{"_id":"6a2c57fcb7c0082f590db797","slug":"changing-weather-affects-childrens-health-two-children-being-treated-on-a-single-bed-mirzapur-news-c-192-1-svns1035-155255-2026-06-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mirzapur News: मौसम के मिजाज ने बिगाड़ी मासूमों की सेहत, 1 बेड पर दो-दो बच्चों का इलाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mirzapur News: मौसम के मिजाज ने बिगाड़ी मासूमों की सेहत, 1 बेड पर दो-दो बच्चों का इलाज
विज्ञापन
बच्चा वार्ड में भर्ती बीमार बच्चा। स्रोत- संवाद
मिर्जापुर। मौसम में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव का सबसे अधिक असर बच्चों की सेहत पर पड़ रहा है। तेज गर्मी, उमस और बीच-बीच में बदल रहे मौसम के कारण मासूम तेजी से बीमार हो रहे हैं। स्थिति यह है कि मंडलीय अस्पताल का बच्चा वार्ड क्षमता से अधिक मरीजों से भर गया है और कई बच्चों का एक ही बेड पर इलाज किया जा रहा है।
मंडलीय अस्पताल के 32 बेड वाले बच्चा वार्ड में इस समय 46 बच्चे भर्ती हैं। इनमें 25 बच्चे उल्टी-दस्त, पेट दर्द और बुखार से पीड़ित हैं, जबकि अन्य बच्चों का इलाज झटके, निमोनिया, एनीमिया समेत विभिन्न बीमारियों के लिए चल रहा है।
अस्पताल में प्रतिदिन 10 से 12 नए बच्चों को भर्ती करना पड़ रहा है। चिकित्सकों ने बताया कि मौसम में अचानक बदलाव से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है। तेज धूप के बाद ठंडे वातावरण में जाने, दूषित भोजन व पानी के सेवन तथा साफ-सफाई में लापरवाही के कारण उल्टी-दस्त और संक्रमण के मामलों में तेजी आई है। छोटे बच्चों में शरीर में पानी की कमी जल्दी होने से स्थिति गंभीर भी हो सकती है।
विज्ञापन
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि इन दिनों वायरल संक्रमण, निमोनिया और झटके के मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। कई बच्चे एनीमिया से पीड़ित हैं, जिससे उनकी रोगों से लड़ने की क्षमता कमजोर हो जाती है। मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण वार्ड में बेड कम पड़ रहे हैं और कुछ बच्चों को परिजनों के साथ एक ही बेड पर रखकर उपचार किया जा रहा है।
विज्ञापन
मंडलीय अस्पताल के 32 बेड वाले बच्चा वार्ड में इस समय 46 बच्चे भर्ती हैं। इनमें 25 बच्चे उल्टी-दस्त, पेट दर्द और बुखार से पीड़ित हैं, जबकि अन्य बच्चों का इलाज झटके, निमोनिया, एनीमिया समेत विभिन्न बीमारियों के लिए चल रहा है।
विज्ञापन
अस्पताल में प्रतिदिन 10 से 12 नए बच्चों को भर्ती करना पड़ रहा है। चिकित्सकों ने बताया कि मौसम में अचानक बदलाव से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है। तेज धूप के बाद ठंडे वातावरण में जाने, दूषित भोजन व पानी के सेवन तथा साफ-सफाई में लापरवाही के कारण उल्टी-दस्त और संक्रमण के मामलों में तेजी आई है। छोटे बच्चों में शरीर में पानी की कमी जल्दी होने से स्थिति गंभीर भी हो सकती है।
विज्ञापन
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि इन दिनों वायरल संक्रमण, निमोनिया और झटके के मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। कई बच्चे एनीमिया से पीड़ित हैं, जिससे उनकी रोगों से लड़ने की क्षमता कमजोर हो जाती है। मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण वार्ड में बेड कम पड़ रहे हैं और कुछ बच्चों को परिजनों के साथ एक ही बेड पर रखकर उपचार किया जा रहा है।