उनके पास से गुजरे तारों को सुरक्षित रखने के लिए डालियों का छंटाई का काम शुरू करा दिया है। जर्जर तारों को बदला जा रहा है। ताकि परेशानी से बचा सके।
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