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भागवत कथा से जीवन का कल्याण
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Thu, 18 Dec 2014 11:14 PM IST
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श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता अमर है। विद्यार्थी जीवन में छात्रों के मध्य छोटे-बड़े अथवा ऊंच-नीच का फर्क नहीं होता, लेकिन युवावस्था में विवाह के पश्चात अथवा उच्च पद की प्राप्ति के बाद प्राय: लोग बचपन के मित्रों को भूल जाते हैं।
ये बातें श्री द्वारकाधीश जी मंदिर में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के समापन पर स्वामी गिरीशानंद जी सरस्वती ने कही।
नगर के बुंदेलखंडी स्थित श्री द्वारकाधीश जी के मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञानयज्ञ के सातवें दिन भक्तिरस की बयार बही। वृंदावन धाम से पधारे स्वामी गिरीशानंद ने सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए कहा
कि श्रीकृष्ण द्वारकाधीश बनने के बाद भी सुदामा को नहीं भूले। ईश्वर किसी को नहीं भूलता, हम ईश्वर को भूल जाते हैं। स्वामी जी ने कहा कि व्यास नंदन श्री शुकदेव जी महाराज श्रीकृष्ण के ही अंशावतार थे। वह माया से निर्लिप्त एवं दिगंबर वेश में थे। धार्मिक आयोजन के मुख्य यजमान प्रदीप बजाज ने सपरिवार हवन किया तथा श्री ठाकुर जी की भव्य आरती की।
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श्री द्वारकाधीश जी के मंदिर में विराजमान श्री ठाकुर जी का फूलों से हुआ भव्य श्रृंगार दर्शन कर श्रद्धालु निहाल हो उठे। कथा के समापन पर भक्तों ने व्यास पूजन किया, पूर्णता के लिए हवन के बाद भंडारे का भी आयोजन किया गया।
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ये बातें श्री द्वारकाधीश जी मंदिर में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के समापन पर स्वामी गिरीशानंद जी सरस्वती ने कही।
नगर के बुंदेलखंडी स्थित श्री द्वारकाधीश जी के मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञानयज्ञ के सातवें दिन भक्तिरस की बयार बही। वृंदावन धाम से पधारे स्वामी गिरीशानंद ने सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए कहा
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कि श्रीकृष्ण द्वारकाधीश बनने के बाद भी सुदामा को नहीं भूले। ईश्वर किसी को नहीं भूलता, हम ईश्वर को भूल जाते हैं। स्वामी जी ने कहा कि व्यास नंदन श्री शुकदेव जी महाराज श्रीकृष्ण के ही अंशावतार थे। वह माया से निर्लिप्त एवं दिगंबर वेश में थे। धार्मिक आयोजन के मुख्य यजमान प्रदीप बजाज ने सपरिवार हवन किया तथा श्री ठाकुर जी की भव्य आरती की।
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श्री द्वारकाधीश जी के मंदिर में विराजमान श्री ठाकुर जी का फूलों से हुआ भव्य श्रृंगार दर्शन कर श्रद्धालु निहाल हो उठे। कथा के समापन पर भक्तों ने व्यास पूजन किया, पूर्णता के लिए हवन के बाद भंडारे का भी आयोजन किया गया।