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ब्लॉक प्रमुख से बंद कमरे में सीबीआई ने की पुछताछ
Updated Tue, 05 Sep 2017 12:23 AM IST
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मिर्जापुर। मनरेगा घोटाले मामले में सीबीआई की डिप्टी एसपी प्रशांत कुमार श्रीवास्तव ने ब्लॉक कार्यालय पर बंद कमरे में ब्लॉक प्रमुख ज्ञानेंद्र सिंह से पूछताछ किया। इसके पूर्व तीन सदस्यीय सीबीआई टीम ने गांवों में जाकर मनरेगा में काम करने वाले श्रमिकों का बयान दर्ज किया। सीबीआई टीम की जांच में तेजी से क्षेत्र व ब्लॉक स्तरीय कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है। सूत्रों की मानें तो सीबीआई और लोगों से भी पूछताछ कर सकती है।
डिप्टी एसपी प्रशांत कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में सीबीआई की तीन सदस्यीय टीम ने सोमवार को श्रमिकों का बयान दर्ज किया। सबसे पहले वर्ष 2008 में पांच लाख 60 हजार की लागत से प्राथमिक विद्यालय दिघुली से 14वां संपर्क मार्ग में निर्माण के दौरान कार्य करने वाले श्रमिकों से पूछताछ किया। सीबीआई ने मटिखना में पांच श्रमिकों का बयान दर्ज किया। इसके बाद सीबीआई ने हथिया बांध में पांच श्रमिकों, लोहरौ गांव में दो श्रमिकों सहित कुल 12 श्रमिकों का बयान दर्ज किया। इसके बाद जांच टीम गढवा गांव पहुंची और वर्ष 2008 में दिघुली गांव में भरकहवा तालाब के गहरीकरण में कार्य करने वाले गढ़वा गांव में 13 श्रमिकों का बयान दर्ज किया। इसके बाद जांच टीम ब्लॉक पहुंची और कागजातों को खंगाला।
डिप्टी एसपी प्रशांत कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में सीबीआई की तीन सदस्यीय टीम ने सोमवार को श्रमिकों का बयान दर्ज किया। सबसे पहले वर्ष 2008 में पांच लाख 60 हजार की लागत से प्राथमिक विद्यालय दिघुली से 14वां संपर्क मार्ग में निर्माण के दौरान कार्य करने वाले श्रमिकों से पूछताछ किया। सीबीआई ने मटिखना में पांच श्रमिकों का बयान दर्ज किया। इसके बाद सीबीआई ने हथिया बांध में पांच श्रमिकों, लोहरौ गांव में दो श्रमिकों सहित कुल 12 श्रमिकों का बयान दर्ज किया। इसके बाद जांच टीम गढवा गांव पहुंची और वर्ष 2008 में दिघुली गांव में भरकहवा तालाब के गहरीकरण में कार्य करने वाले गढ़वा गांव में 13 श्रमिकों का बयान दर्ज किया। इसके बाद जांच टीम ब्लॉक पहुंची और कागजातों को खंगाला।
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