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Mirzapur News: खाली खेतों करें जायद की खेती, खरीफ में बढ़ेगा उत्पादन
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मिर्जापुर। गेहूं के बाद खाली खेतों में जायद की खेती कर किसान दोहरा लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इससे जहां किसानों को फायदा होगा वहीं खरीफ सीजन में फसलों की पैदावार में 15 से 20 प्रतिशत तक की वृद्धि होगी।
सोमवार को जानकारी देते हुए उप कृषि निदेशक विकेश कुमार सिंह पटेल ने बताया कि कुछ किसान चना और सरसो की कटाई कर चुके होंगे। ऐसे में ज्यादातर खेत खाली रहते हैं। उप कृषि निदेशक ने कहा यदि खरीफ से पहले जायद में उर्द व मूंग की खेती कर दी जाए तो इससे जहां गर्मी के समय किसानों को अतिरिक्त फसल का लाभ मिल सकता वहीं भूमि की उर्वरा शक्ति भी बनी रहेगी। उन्होंने बताया यह सीजन उर्द और मूंग की खेती के लिए उपर्युक्त है। कहा इससे खरीफ की फसल को फायदा तो होगा ही खरीफ की उपज भी 15 से 20 प्रतिशत बढ़ जाएगी।
किसानों को सुझाव देते हुए उप कृषि निदेशक ने बताया प्रत्येक दशा में मूंग की बुवाई 20 गार्च के बाद तथा उर्द की बुवाई अप्रैल के प्रथम सप्ताह तक अवश्य कर दें। इस समय बुवाई के लिए 10 से 12 किलोग्राम बीज को थीरम या कैप्टान फंफूदनाशी की 02 ग्राम मात्रा प्रति किग्रा बीज किसान उपचारित कर लें। मूंग की बेहतर उपज देने वाली प्रजातियों में जानकारी देते हुए उप कृषि निदेशक ने बताया नरेंद्र मूंग-1, विराट, आईपीएम 2 से 3 तथा उर्द की प्रजातियों में पंत उर्द-31, आजाद उर्द-2, प्रताप-1 प्रमुख बीज उपलब्ध हैं।
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सोमवार को जानकारी देते हुए उप कृषि निदेशक विकेश कुमार सिंह पटेल ने बताया कि कुछ किसान चना और सरसो की कटाई कर चुके होंगे। ऐसे में ज्यादातर खेत खाली रहते हैं। उप कृषि निदेशक ने कहा यदि खरीफ से पहले जायद में उर्द व मूंग की खेती कर दी जाए तो इससे जहां गर्मी के समय किसानों को अतिरिक्त फसल का लाभ मिल सकता वहीं भूमि की उर्वरा शक्ति भी बनी रहेगी। उन्होंने बताया यह सीजन उर्द और मूंग की खेती के लिए उपर्युक्त है। कहा इससे खरीफ की फसल को फायदा तो होगा ही खरीफ की उपज भी 15 से 20 प्रतिशत बढ़ जाएगी।
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किसानों को सुझाव देते हुए उप कृषि निदेशक ने बताया प्रत्येक दशा में मूंग की बुवाई 20 गार्च के बाद तथा उर्द की बुवाई अप्रैल के प्रथम सप्ताह तक अवश्य कर दें। इस समय बुवाई के लिए 10 से 12 किलोग्राम बीज को थीरम या कैप्टान फंफूदनाशी की 02 ग्राम मात्रा प्रति किग्रा बीज किसान उपचारित कर लें। मूंग की बेहतर उपज देने वाली प्रजातियों में जानकारी देते हुए उप कृषि निदेशक ने बताया नरेंद्र मूंग-1, विराट, आईपीएम 2 से 3 तथा उर्द की प्रजातियों में पंत उर्द-31, आजाद उर्द-2, प्रताप-1 प्रमुख बीज उपलब्ध हैं।
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