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Mirzapur News: सोमनाथ मंदिर और 200 फीट लंबी भैरव गुफा बनी आकर्षण का केंद्र
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बरियाघाट विजयादशमी मेले में माता जानकी संग राम, लक्ष्मण व हनुमान की झांकी।- सोशल मीडिया।
- फोटो : Samvad
-बरियाघाट मेले में उमड़े 20 लाख से ज्यादा दर्शक, 105 स्थानों पर रावण के पुतले का दहन
मिर्जापुर। विजयदशमी पर मंगलवार को नगर सहित ग्रामीण अंचलों में 105 स्थानों पर रावण के पुतले का दहन किया गया। नगर के ऐतिहासिक बरियाघाट मेले में 20 लाख से अधिक दर्शकों के पहुंचने का आयोजकों का दावा है। मेले में सोमनाथ मंदिर और 200 फीट लंबी भैरव गुफा आकर्षण का केंद्र रही। वासलीगंज पुलिस चौकी से बरियाघाट तक सड़क को रंग-बिरंगी झालरों और झांकियों से सजाया गया था। द्वादश ज्योतिर्लिंग, श्रीकृष्ण-राधा और अदलपुरा माता शीतला की झांकियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।
मुख्य अतिथि साहित्यकार भारतेंदु हरिश्चंद्र की प्रपौत्रवधू मालिनी चौधरी ने कहा कि यह मेला नहीं, महामेला है। इतनी बड़ी संख्या में लोगों का सात-आठ घंटे में सुव्यवस्थित दर्शन करना महादेव की कृपा है। उन्होंने कहा कि परिवार और समाज में कर्तव्यों के पालन की सीख के लिए रामायण को आत्मसात करना जरूरी है। इस अवसर पर महिला प्रबोधिनी संस्थान की नंदनी मिश्रा, ज्ञानेंद्र कॉलेज की निदेशक शीला सिंह, बिनानी कॉलेज की पूर्व प्राचार्य प्रो. बीना सिंह और सौंदर्य विशेषज्ञ कामिनी पांडे को सम्मानित किया गया। रामलीला कमेटी की अध्यक्ष रितु केसरी और महामंत्री संतोष ऊमर ने सकुशल मेला संपन्न होने पर जिला प्रशासन, पुलिस, नगरपालिका, बिजली निगम और पत्रकारों सहित सभी सहयोगियों के प्रति आभार जताया।
विभीषण की युक्ति पर राम ने चलाया बाण, नाभि में तीर लगते ही ढेर हुआ रावण
- जिलेभर में धूमधाम से मना विजयादशमी का पर्व, जगह-जगह हुआ पुतला दहन
फोटो- 11, 12, 30, 31, 34,
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। जिले में मंगलवार को विजयादशमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। रामलीला मंचन के दौरान घंटों चले युद्ध के बाद विभीषण की युक्ति पर श्रीराम ने रावण की नाभि में बाण मारा। तीर लगते ही दशानन धराशाई हो गया। रावण वध होते ही मेला क्षेत्र श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। इसके बाद लोगों ने मेले में घूमकर खरीदारी की।
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देहात कोतवाली क्षेत्र के खजुरी और ढेरवरिया में विजयादशमी मेले का आयोजन हुआ। चील्ह और मुझेहरा कला के ऐतिहासिक मेले में हजारों दर्शक पहुंचे। यहां राम, सीता, लक्ष्मण, हनुमान और रावण की जीवंत झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। छानबे क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर रावण के पुतले का दहन किया गया। बिहसड़ा बाजार में 35 फीट ऊंचे चलते-फिरते और गर्जना करते रावण के पुतले का दहन हुआ। जिगना क्षेत्र में रावण वध के बाद श्रीराम का राज्याभिषेक किया गया। श्रद्धालुओं ने आरती उतारकर जय श्रीराम के नारे लगाए। चुनार के लंका मैदान में श्रीराघवेंद्र रामलीला समिति की ओर से रावण दहन किया गया। सक्तेशगढ़ क्षेत्र के पटेल नगर (नदिहार) और नुनौटी में भी विजयादशमी का पर्व मनाया गया। इसके अलावा कटरा सर्रोई, खम्हरिया दमुआन, पाली, मवैया मोहनपुर, खैरा, गौरा, सिकराकला, गोडसर, बजटा, पटेहरा, चितौली, नरोइया, मनिकठी, गोगांव और श्रीनिवास धाम समेत कई स्थानों पर रावण के पुतले का दहन हुआ। कछवां, लालगंज के मिलेट्री ग्राउंड, अदलहाट और अहरौरा में रावण का पुतला फूंकते हुए विजयादशमी मेला का आयोजन किया गया।
इलेक्ट्रॉनिक पुतले का सिर कलम होते ही गूंजे जयकारे, हजारों दर्शक बने राम-रावण युद्ध के साक्षी
ड्रमंडगंज। ड्रमंडगंज और बेलन बरौंधा में मंगलवार को विजयदशमी का मेला धूमधाम से संपन्न हुआ। दोनों स्थानों पर हजारों दर्शकों ने भगवान राम और रावण के बीच हुए निर्णायक युद्ध का मंचन देखा। रावण दहन के दौरान पूरा क्षेत्र जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा। ड्रमंडगंज के दशहरा मैदान में भगवान राम के दिव्य बाण चलाते ही लोहे से बने रिमोट संचालित इलेक्ट्रॉनिक रावण का सिर कलम हो गया। इस दृश्य के साथ ही शंख ध्वनि और जय श्रीराम के जयकारों से मैदान गूंज उठा। इसके बाद रावण के पुतले का दहन किया गया। श्रीरामलीला समिति के अध्यक्ष आशीष कुमार गुप्ता गुड्डू ने आयोजन की सफलता पर सभी सहयोगियों के प्रति आभार जताया। इस दौरान सीओ अमर बहादुर, थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार समेत समिति के पदाधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे। उधर, बेलन बरौंधा के रामलीला मैदान में भी रावण दहन देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ी। इससे पहले भगवान राम, लक्ष्मण, हनुमान, वानरी सेना और रावण की राक्षसी सेना के रथों का बरौंधा बाजार में भ्रमण कराया गया। रावण का पुतला जलते ही बाजार जयकारों से गूंज उठा। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष शांतनु मिश्र ने आयोजन में सहयोग करने वालों का आभार व्यक्त किया।
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विसर्जन वाली खबर में जोड़
59 दुर्गा प्रतिमाओं का सकुशल विसर्जन, सुरक्षा में मुस्तैद रही पुलिस
फोटो संख्या- 37, 38, 47 व 48
-दशहरा और भरत मिलाप के दिन हुआ विसर्जन, जयकारों से गूंजा क्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
मड़िहान। शारदीय नवरात्र के समापन के बाद मड़िहान थाना क्षेत्र में स्थापित मां दुर्गा की 59 प्रतिमाओं का विसर्जन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस दौरान पुलिस प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मुस्तैद रहा।
थानाध्यक्ष रविंद्र भूषण मौर्य ने बताया कि दशहरा के दिन 24 प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया, जबकि अगले दिन भरत मिलाप के अवसर पर सुबह से देर शाम तक 35 प्रतिमाएं विसर्जित की गईं। प्रशासन ने चिक्सी बकहर नदी, चुनरी बांध और रोहीनवा बंधा को प्रमुख विसर्जन स्थल बनाया था। रजौहां, महमदपुर, अमोई, खचहा, बघैला, मड़िहान बाजार, देवरी उत्तर और दांती बंधवा समेत विभिन्न गांवों में ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर श्रद्धालु मां की प्रतिमाओं के साथ विसर्जन यात्रा में शामिल हुए। ‘जय माता दी’ और ‘अगले बरस तू जल्दी आ मां’ के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने नम आंखों से मां को विदाई दी और अगले वर्ष फिर आगमन की कामना की। विसर्जन को सकुशल संपन्न कराने के लिए थानाध्यक्ष रविंद्र भूषण मौर्य पुलिस बल के साथ लगातार सभी प्रमुख विसर्जन स्थलों का भ्रमण कर निगरानी करते रहे। पुलिस की मुस्तैदी के चलते क्षेत्र में कहीं भी अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। अहरौरा, नगर के पांडेय जी दक्षिणी फाटक, चौक बाजार, गोला साहुवाईंनं, पटवा टोला, बूढ़ादेई सहित आसपास के क्षेत्रों में स्थापित 45 दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। नगर की प्रतिमाओं में विसर्जन के लिए श्रद्धालु आगे आगे पांडेय जी दक्षिणी फाटक की प्रतिमा लेकर चल रहे थे उसके पीछे नगर की अन्य प्रतिमाएं चल रही थी। इस दौरान भक्त अबीर गुलाल उड़ाते हुए चल रहे थे।
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मिर्जापुर। विजयदशमी पर मंगलवार को नगर सहित ग्रामीण अंचलों में 105 स्थानों पर रावण के पुतले का दहन किया गया। नगर के ऐतिहासिक बरियाघाट मेले में 20 लाख से अधिक दर्शकों के पहुंचने का आयोजकों का दावा है। मेले में सोमनाथ मंदिर और 200 फीट लंबी भैरव गुफा आकर्षण का केंद्र रही। वासलीगंज पुलिस चौकी से बरियाघाट तक सड़क को रंग-बिरंगी झालरों और झांकियों से सजाया गया था। द्वादश ज्योतिर्लिंग, श्रीकृष्ण-राधा और अदलपुरा माता शीतला की झांकियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।
मुख्य अतिथि साहित्यकार भारतेंदु हरिश्चंद्र की प्रपौत्रवधू मालिनी चौधरी ने कहा कि यह मेला नहीं, महामेला है। इतनी बड़ी संख्या में लोगों का सात-आठ घंटे में सुव्यवस्थित दर्शन करना महादेव की कृपा है। उन्होंने कहा कि परिवार और समाज में कर्तव्यों के पालन की सीख के लिए रामायण को आत्मसात करना जरूरी है। इस अवसर पर महिला प्रबोधिनी संस्थान की नंदनी मिश्रा, ज्ञानेंद्र कॉलेज की निदेशक शीला सिंह, बिनानी कॉलेज की पूर्व प्राचार्य प्रो. बीना सिंह और सौंदर्य विशेषज्ञ कामिनी पांडे को सम्मानित किया गया। रामलीला कमेटी की अध्यक्ष रितु केसरी और महामंत्री संतोष ऊमर ने सकुशल मेला संपन्न होने पर जिला प्रशासन, पुलिस, नगरपालिका, बिजली निगम और पत्रकारों सहित सभी सहयोगियों के प्रति आभार जताया।
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विभीषण की युक्ति पर राम ने चलाया बाण, नाभि में तीर लगते ही ढेर हुआ रावण
- जिलेभर में धूमधाम से मना विजयादशमी का पर्व, जगह-जगह हुआ पुतला दहन
फोटो- 11, 12, 30, 31, 34,
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। जिले में मंगलवार को विजयादशमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। रामलीला मंचन के दौरान घंटों चले युद्ध के बाद विभीषण की युक्ति पर श्रीराम ने रावण की नाभि में बाण मारा। तीर लगते ही दशानन धराशाई हो गया। रावण वध होते ही मेला क्षेत्र श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। इसके बाद लोगों ने मेले में घूमकर खरीदारी की।
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देहात कोतवाली क्षेत्र के खजुरी और ढेरवरिया में विजयादशमी मेले का आयोजन हुआ। चील्ह और मुझेहरा कला के ऐतिहासिक मेले में हजारों दर्शक पहुंचे। यहां राम, सीता, लक्ष्मण, हनुमान और रावण की जीवंत झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। छानबे क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर रावण के पुतले का दहन किया गया। बिहसड़ा बाजार में 35 फीट ऊंचे चलते-फिरते और गर्जना करते रावण के पुतले का दहन हुआ। जिगना क्षेत्र में रावण वध के बाद श्रीराम का राज्याभिषेक किया गया। श्रद्धालुओं ने आरती उतारकर जय श्रीराम के नारे लगाए। चुनार के लंका मैदान में श्रीराघवेंद्र रामलीला समिति की ओर से रावण दहन किया गया। सक्तेशगढ़ क्षेत्र के पटेल नगर (नदिहार) और नुनौटी में भी विजयादशमी का पर्व मनाया गया। इसके अलावा कटरा सर्रोई, खम्हरिया दमुआन, पाली, मवैया मोहनपुर, खैरा, गौरा, सिकराकला, गोडसर, बजटा, पटेहरा, चितौली, नरोइया, मनिकठी, गोगांव और श्रीनिवास धाम समेत कई स्थानों पर रावण के पुतले का दहन हुआ। कछवां, लालगंज के मिलेट्री ग्राउंड, अदलहाट और अहरौरा में रावण का पुतला फूंकते हुए विजयादशमी मेला का आयोजन किया गया।
इलेक्ट्रॉनिक पुतले का सिर कलम होते ही गूंजे जयकारे, हजारों दर्शक बने राम-रावण युद्ध के साक्षी
ड्रमंडगंज। ड्रमंडगंज और बेलन बरौंधा में मंगलवार को विजयदशमी का मेला धूमधाम से संपन्न हुआ। दोनों स्थानों पर हजारों दर्शकों ने भगवान राम और रावण के बीच हुए निर्णायक युद्ध का मंचन देखा। रावण दहन के दौरान पूरा क्षेत्र जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा। ड्रमंडगंज के दशहरा मैदान में भगवान राम के दिव्य बाण चलाते ही लोहे से बने रिमोट संचालित इलेक्ट्रॉनिक रावण का सिर कलम हो गया। इस दृश्य के साथ ही शंख ध्वनि और जय श्रीराम के जयकारों से मैदान गूंज उठा। इसके बाद रावण के पुतले का दहन किया गया। श्रीरामलीला समिति के अध्यक्ष आशीष कुमार गुप्ता गुड्डू ने आयोजन की सफलता पर सभी सहयोगियों के प्रति आभार जताया। इस दौरान सीओ अमर बहादुर, थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार समेत समिति के पदाधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे। उधर, बेलन बरौंधा के रामलीला मैदान में भी रावण दहन देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ी। इससे पहले भगवान राम, लक्ष्मण, हनुमान, वानरी सेना और रावण की राक्षसी सेना के रथों का बरौंधा बाजार में भ्रमण कराया गया। रावण का पुतला जलते ही बाजार जयकारों से गूंज उठा। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष शांतनु मिश्र ने आयोजन में सहयोग करने वालों का आभार व्यक्त किया।
विसर्जन वाली खबर में जोड़
59 दुर्गा प्रतिमाओं का सकुशल विसर्जन, सुरक्षा में मुस्तैद रही पुलिस
फोटो संख्या- 37, 38, 47 व 48
-दशहरा और भरत मिलाप के दिन हुआ विसर्जन, जयकारों से गूंजा क्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
मड़िहान। शारदीय नवरात्र के समापन के बाद मड़िहान थाना क्षेत्र में स्थापित मां दुर्गा की 59 प्रतिमाओं का विसर्जन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस दौरान पुलिस प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मुस्तैद रहा।
थानाध्यक्ष रविंद्र भूषण मौर्य ने बताया कि दशहरा के दिन 24 प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया, जबकि अगले दिन भरत मिलाप के अवसर पर सुबह से देर शाम तक 35 प्रतिमाएं विसर्जित की गईं। प्रशासन ने चिक्सी बकहर नदी, चुनरी बांध और रोहीनवा बंधा को प्रमुख विसर्जन स्थल बनाया था। रजौहां, महमदपुर, अमोई, खचहा, बघैला, मड़िहान बाजार, देवरी उत्तर और दांती बंधवा समेत विभिन्न गांवों में ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर श्रद्धालु मां की प्रतिमाओं के साथ विसर्जन यात्रा में शामिल हुए। ‘जय माता दी’ और ‘अगले बरस तू जल्दी आ मां’ के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने नम आंखों से मां को विदाई दी और अगले वर्ष फिर आगमन की कामना की। विसर्जन को सकुशल संपन्न कराने के लिए थानाध्यक्ष रविंद्र भूषण मौर्य पुलिस बल के साथ लगातार सभी प्रमुख विसर्जन स्थलों का भ्रमण कर निगरानी करते रहे। पुलिस की मुस्तैदी के चलते क्षेत्र में कहीं भी अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। अहरौरा, नगर के पांडेय जी दक्षिणी फाटक, चौक बाजार, गोला साहुवाईंनं, पटवा टोला, बूढ़ादेई सहित आसपास के क्षेत्रों में स्थापित 45 दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। नगर की प्रतिमाओं में विसर्जन के लिए श्रद्धालु आगे आगे पांडेय जी दक्षिणी फाटक की प्रतिमा लेकर चल रहे थे उसके पीछे नगर की अन्य प्रतिमाएं चल रही थी। इस दौरान भक्त अबीर गुलाल उड़ाते हुए चल रहे थे।

बरियाघाट विजयादशमी मेले में माता जानकी संग राम, लक्ष्मण व हनुमान की झांकी।- सोशल मीडिया।- फोटो : Samvad