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मोबाइल लोकेशन से पकड़े गए
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर।
Updated Sun, 20 Mar 2016 12:39 AM IST
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हत्या
- फोटो : murder
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मीना हत्याकांड के हत्यारोपी वारदात को अंजाम देने के बाद दूसरे दिन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे थे ताकि उनपर कोई शक नहीं कर सके। दोनों आरोपी शव का पोस्टमार्टम होने के बाद लौट गए। मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच, शहर तथा देहात कोतवाली पुलिस की शक की सुई उस वक्त उनके ऊपर घूमी जब घटना की रात उनके मोबाइल का लोकेशन देर रात तक मीना के घर के पास मिला।
क के आधार पर पुलिस ने जब उनको हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वह काफी देर तक पुलिस को चकमा देते रहे लेकिन देर रात घटना को खोलकर रख दिया। पैसे कहां पर छिपाकर रखे थे इसके बारे में भी बताया।
एसपी अरविंद सेन ने घटना के खुलासे के लिए सीओ कुलभूषण ओझा के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच प्रभारी विजय प्रताप सिंह व कोतवाल डीपी शुक्ला तथा देहात कोतवाली शफीक अहमद की तीन टीम गठित की। टीम सुराग रसी में लगी थी।
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सर्विलांस के जरिए पुलिस को पता लगा कि मीना के करीब दिलीप पटेल व शहनवाज के मोबाइल का लोकेशन 15 मार्च की रात देर रात मीना के घर के पास था। इतना नहीं हीं उन लोगों ने उस दिन मीना से बात भी किया था। इस पर पुलिस उनको खोजने लगी।
पता लगा कि दोनों हत्यारोपी मीना की हत्या करने के बाद दूसरे दिन पोस्टमार्टम हाउस पर दुख जताने पहुंचे थे ताकि उनपर कोई शक नहीं कर सके। शव का पोस्टमार्टम होने के बाद वह लोग घाट पर नहीं गए और वहीं से लौट गए। इस बात की भनक जब पुलिस को लगी तो पुलिस ने घेराबंदी करते हुए उनको गिरफ्तार कर लिया।
कड़ाई से पूछताछ में सारा राज उगल दिया।
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क के आधार पर पुलिस ने जब उनको हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वह काफी देर तक पुलिस को चकमा देते रहे लेकिन देर रात घटना को खोलकर रख दिया। पैसे कहां पर छिपाकर रखे थे इसके बारे में भी बताया।
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एसपी अरविंद सेन ने घटना के खुलासे के लिए सीओ कुलभूषण ओझा के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच प्रभारी विजय प्रताप सिंह व कोतवाल डीपी शुक्ला तथा देहात कोतवाली शफीक अहमद की तीन टीम गठित की। टीम सुराग रसी में लगी थी।
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सर्विलांस के जरिए पुलिस को पता लगा कि मीना के करीब दिलीप पटेल व शहनवाज के मोबाइल का लोकेशन 15 मार्च की रात देर रात मीना के घर के पास था। इतना नहीं हीं उन लोगों ने उस दिन मीना से बात भी किया था। इस पर पुलिस उनको खोजने लगी।
पता लगा कि दोनों हत्यारोपी मीना की हत्या करने के बाद दूसरे दिन पोस्टमार्टम हाउस पर दुख जताने पहुंचे थे ताकि उनपर कोई शक नहीं कर सके। शव का पोस्टमार्टम होने के बाद वह लोग घाट पर नहीं गए और वहीं से लौट गए। इस बात की भनक जब पुलिस को लगी तो पुलिस ने घेराबंदी करते हुए उनको गिरफ्तार कर लिया।
कड़ाई से पूछताछ में सारा राज उगल दिया।