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मृतक को भर्ती करने का आरोप
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर।
Updated Fri, 22 Apr 2016 01:22 AM IST
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जिला चिकित्सालय के इमरजेंसी में तैनात एक डाक्टर ने गुरुवार को एक मृत मरीज को बगैर जांच किए ही भर्ती कर दिया। मामला तब खुला जब वार्ड ब्वाय उसको लेकर अस्पताल के वार्ड में पहुंचा और नर्स उसे पानी चढ़ाने के लिए ग्लूकोज का बोतल लेकर पहुंची। देखा तो मरीज मृत पड़ा था यह देखते ही इसकी जानकारी डाक्टर को दी। मरीज को मृत पाकर डाक्टर इमरजेंसी में आए और फार्मासिस्ट को फटकार लगाने लगे।
बता दें कि लालगंज थाना क्षेत्र के दुबार गांव निवासी शिवपूजन के परिजन उसे लेकर जिला चिकित्सालय इलाज कराने पहुंचे थे। इमरजेंसी में पहुंचकर वहां तैनात डाक्टर से बताया कि चिकित्सालय के एक डाक्टर ने मेरे मरीज को देखकर इसे भर्ती करने के लिए कहा है।
इस पर चिकित्सक ने फार्मासिस्ट से भर्ती परचा बनाकर उसे भर्ती करने के लिए बोल दिया। परिवार वाले मरीज को वार्ड में लेकर पहुंच गए और वहां स्वास्थ्य कर्मियों को भर्ती परची दे दी। नर्स जब ग्लूकोज का बोतल लगाने गई तो देखा कि मरीज मरा हुआ है। यह देखते ही उसने तत्काल डाक्टर को सूचना दी।
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इस पर डाक्टर हांफते हुए पहुंचे और मरीज को चेक किया तो वह मर चुका था। डाक्टर वापस इमरजेंसी में पहुंचे और वहां मौजूद फार्मासिस्ट को फटकार लगाने लगे। कहा कि आपने कैसे भर्ती परची बना दी। इस पर फार्मासिस्ट ने भी डाक्टर से कहा कि चिकित्सक को देखना चाहिए था कि मरीज जिंदा है या मरा हुआ है तब भर्ती के लिए बोलते। फिलहाल इसको लेकर काफी देर तक चिकित्सालय में हड़कंप मचा रहा
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बता दें कि लालगंज थाना क्षेत्र के दुबार गांव निवासी शिवपूजन के परिजन उसे लेकर जिला चिकित्सालय इलाज कराने पहुंचे थे। इमरजेंसी में पहुंचकर वहां तैनात डाक्टर से बताया कि चिकित्सालय के एक डाक्टर ने मेरे मरीज को देखकर इसे भर्ती करने के लिए कहा है।
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इस पर चिकित्सक ने फार्मासिस्ट से भर्ती परचा बनाकर उसे भर्ती करने के लिए बोल दिया। परिवार वाले मरीज को वार्ड में लेकर पहुंच गए और वहां स्वास्थ्य कर्मियों को भर्ती परची दे दी। नर्स जब ग्लूकोज का बोतल लगाने गई तो देखा कि मरीज मरा हुआ है। यह देखते ही उसने तत्काल डाक्टर को सूचना दी।
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इस पर डाक्टर हांफते हुए पहुंचे और मरीज को चेक किया तो वह मर चुका था। डाक्टर वापस इमरजेंसी में पहुंचे और वहां मौजूद फार्मासिस्ट को फटकार लगाने लगे। कहा कि आपने कैसे भर्ती परची बना दी। इस पर फार्मासिस्ट ने भी डाक्टर से कहा कि चिकित्सक को देखना चाहिए था कि मरीज जिंदा है या मरा हुआ है तब भर्ती के लिए बोलते। फिलहाल इसको लेकर काफी देर तक चिकित्सालय में हड़कंप मचा रहा