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पूर्व एसडीएम, पूर्व कटरा कोतवाल व पूर्व चौकी इंचार्ज के मुकदमें पर रोक
Updated Sat, 17 Jun 2017 12:35 AM IST
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मिर्जापुर। विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट एवं प्रभारी जिला जज पीएन श्रीवास्तव और एसडीएम सदर के रूप में तैनात रहे प्रशिक्षु आईएएस राजेंद्र पैसिंया, पूर्व कटरा कोतवाल अजय श्रीवास्तव तथा उपनिरीक्षक रीता यादव के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने पर रोक लगा दी है। उन्होंने यह आदेश पूर्व कटरा कोतवाल रहे अजय श्रीवास्तव के फौजदारी निगरानी दाखिल करने पर सुनवाई करते हुए दिया है।
कटरा कोतवाली क्षेत्र के सबरी मोहल्ला स्थित बाबा की मड़ई निवासिनी चमेला देवी द्वारा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राम प्रताप सिंह राणा की अदालत में 156 तीन दंड प्रक्रिया संहित के तहत मुकदमा दाखिल किया गया था। याचना की थी कि प्रशासनिक अधिकारी राजनैतिक दल से जुड़े व्यक्तियों का अवैधानिक सहयोग कर प्रार्थनी की भूमि को अवैध रूप से कब्जा कराने के उदेश्य से उसके परिवार एवं सदस्यों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया है। यह अपराध संगेय प्रकृति का है। जिसका मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है। न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सुनवाई करते हुए 12 जून 2017 को पूर्व एसडीएम सदर राजेंद्र पैंसिंया, पूर्व कटरा कोतवाल अजय श्रीवास्त्व तथा उपनिरीक्षक रीता यादव समेत अन्य के विरुद्घ मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया था। जिसके खिलाफ पूर्व कटरा कोतवाल अजय श्रीवास्तव व दारोगा रीता यादव व राजेंद्र कुमार पैसिंया ने अपने अधिवक्ता दीपक वर्मा के विचार विमर्श करने के बाद जनपद न्यायाधीश न्यायालय में अजय श्रीवास्वत बनाम उत्तर प्रदेश सरकार दाखिल कर आदेश को डिस्चार्ज करने की याचना की थी। शुक्रवार को सुनवाई करते हुए प्रभारी जज पीएन श्रीवास्वत ने याचना स्वीकार करते हुए यह पाया कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश में न्यायिक आधार कमजोर है। इसलिए उन्होंने पूर्व एसडीएम सदर, पूर्व कटरा कोतवाल व उपनिरीक्षक रीता यादव के विरुद्घ दिए गए आदेश को सात जुलाई तक स्थगित कर दिया है। साथ ही अन्य पार्टियों को नोटिस जारी किया है।
कटरा कोतवाली क्षेत्र के सबरी मोहल्ला स्थित बाबा की मड़ई निवासिनी चमेला देवी द्वारा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राम प्रताप सिंह राणा की अदालत में 156 तीन दंड प्रक्रिया संहित के तहत मुकदमा दाखिल किया गया था। याचना की थी कि प्रशासनिक अधिकारी राजनैतिक दल से जुड़े व्यक्तियों का अवैधानिक सहयोग कर प्रार्थनी की भूमि को अवैध रूप से कब्जा कराने के उदेश्य से उसके परिवार एवं सदस्यों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया है। यह अपराध संगेय प्रकृति का है। जिसका मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है। न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सुनवाई करते हुए 12 जून 2017 को पूर्व एसडीएम सदर राजेंद्र पैंसिंया, पूर्व कटरा कोतवाल अजय श्रीवास्त्व तथा उपनिरीक्षक रीता यादव समेत अन्य के विरुद्घ मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया था। जिसके खिलाफ पूर्व कटरा कोतवाल अजय श्रीवास्तव व दारोगा रीता यादव व राजेंद्र कुमार पैसिंया ने अपने अधिवक्ता दीपक वर्मा के विचार विमर्श करने के बाद जनपद न्यायाधीश न्यायालय में अजय श्रीवास्वत बनाम उत्तर प्रदेश सरकार दाखिल कर आदेश को डिस्चार्ज करने की याचना की थी। शुक्रवार को सुनवाई करते हुए प्रभारी जज पीएन श्रीवास्वत ने याचना स्वीकार करते हुए यह पाया कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश में न्यायिक आधार कमजोर है। इसलिए उन्होंने पूर्व एसडीएम सदर, पूर्व कटरा कोतवाल व उपनिरीक्षक रीता यादव के विरुद्घ दिए गए आदेश को सात जुलाई तक स्थगित कर दिया है। साथ ही अन्य पार्टियों को नोटिस जारी किया है।
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