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Mirzapur News: ब्लास्ट वेल तकनीक से बुझेगी प्यास
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मिर्जापुर/सक्तेशगढ़। गर्मी के मौसम में पहाड़ी क्षेत्रों में लघु सिंचाई विभाग की ओर से ब्लास्ट वेल तकनीक से सामुदायिक कुओं का निर्माण कराया जा रहा है। ऐसे कुंओं के सहारे ग्रामीण अपनी प्यास बुझा सकेंगे, वहीं किसान खेतों में फसलों की सिंचाई भी कर सकेंगे।
शासन की ओर से वर्ष 2022-23 में राजगढ़ विकास खंड में 64, पटेहरा में 22 व लालगंज विकास खंड समेत कुल 130 सामुदायिक कुएं के निर्माण का लक्ष्य है। लघु सिंचाई विभाग की ओर से स्थान का चयन कर लगभग सभी स्थानों पर कार्य भी शुरू करा दिया गया है। कई स्थानों पर कार्य अंतिम चरण में भी पहुंच चुका है।
राजगढ़ विकास खंड के किशनपुर निवासी किसान भोरिक, मटिहानी के जाकिर हुसैन, अटारी की रामराजी देेवी, केशव प्रसाद, पटेहरा विकास खंड के पड़रिया खुर्द निवासी बजरंगी, गढ़वा निवासी किरन सिंह, गोबरदहां निवासी आनंद कुमार, पुरैनिया निवासी जीतलाल, हलिया विकास खंड के बेलाही निवासी भंडारी, कुशियरा निवासी राजाराम, गौरवा निवासी नूर मोहम्मद के अलावा लालगंज विकास खंड के अतरैला राजा निवासी किसान शिवकुमार, गेंदालाल, मड़वा नेवादा निवासी मनीषा देवी आदि किसानों का कहना है कि गर्मी के मौसम में नदी, नाले व हैंडपंप सूख जाने से क्षेत्र में पानी की समस्या पैदा हो जाती है। दूर-दराज इलाके से लोगों को पानी ढोकर लाना पड़ता है। कुएं के निर्माण से काफी सहूलियत होगी।
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लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता आरके कुशवाहा ने बताया कि पठारी क्षेत्र पथरीला होता है। थोड़ी सी खुदाई करने के बाद ही यहां पत्थर निकलने लगते हैं। इसके चलते क्षेत्र में सामान्य बोरिंग अथवा कुंओं का निर्माण मुश्किल हो जाता है। पठारी क्षेत्रों में केवल ब्लास्ट वेल तकनीक ही कारगर है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित योजना के तहत छह मीटर चौड़ाई व 15 मीटर गहराई में ब्लास्ट कूप का निर्माण किया जा रहा है। सहायक अभियंता ने बताया कि अधिकांश स्थानों पर युद्ध स्तर पर कार्य चल रहा है। कई जगह कार्य अंतिम चरण में है। लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता डीके मिश्रा ने बताया कि योजना के तहत चार ब्लाॅकों कुल 130 सामुदायिक ब्लास्ट वेल कूप के निर्माण के लिए प्रस्ताव मिला था। इसके लिए सभी ब्लाॅकों में स्थान चयन कर लिया गया है। एक कुआं के निर्माण में लगभग दस लाख रुपये खर्च आता है। इसमें 50 हजार रुपये किसानों को अंशदान जमा करना होता है। कुएं के निर्माण के पश्चात किसानों को पंप और पाइप आदि दिए जाएंगे। ताकि वे आसानी से खेतों की सिंचाई कर सकें।
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शासन की ओर से वर्ष 2022-23 में राजगढ़ विकास खंड में 64, पटेहरा में 22 व लालगंज विकास खंड समेत कुल 130 सामुदायिक कुएं के निर्माण का लक्ष्य है। लघु सिंचाई विभाग की ओर से स्थान का चयन कर लगभग सभी स्थानों पर कार्य भी शुरू करा दिया गया है। कई स्थानों पर कार्य अंतिम चरण में भी पहुंच चुका है।
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राजगढ़ विकास खंड के किशनपुर निवासी किसान भोरिक, मटिहानी के जाकिर हुसैन, अटारी की रामराजी देेवी, केशव प्रसाद, पटेहरा विकास खंड के पड़रिया खुर्द निवासी बजरंगी, गढ़वा निवासी किरन सिंह, गोबरदहां निवासी आनंद कुमार, पुरैनिया निवासी जीतलाल, हलिया विकास खंड के बेलाही निवासी भंडारी, कुशियरा निवासी राजाराम, गौरवा निवासी नूर मोहम्मद के अलावा लालगंज विकास खंड के अतरैला राजा निवासी किसान शिवकुमार, गेंदालाल, मड़वा नेवादा निवासी मनीषा देवी आदि किसानों का कहना है कि गर्मी के मौसम में नदी, नाले व हैंडपंप सूख जाने से क्षेत्र में पानी की समस्या पैदा हो जाती है। दूर-दराज इलाके से लोगों को पानी ढोकर लाना पड़ता है। कुएं के निर्माण से काफी सहूलियत होगी।
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लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता आरके कुशवाहा ने बताया कि पठारी क्षेत्र पथरीला होता है। थोड़ी सी खुदाई करने के बाद ही यहां पत्थर निकलने लगते हैं। इसके चलते क्षेत्र में सामान्य बोरिंग अथवा कुंओं का निर्माण मुश्किल हो जाता है। पठारी क्षेत्रों में केवल ब्लास्ट वेल तकनीक ही कारगर है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित योजना के तहत छह मीटर चौड़ाई व 15 मीटर गहराई में ब्लास्ट कूप का निर्माण किया जा रहा है। सहायक अभियंता ने बताया कि अधिकांश स्थानों पर युद्ध स्तर पर कार्य चल रहा है। कई जगह कार्य अंतिम चरण में है। लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता डीके मिश्रा ने बताया कि योजना के तहत चार ब्लाॅकों कुल 130 सामुदायिक ब्लास्ट वेल कूप के निर्माण के लिए प्रस्ताव मिला था। इसके लिए सभी ब्लाॅकों में स्थान चयन कर लिया गया है। एक कुआं के निर्माण में लगभग दस लाख रुपये खर्च आता है। इसमें 50 हजार रुपये किसानों को अंशदान जमा करना होता है। कुएं के निर्माण के पश्चात किसानों को पंप और पाइप आदि दिए जाएंगे। ताकि वे आसानी से खेतों की सिंचाई कर सकें।