{"_id":"66d17731d476ade3600eaf4c","slug":"chairman-of-railway-board-worship-in-vindhyavasini-darbar-said-accident-free-travel-my-priority-2024-08-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP News: रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ने विंध्यवासिनी दरबार में टेका मत्था, बोले- दुर्घटना मुक्त सफर होगी प्राथमिकता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP News: रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ने विंध्यवासिनी दरबार में टेका मत्था, बोले- दुर्घटना मुक्त सफर होगी प्राथमिकता
Fri, 30 Aug 2024 01:10 PM IST
अमन विश्वकर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, मिर्जापुर।
अमर उजाला नेटवर्क, मिर्जापुर।
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Fri, 30 Aug 2024 01:10 PM IST
सार
Mirzapur News: पूजन के पश्चात तीर्थपुरोहितों ने विंध्याचल में गरीब रथ के ठहराव की मांग की। चेयरमैन ने इस मांग को जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया। फिर वे प्रयागराज चले गए। अचानक सीआरवी के चुपचाप विंध्याचल आगमन से आसपास के रेल मंडल के अधिकारियों में हलचल रही। लोग फोन से उनके बारे में जानकारी लेते रहे।
विज्ञापन
परिवार के साथ रेलवे बोर्ड के नए अध्यक्ष सतीश कुमार।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिना प्रोटोकॉल व तामझाम के अचानक रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सतीश कुमार विंध्याचल धाम पहुंचे। उन्होंने पदभार ग्रहण करने से पहले मां विंध्यवासिनी के चरणों में शीश नवाया। श्री विंध्य पंडा समाज के पूर्व अध्यक्ष व तीर्थ पुरोहित भगवान दत्त उर्फ राजन पाठक ने विधि-विधान से उनको दर्शन पूजन कराया।
विज्ञापन
आपसी बातचीत के दौरान उन्होंने उपस्थित तीर्थपुरोहित को बताया कि ट्रेनों से दुर्घटना मुक्त सफर उनकी प्राथमिकता होगी। अचानक सीइओ के विंध्याचल पहुंचने पर रेलवे अधिकारियों में हलचल मची रही। उनके साथ उनकी पत्नी रुबी रानी सिंह तथा पुत्र रुधिर मौजूद रहे।
विज्ञापन
सतीश कुमार पहले दलित अधिकारी हैं, जो रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष बने हैं। तीर्थ पुरोहित राजन पाठक ने बताया कि गुरुवार की सुबह उन्हें सीआरवी का फोन आया कि गुरुजी मां का दर्शन करना चाहते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि उन दोनों के अलावा यह जानकारी किसी को भी न हो।
विज्ञापन
वे फ्लाइट से वाराणसी पहुंचे और फिर सड़क मार्ग से पत्नी व बेटे के साथ पूर्व अध्यक्ष के घर पहुंचे। उनके साथ न तो कोई अधिकारी व न ही कोई सुरक्षा थी। विधिवत दर्शन पूजन करने के बाद उन्होंने मां से आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद तीर्थपुरोहित से वार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि ज्यादा से ज्यादा तकनीकी का इस्तेमाल कर ट्रेन दुर्घटना रोकना, समय पालन व यात्री सुविधा को बढ़ाना उनकी प्राथमिकता होगी।