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प्रदर्शन कर उठाई आवाज
ब्यूरो/ अमर उजाला/ मिर्जापुर
Updated Thu, 29 Dec 2016 12:51 AM IST
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धरना देने शिक्षामित्र
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तृतीय बैच असमायोजित शिक्षामित्र संघ के तत्वावधान में शिक्षामित्रों ने बुधवार को जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। जिला प्रशासन को पत्रक सौंपकर शिक्षामित्रों के समयोजन की मांग की। वहीं मांग किया कि समायोजन होने तक सहायक अध्यापक के बराबर मानदेय दिया जाए।
प्रांतीय अध्यक्ष डाक्टर कुमार भारती ने कहा कि प्रदेश सरकार तीसरे बैच के शिक्षामित्रों के भविष्य के साथ खेलवाड़ कर रही है। सरकार शिक्षामित्रों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है जो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों का सरकार द्वारा समायोजन किया जाए अन्यथा आंदोलन करने को बाध्य होंगे। शिव शंकर प्रताप ने कहा कि प्रदेश सरकार के विभागीय अधिकारी कोर्ट का बहाना बनाकर समायोजन के लिए टालमटोल कर रहे हैं। जिसे कत्तई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि असमायोजित शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक के वेतन के बराबर पूरे बारह माह का मानदेय दिया जाए। वहीं समायोजन से वंचित शिक्षामित्रों के समायोजन के लिए लगभग तीस हजार पद संरक्षित किया जाए। इस दौरान दरोगा भारती, रामचंदर, याकूब, अर्चना, प्रतिमा सिंह, शाहजहां, श्याम कुमारी, रीता, पूनम आरती, धनंजय सिंह, लल्लूराम, दुर्गावती, राहुल, मिश्रीलाल, नेपोलियन पाठक, विनोद पांडेय, रविशंकर, राम दयाल ने भी समायोजन की मांग की।
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प्रांतीय अध्यक्ष डाक्टर कुमार भारती ने कहा कि प्रदेश सरकार तीसरे बैच के शिक्षामित्रों के भविष्य के साथ खेलवाड़ कर रही है। सरकार शिक्षामित्रों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है जो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों का सरकार द्वारा समायोजन किया जाए अन्यथा आंदोलन करने को बाध्य होंगे। शिव शंकर प्रताप ने कहा कि प्रदेश सरकार के विभागीय अधिकारी कोर्ट का बहाना बनाकर समायोजन के लिए टालमटोल कर रहे हैं। जिसे कत्तई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि असमायोजित शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक के वेतन के बराबर पूरे बारह माह का मानदेय दिया जाए। वहीं समायोजन से वंचित शिक्षामित्रों के समायोजन के लिए लगभग तीस हजार पद संरक्षित किया जाए। इस दौरान दरोगा भारती, रामचंदर, याकूब, अर्चना, प्रतिमा सिंह, शाहजहां, श्याम कुमारी, रीता, पूनम आरती, धनंजय सिंह, लल्लूराम, दुर्गावती, राहुल, मिश्रीलाल, नेपोलियन पाठक, विनोद पांडेय, रविशंकर, राम दयाल ने भी समायोजन की मांग की।
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