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दुराचार के आरोपी को दस वर्ष की कड़ी कैद
Updated Tue, 17 Oct 2017 12:30 AM IST
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मिर्जापुर। अपर सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार मिश्रा ने सोमवार को किशोरी के साथ दुष्कर्म का दोष सिद्ध होने पर आरोपी को दस साल की सजा कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही उस पर 20 हजार रुपये के अर्थदंड भी लगाया गया है।
अभियोजन के लिए मड़िहान थाना क्षेत्र के पहती गांव निवासी हीराकोल ने 17 सितंबर 2016 की दोपहर एक किशोरी को खेत में जाते समय पकड़ लिया। उसको पकड़कर घसीटते हुए झाड़ी में ले गया और बलात्कार किया। घर पहुंचने पर पीड़ित ने अपनी मां को आपबीती सुनाई। परिवार के लोग जब इसकी शिकायत करने आरोपी के घर गए तो वह भाग गया। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर पीड़िता का मेडिकल कराने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दिया था। अभियोजन की तरफ से वरिष्ठ शासकीय अधिवक्ता फौजदारी रमेंद्र कुमार शुक्ल ने दो गवाह प्रस्तुत कराया। जिसकी सुनवाई न्यायालय ने सोमवार को किया। अधिवक्ताओं की दलील, पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य, गवाहों के बयान के आधार पर न्यायालय ने आरोपी हीरा कोल को सभी धाराओं में दोष सिद्ध पाते हुए दस वर्ष की कड़ी कैद के साथ 20 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित कर जेल भेज दिया। जुर्माने की राशि से 15 हजार रुपया बतौर क्षतिपूर्ति पीड़िता को देने का आदेश दिया।
अभियोजन के लिए मड़िहान थाना क्षेत्र के पहती गांव निवासी हीराकोल ने 17 सितंबर 2016 की दोपहर एक किशोरी को खेत में जाते समय पकड़ लिया। उसको पकड़कर घसीटते हुए झाड़ी में ले गया और बलात्कार किया। घर पहुंचने पर पीड़ित ने अपनी मां को आपबीती सुनाई। परिवार के लोग जब इसकी शिकायत करने आरोपी के घर गए तो वह भाग गया। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर पीड़िता का मेडिकल कराने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दिया था। अभियोजन की तरफ से वरिष्ठ शासकीय अधिवक्ता फौजदारी रमेंद्र कुमार शुक्ल ने दो गवाह प्रस्तुत कराया। जिसकी सुनवाई न्यायालय ने सोमवार को किया। अधिवक्ताओं की दलील, पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य, गवाहों के बयान के आधार पर न्यायालय ने आरोपी हीरा कोल को सभी धाराओं में दोष सिद्ध पाते हुए दस वर्ष की कड़ी कैद के साथ 20 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित कर जेल भेज दिया। जुर्माने की राशि से 15 हजार रुपया बतौर क्षतिपूर्ति पीड़िता को देने का आदेश दिया।
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