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तिसुही में हुए सडक हादसे में 11वीं मौत
Updated Wed, 13 Dec 2017 12:25 AM IST
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मिर्जापुर। मड़िहान के तिसुही के पास सोमवार की भोर ट्रैैक्टर ट्रक के बीच हुए भिड़ंत में घायल हुई रन्नो देवी ने भी वाराणसी के ट्रामा सेंटर में सोमवार की देर रात दम तोड़ दिया। उसके मौत की खबर लगते ही परिवार में कोहराम मच गया। बता दें कि इस हादसे में यह 11वीं मौत है। दस लोगों की घटना वाले दिन ही मौत हो गई। वहीं मंडलीय चिकित्सालय में भर्ती चल रही तीनों को मंगलवार की दापेहर इलाज के बाद घर भेज दिया गया।
मड़िहान थाना क्षेत्र के तिसुही गांव के पास सोमवार की भोर पांच बजे ट्रैक्टर व ट्रक की भिड़ंत हो गई थी। जिसमें गढ़वा पटेल गांव के तीन परिवारों राधेश्याम, लक्ष्मण, चमरू के नौ तथा एक ट्रक चालक समेत दस की मौत हो गई थी। हादसे में ट्रक चालक मो. उमर व खलासी नूरी मुज्सीम, रन्नो देवी, रीना, सुषमा, हेमलता, आनंद पटेल समेत सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जिन्हें जिला चिकित्सालय भर्ती कराया गया था। हालत गंभीर होने पर रन्नो देवी 40 वर्ष पत्नी गोपाल को वाराणसी के ट्रामा सेंटर भेजा गया था। जहां उपचार के दौरान रन्नों ने सोमवार की देर रात दम तोड़ दिया। सड़क हादसे में एक ही गांव के दस लोगों की मौत होने से गांव के साथ पूरा क्षेत्र गमगीन हो गया है। रन्नो के परिवार में तो कोहराम मच गया। सोमवार की सुबह से विलाप कर रहे परिजनों पर दूसरे दिन भी पहाड़ टूट पड़ा। वह रन्नो की लाश लेने के लिए वाराणसी रवाना हो गए। उधर मंडलीय चिकित्सालय में भर्ती चल रहे सुषमा, हेमलता, रीना व आनंद की हालत में सुधार होने पर चिकित्सकों ने मंगलवार की दोपहर घर भेज दिया गया।
मड़िहान थाना क्षेत्र के तिसुही गांव के पास सोमवार की भोर पांच बजे ट्रैक्टर व ट्रक की भिड़ंत हो गई थी। जिसमें गढ़वा पटेल गांव के तीन परिवारों राधेश्याम, लक्ष्मण, चमरू के नौ तथा एक ट्रक चालक समेत दस की मौत हो गई थी। हादसे में ट्रक चालक मो. उमर व खलासी नूरी मुज्सीम, रन्नो देवी, रीना, सुषमा, हेमलता, आनंद पटेल समेत सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जिन्हें जिला चिकित्सालय भर्ती कराया गया था। हालत गंभीर होने पर रन्नो देवी 40 वर्ष पत्नी गोपाल को वाराणसी के ट्रामा सेंटर भेजा गया था। जहां उपचार के दौरान रन्नों ने सोमवार की देर रात दम तोड़ दिया। सड़क हादसे में एक ही गांव के दस लोगों की मौत होने से गांव के साथ पूरा क्षेत्र गमगीन हो गया है। रन्नो के परिवार में तो कोहराम मच गया। सोमवार की सुबह से विलाप कर रहे परिजनों पर दूसरे दिन भी पहाड़ टूट पड़ा। वह रन्नो की लाश लेने के लिए वाराणसी रवाना हो गए। उधर मंडलीय चिकित्सालय में भर्ती चल रहे सुषमा, हेमलता, रीना व आनंद की हालत में सुधार होने पर चिकित्सकों ने मंगलवार की दोपहर घर भेज दिया गया।
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