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तीसरे दिन भी नहीं मिला गंगा में डूबा चालक
Updated Sat, 04 Nov 2017 12:42 AM IST
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मिर्जापुर। भटौली पीपा पुल से अनियंत्रित होकर एक नंबवर को गंगा में टाटा सूमो के साथ गंगा में गिरा चालक तीसरे दिन भी नहीं मिल पाया। फिर भी पुलिस उसे खोजने नहीं पहुंची। पुलिस की इस लापरवाही को लेकर ग्रामीणों ने रोष जताया। कहा कि देहात कोतवाली पुलिस संवेदशील नहीं है। जिसके चलते उनके दिनेश नहीं मिल पा रहा है।
बता दें कि एक नंवबर को वाराणसी के कपसेठी कने भिखारीपुर निवासी चालक दिनेश कुमार अपनी टाटा सूमो से क्षेत्र के अर्जुनपुर निवासी करन, रोशन तथा अपने एक रिश्तेदार भरतलाल को लेकर मिर्जापुर आ रहा था। दोपहर करीब तीन बजे जैसे ही भटौली पीपापुल के पास पहुंचा कि अचानरक गाड़ी अनियंत्रित होकर बीच गंगा में गिर पड़ी। जिसमें दिनेश, करन व रोशन की गाड़ी में फंसने के चलते डूब कर मौत हो गई जबकि भरतलाल को नाविकों ने बचा लिया था।ग्रामीणों ने बताया कि घटना के दिन पुलिस प्रशासन की ओर से गंगा में गिरी गाड़ी को निकालने का प्रयास किया गया लेकिन वाहन नहीं निकल सका। दूसरे दिन वाराणसी की एनडीआरएफ टीम जिले में पहुंची और सात घंटे तक रेस्क्यू आपरेेशन चलाकर सेतु निगम के क्रेन के माध्यम से गाड़ी को बाहर निकाल लिया। गाड़ी में फंसे दोनों बालक रोशन व करन के शव तो बरामद कर लिये गए, लेकिन चालक दिनेश को नहीं खोजा जा सका । टीम ने कहा कि चालक गाड़ी से बाहर आने के कारण दूसरे स्थान पर बह कर चला गया होगा। घटना स्थल पर गहराई अधिक होने के कारण उसके शव को खोजने में परेशानी आ रही है। बताया कि 24 घंटे बीतने के बाद उसका शव अपने आप पानी के ऊपर आ जाएगा। तीन दिन बीत चुके हैं ,बावजूद इसके अभी तक उसका शव नहीं मिल पाया। पुलिस से शव खोजवाने की मांग की तो पुलिस ने कन्नी काट लिया।
चक्कर लगा कर रह गए परिजन
कछवां। बेटे की तलाश को लेकर गंगा के किनारे पहुंचे गंगा में लापता दिनेश राजभर के पिता श्रीनाथ अपने पोते पोतियों को लेकर यहां वहां चक्कर लगा कर रह गया। सुबह नौ बजे पहुंचे ड्राइवर के परिजनों ने जब देखा कि आज कोई अधिकारी कर्मचारी डूबे ड्राइवर की तलाश में नहीं आया है तो वे जिला मुख्यालय चले गए। ड्राइवर के पिता श्रीनाथ राजभर ने कहा कि यदि प्रशासन ने मेरे बेटे को ढूंढने का प्रयास नहीं किया तो मैं बच्चों के साथ डीएम आफिस पर धरना दूंगा।
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चाहपहिया वाहनों का आवागमन हुआ बंद
कछवां। एक के बाद एक तीन हादसों के बाद जिला प्रशासन शुक्रवार को जाग गया। भटौली पीपा पुल की मरम्मत के लिए इसे चार पहिया वाहनों के आवागमन के लिए बंद कर दिया गया। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई चार पहिया वाहन के सवार लोग जब गंगा किनारे पहुंचे तो उन्हें इस बात की जानकारी हुई कि आज वाहन पुल पर से नहीं गुज सकेंगे। बरैनी से लेकर भटौती तक फैले पुल पर लोहे के तारों को मजबूत किया गया। चकप्लेटों को एक ऊपर एक बिछा कर कीलों से फंसाया गया। हालांकि पुल में लगाये गए जर्जर लकड़ी के पटरों को नहीं बदला गया है इससे उनके टूटने का खतरा बना हुआ है। जिलाधिकारी ने बताया है कि पांच नवंबर तक चार पहिया वाहनों का आवागमन पुल पर बंद रहेगा। पुल की मरम्मत करने के बाद आवागमन शुरू किया जाएगा।
बता दें कि एक नंवबर को वाराणसी के कपसेठी कने भिखारीपुर निवासी चालक दिनेश कुमार अपनी टाटा सूमो से क्षेत्र के अर्जुनपुर निवासी करन, रोशन तथा अपने एक रिश्तेदार भरतलाल को लेकर मिर्जापुर आ रहा था। दोपहर करीब तीन बजे जैसे ही भटौली पीपापुल के पास पहुंचा कि अचानरक गाड़ी अनियंत्रित होकर बीच गंगा में गिर पड़ी। जिसमें दिनेश, करन व रोशन की गाड़ी में फंसने के चलते डूब कर मौत हो गई जबकि भरतलाल को नाविकों ने बचा लिया था।ग्रामीणों ने बताया कि घटना के दिन पुलिस प्रशासन की ओर से गंगा में गिरी गाड़ी को निकालने का प्रयास किया गया लेकिन वाहन नहीं निकल सका। दूसरे दिन वाराणसी की एनडीआरएफ टीम जिले में पहुंची और सात घंटे तक रेस्क्यू आपरेेशन चलाकर सेतु निगम के क्रेन के माध्यम से गाड़ी को बाहर निकाल लिया। गाड़ी में फंसे दोनों बालक रोशन व करन के शव तो बरामद कर लिये गए, लेकिन चालक दिनेश को नहीं खोजा जा सका । टीम ने कहा कि चालक गाड़ी से बाहर आने के कारण दूसरे स्थान पर बह कर चला गया होगा। घटना स्थल पर गहराई अधिक होने के कारण उसके शव को खोजने में परेशानी आ रही है। बताया कि 24 घंटे बीतने के बाद उसका शव अपने आप पानी के ऊपर आ जाएगा। तीन दिन बीत चुके हैं ,बावजूद इसके अभी तक उसका शव नहीं मिल पाया। पुलिस से शव खोजवाने की मांग की तो पुलिस ने कन्नी काट लिया।
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चक्कर लगा कर रह गए परिजन
कछवां। बेटे की तलाश को लेकर गंगा के किनारे पहुंचे गंगा में लापता दिनेश राजभर के पिता श्रीनाथ अपने पोते पोतियों को लेकर यहां वहां चक्कर लगा कर रह गया। सुबह नौ बजे पहुंचे ड्राइवर के परिजनों ने जब देखा कि आज कोई अधिकारी कर्मचारी डूबे ड्राइवर की तलाश में नहीं आया है तो वे जिला मुख्यालय चले गए। ड्राइवर के पिता श्रीनाथ राजभर ने कहा कि यदि प्रशासन ने मेरे बेटे को ढूंढने का प्रयास नहीं किया तो मैं बच्चों के साथ डीएम आफिस पर धरना दूंगा।
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चाहपहिया वाहनों का आवागमन हुआ बंद
कछवां। एक के बाद एक तीन हादसों के बाद जिला प्रशासन शुक्रवार को जाग गया। भटौली पीपा पुल की मरम्मत के लिए इसे चार पहिया वाहनों के आवागमन के लिए बंद कर दिया गया। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई चार पहिया वाहन के सवार लोग जब गंगा किनारे पहुंचे तो उन्हें इस बात की जानकारी हुई कि आज वाहन पुल पर से नहीं गुज सकेंगे। बरैनी से लेकर भटौती तक फैले पुल पर लोहे के तारों को मजबूत किया गया। चकप्लेटों को एक ऊपर एक बिछा कर कीलों से फंसाया गया। हालांकि पुल में लगाये गए जर्जर लकड़ी के पटरों को नहीं बदला गया है इससे उनके टूटने का खतरा बना हुआ है। जिलाधिकारी ने बताया है कि पांच नवंबर तक चार पहिया वाहनों का आवागमन पुल पर बंद रहेगा। पुल की मरम्मत करने के बाद आवागमन शुरू किया जाएगा।