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विस्फोटक कारोबार में वर्चस्व के लिए रचा था षडयंत्र
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अहरौरा। अहरौरा के बरबकपुर और वाराणसी के लंका थाना क्षेत्र स्थित सीरगोवर्धन से बरामद विस्फोटक मामले में अहरौरा पुलिस ने मंगलवार को एक आरोपी को उसके घर से दबोच लिया। एसपी मिर्जापुर विपिन मिश्रा ने अहरौरा थाने पर मामले का खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, विस्फोटक का धंधा मंदा होने की वजह से अपने प्रतिद्वंद्वी को फंसाने के लिए ही आरोपी युवक ने षड्यंत्र रचा था। पुलिस ने गिरफ्तार एक आरोपी को जेल भेज दिया है और घटना में शामिल दूसरे आरोपी की तलाश में जुटी हुई हैं। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन को भी खेत से बरामद कर लिया है।
क्षेत्र के बरबकपुर गांव के पास शनिवार की शाम लावारिस हालत में झाड़ियों से लाल बैग में पांच सौ डेटोनेटर को पुलिस ने मोबाइल से मिली सूचना के बाद बरामद किया था। अगले ही दिन वाराणसी के लंका थाना क्षेत्र स्थित सिरगोवर्धन में पुलिस ने 1500 इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर (विस्फोटक) बरामद किया। लगातार दो दिनों तक अलग-अलग जिलों में विस्फोटक मिलने पर पुलिस, एसटीएफ, एटीएस और क्राइम ब्रांच के साथ ही इंटेलिजेंस भी सक्रिय हो गई। मामले कि जांच के दौरान काल ट्रेसकर लोकेशन खंगाला गया तो जिस मोबाइल से पुलिस को सूचना दी गई थी, उसे षड्यंत्रकारी ने बंद कर दिया तब पुलिस को शक हुआ और सर्विलांस के जरिए मोबाइल से फोन करने वाले का पता लगाना शुरू कर दिया। पुलिस ने शक के आधार पर धंधे में शामिल कारोबारी एक युवक को पकड़ लिया और उससे कड़ाई से पूछताछ करना शुरू किया तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। मंगलवार को एसपी मिर्जापुर ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी अदलहाट के रजौली गांव निवासी चंद्रशंकर सिंह पुत्र सुरश्याम सिंह ने ही अपने विरोधी राजेंद्र सिंह और प्रेमशंकर सिंह को फंसाने के लिए उनके गोदाम के गार्ड योगेंद्र प्रसाद पुत्र रामरीत पटेल निवासी रजौली के साथ मिलकर दो हजार डेटोनेटर की चोरी की थी और उसे बरबकपुर के पास और लंका थाना क्षेत्र के सीरगोवर्धन के पास छिपाकर रख दिया था, जिससे विस्फोटक बरामदगी के बाद मैगजीन के लाइसेंसी राजेंद्र सिंह और प्रेमशंकर सिंह फंस जाए और उसका लाइसेंस निरस्त हो जाए। बाद में मात्र उसके द्वारा ही खनन इलाके में फिर से धड़ल्ले से विस्फोटकों की आपूर्ति किया जा सके अंतत: कारोबार में वर्चस्व ने युवक को अपराधी बना दिया।
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क्षेत्र के बरबकपुर गांव के पास शनिवार की शाम लावारिस हालत में झाड़ियों से लाल बैग में पांच सौ डेटोनेटर को पुलिस ने मोबाइल से मिली सूचना के बाद बरामद किया था। अगले ही दिन वाराणसी के लंका थाना क्षेत्र स्थित सिरगोवर्धन में पुलिस ने 1500 इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर (विस्फोटक) बरामद किया। लगातार दो दिनों तक अलग-अलग जिलों में विस्फोटक मिलने पर पुलिस, एसटीएफ, एटीएस और क्राइम ब्रांच के साथ ही इंटेलिजेंस भी सक्रिय हो गई। मामले कि जांच के दौरान काल ट्रेसकर लोकेशन खंगाला गया तो जिस मोबाइल से पुलिस को सूचना दी गई थी, उसे षड्यंत्रकारी ने बंद कर दिया तब पुलिस को शक हुआ और सर्विलांस के जरिए मोबाइल से फोन करने वाले का पता लगाना शुरू कर दिया। पुलिस ने शक के आधार पर धंधे में शामिल कारोबारी एक युवक को पकड़ लिया और उससे कड़ाई से पूछताछ करना शुरू किया तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। मंगलवार को एसपी मिर्जापुर ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी अदलहाट के रजौली गांव निवासी चंद्रशंकर सिंह पुत्र सुरश्याम सिंह ने ही अपने विरोधी राजेंद्र सिंह और प्रेमशंकर सिंह को फंसाने के लिए उनके गोदाम के गार्ड योगेंद्र प्रसाद पुत्र रामरीत पटेल निवासी रजौली के साथ मिलकर दो हजार डेटोनेटर की चोरी की थी और उसे बरबकपुर के पास और लंका थाना क्षेत्र के सीरगोवर्धन के पास छिपाकर रख दिया था, जिससे विस्फोटक बरामदगी के बाद मैगजीन के लाइसेंसी राजेंद्र सिंह और प्रेमशंकर सिंह फंस जाए और उसका लाइसेंस निरस्त हो जाए। बाद में मात्र उसके द्वारा ही खनन इलाके में फिर से धड़ल्ले से विस्फोटकों की आपूर्ति किया जा सके अंतत: कारोबार में वर्चस्व ने युवक को अपराधी बना दिया।
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