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पीड़ितों के साथ ईमानदारी का रिश्ता बनाएं : कैलाश सत्यार्थी
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मिर्जापुर। जनता की समस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी जिनके पास है, वे पीड़ितों के साथ ईमानदारी का रिश्ता बनाएं।
दूसरे की तकलीफ को महसूस करें और समझें। जब तक ऐसा नहीं करेंगे, तब तक किसी समस्या का समाधान नहीं कर पाएंगे। शनिवार को पुरानी अंजही स्थित केसरवानी धर्मशाला में अभिनंदन समारोह में ये बातें नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने कहीं।
बचपन बचाओ आंदोलन के प्रणेताओं में से एक रमाशंकर चौरसिया का पुरानी अंजही स्थित केसरवानी धर्मशाला में अभिनंदन किया गया।
नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी और उनकी पत्नी सुमेधा सत्यार्थी ने उनको अभिनंदन पत्र प्रदान किया। इस दौरान कैलाश सत्यार्थी ने कहा कि आज दुनिया जितनी अमीर है, पहले नहीं थी। जितनी तेज रफ्तार में जी रही है, पहले कभी नहीं थी। आर्टिफिसियल इंटलिजेंस डेटा आज है, इसके बावजूद कई समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने कहा कि युद्ध से पर्यावरण का विनाश हो रहा है। हम जैसे लोग भी इसे सुलझाने में जुटे हैं, राष्ट्राध्यक्षों से वार्ता करते हैं। उन्होंने ने कहा कि मिर्जापुर, भदोही, बनारस, इलाहाबाद उनका सबसे बड़ा कार्यक्षेत्र रहा है।
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यहां से जो चेतना जगी, उसने पूरी दुनिया में बच्चों के अधिकारों को जगाया। कहा कि आज पुराने साथियों से मुलाकात हुई। रमाशंकर चौरसिया की प्रशंसा की।
आगे कहा कि अब उनकी भूमिका, जिम्मेदारियां व्यापक हो गई हैं। युद्ध, विकास, पर्यावरण, मानव अधिकार की रक्षा से जुड़े मसलों में ज्यादा वक्त गुजरता है।
संचालन अनुज श्रीवास्तव ने किया। इस दौरान भाजपा विधायिका शुचिस्मिता मौर्या, जिला पंचायत अध्यक्ष राजू कनौजिया, पूर्व
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दूसरे की तकलीफ को महसूस करें और समझें। जब तक ऐसा नहीं करेंगे, तब तक किसी समस्या का समाधान नहीं कर पाएंगे। शनिवार को पुरानी अंजही स्थित केसरवानी धर्मशाला में अभिनंदन समारोह में ये बातें नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने कहीं।
बचपन बचाओ आंदोलन के प्रणेताओं में से एक रमाशंकर चौरसिया का पुरानी अंजही स्थित केसरवानी धर्मशाला में अभिनंदन किया गया।
नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी और उनकी पत्नी सुमेधा सत्यार्थी ने उनको अभिनंदन पत्र प्रदान किया। इस दौरान कैलाश सत्यार्थी ने कहा कि आज दुनिया जितनी अमीर है, पहले नहीं थी। जितनी तेज रफ्तार में जी रही है, पहले कभी नहीं थी। आर्टिफिसियल इंटलिजेंस डेटा आज है, इसके बावजूद कई समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है।
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उन्होंने कहा कि युद्ध से पर्यावरण का विनाश हो रहा है। हम जैसे लोग भी इसे सुलझाने में जुटे हैं, राष्ट्राध्यक्षों से वार्ता करते हैं। उन्होंने ने कहा कि मिर्जापुर, भदोही, बनारस, इलाहाबाद उनका सबसे बड़ा कार्यक्षेत्र रहा है।
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यहां से जो चेतना जगी, उसने पूरी दुनिया में बच्चों के अधिकारों को जगाया। कहा कि आज पुराने साथियों से मुलाकात हुई। रमाशंकर चौरसिया की प्रशंसा की।
आगे कहा कि अब उनकी भूमिका, जिम्मेदारियां व्यापक हो गई हैं। युद्ध, विकास, पर्यावरण, मानव अधिकार की रक्षा से जुड़े मसलों में ज्यादा वक्त गुजरता है।
संचालन अनुज श्रीवास्तव ने किया। इस दौरान भाजपा विधायिका शुचिस्मिता मौर्या, जिला पंचायत अध्यक्ष राजू कनौजिया, पूर्व