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Mirzapur News: गेहूं की कालाबाजारी, किसानों के घर पहुंच रहे व्यापारी
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मिर्जापुर। गेहूं क्रय केंद्रों में किसान का इंतजार किया जा रहा है। वहीं, क्षेत्र के व्यापारी किसानों के घर पहुंचकर गेहूं खरीदकर कालाबाजारी कर रहे हैं। बरकछा के पास 305 और कुंदरुफ के पास 300 क्विंटल गेहूं लदे ट्रक पकड़े जाने के बाद विभाग के अधिकारियों के कान खड़े हो गए हैं। हालांकि शमन शुल्क वसूलने के बाद सभी ट्रक छोड़ दिए गए थे।
जिले के 112 क्रय केंद्रों पर अब तक 1763 किसानों से 9460.70 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। वहीं, गेहूं की कालाबाजारी के भी आरोप लग रहे हैं। स्थानीय व्यापारी किसानाें से गेहूं खरीदकर बाहर भेज रहे हैं। इस तरह के दो-तीन मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें जुर्माना भी वसूला गया है। मंगलवार को बरकछा के पास से दो ट्रक पकड़े गए थे। एक में 200 क्विंटल और दूसरे ट्रक में 105 क्विंटल गेहूं लदा था। मंडी समिति के सचिव धीरेंद्र गुप्ता ने दोनों ट्रकों को पकड़ा था। यह गेहूं बाहर ले जाया जा रहा था। सचिव ने 125818 रुपये समन शुल्क वसूलने के बाद ट्रक छोड़ दिया। आशंका जताई जा रही है कि किसानों के घर जाकर गेहूं खरीकर व्यापारी बाहर भेज रहे हैं। इसी प्रकार राजगढ़ के कुंदरुफ के पास भी एक ट्रक में 300 क्विंटल गेहूं पकड़ा गया था। मंडी सचिव धीरेंद्र गुप्ता ने बताया कि गेहूं के कालाबाजारी में कुछ लोग सक्रिय हैं लेकिन विभाग उनको सफल नहीं होने देगा। ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इनसेट-
एफसीआई ने लौटाया था 151 क्विंटल गेहूं
मिर्जापुर। हलिया प्रथम दारा गेहूं क्रय केंद्र से बृहस्पतिवार को 151 क्विंटल गेहूं खरीद कर भारतीय खाद्य निगम को भेजा गया था। एफसीआई की जांच में गेहूं पतला व मानक से कम मिला। इस पर एफसीआई ने गेहूं को लेने से इंकार कर दिया। साथ ही उसे वापस भी कर दिया। गेहूं को वापस हलिया केंद्र पर पहुंचा दिया गया। जिला खाद्य व विपणन अधिकारी संजीव कुमार सिंह ने बताया कि गेहूं में कोई गड़बड़ी नहीं थी लेकिन उसमें से कुछ में सरसों मिला हुआ था। इसकी जांच की जाएगी। संवाद
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जिले के 112 क्रय केंद्रों पर अब तक 1763 किसानों से 9460.70 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। वहीं, गेहूं की कालाबाजारी के भी आरोप लग रहे हैं। स्थानीय व्यापारी किसानाें से गेहूं खरीदकर बाहर भेज रहे हैं। इस तरह के दो-तीन मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें जुर्माना भी वसूला गया है। मंगलवार को बरकछा के पास से दो ट्रक पकड़े गए थे। एक में 200 क्विंटल और दूसरे ट्रक में 105 क्विंटल गेहूं लदा था। मंडी समिति के सचिव धीरेंद्र गुप्ता ने दोनों ट्रकों को पकड़ा था। यह गेहूं बाहर ले जाया जा रहा था। सचिव ने 125818 रुपये समन शुल्क वसूलने के बाद ट्रक छोड़ दिया। आशंका जताई जा रही है कि किसानों के घर जाकर गेहूं खरीकर व्यापारी बाहर भेज रहे हैं। इसी प्रकार राजगढ़ के कुंदरुफ के पास भी एक ट्रक में 300 क्विंटल गेहूं पकड़ा गया था। मंडी सचिव धीरेंद्र गुप्ता ने बताया कि गेहूं के कालाबाजारी में कुछ लोग सक्रिय हैं लेकिन विभाग उनको सफल नहीं होने देगा। ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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एफसीआई ने लौटाया था 151 क्विंटल गेहूं
मिर्जापुर। हलिया प्रथम दारा गेहूं क्रय केंद्र से बृहस्पतिवार को 151 क्विंटल गेहूं खरीद कर भारतीय खाद्य निगम को भेजा गया था। एफसीआई की जांच में गेहूं पतला व मानक से कम मिला। इस पर एफसीआई ने गेहूं को लेने से इंकार कर दिया। साथ ही उसे वापस भी कर दिया। गेहूं को वापस हलिया केंद्र पर पहुंचा दिया गया। जिला खाद्य व विपणन अधिकारी संजीव कुमार सिंह ने बताया कि गेहूं में कोई गड़बड़ी नहीं थी लेकिन उसमें से कुछ में सरसों मिला हुआ था। इसकी जांच की जाएगी। संवाद
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