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Mirzapur News: 94 साल बाद मॉरीशस से पैतृक गांव सेमरा पहुंचे पृथ्वीनाथ
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सेमरा गांव में अपने मित्र वउगादी उनके परिवार के साथ मॉरीशस निवासी पृथ्वीनाथ पांडेय व उनकी पत्न
शेरवां। जमालपुर के सेमरा गांव के मूल निवासी पृथ्वीनाथ पांडेय 94 साल बाद अपने पूर्वजों के गांव सेमरा बुधवार को पहुंचे।
वहां उन्होंने पूजा पाठ की और अपने मित्रों से मिले। उन्होंने मां विंध्यवासिनी के दर्शन भी किए। साल 1931 में जमालपुर ब्लॉक के सेमरा गांव के मूल निवासी मुरलीधर पांडेय को अंग्रेजी हुक्मरान ने मॉरीशस भेज दिया। वे वहीं बस गए।
मुरलीधर पांडेय की तीसरी पीढ़ी के वंशज पृथ्वीनाथ पांडेय जो साल 1971 में बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में आईटी के छात्र थे। सेमरा गांव के ज्ञानदेव मिश्रा जो इनके रिश्ते में भाई लगते थे। वह भी बीएचयू में पढ़ते थे। उनसे इनका दोस्ताना संबंध हो गया।
पृथ्वीनाथ बुधवार को सपत्नी हिन्दुस्तान घूमने आए तो दोस्त व पैतृक गांव की याद आई तो सेमरा गांव आकर ज्ञानदेव मिश्रा से मिले। मिश्रा परिवार ने इनके पूर्वज मुरलीधर पांडेय के द्वारा निर्मित शिव मंदिर में पूजा पाठ कराया। इनके परिवार के बारे में जानकारी दी। पृथ्वीनाथ गांव के लोगों से मिलकर काफी खुश नजर आए।
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भारत की याद हमेशा आती हैं। कहा कि बनारस को कभी नहीं भूल सकता। यहां से आईटी की शिक्षा प्राप्त किया हूं। संवाद
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वहां उन्होंने पूजा पाठ की और अपने मित्रों से मिले। उन्होंने मां विंध्यवासिनी के दर्शन भी किए। साल 1931 में जमालपुर ब्लॉक के सेमरा गांव के मूल निवासी मुरलीधर पांडेय को अंग्रेजी हुक्मरान ने मॉरीशस भेज दिया। वे वहीं बस गए।
मुरलीधर पांडेय की तीसरी पीढ़ी के वंशज पृथ्वीनाथ पांडेय जो साल 1971 में बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में आईटी के छात्र थे। सेमरा गांव के ज्ञानदेव मिश्रा जो इनके रिश्ते में भाई लगते थे। वह भी बीएचयू में पढ़ते थे। उनसे इनका दोस्ताना संबंध हो गया।
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पृथ्वीनाथ बुधवार को सपत्नी हिन्दुस्तान घूमने आए तो दोस्त व पैतृक गांव की याद आई तो सेमरा गांव आकर ज्ञानदेव मिश्रा से मिले। मिश्रा परिवार ने इनके पूर्वज मुरलीधर पांडेय के द्वारा निर्मित शिव मंदिर में पूजा पाठ कराया। इनके परिवार के बारे में जानकारी दी। पृथ्वीनाथ गांव के लोगों से मिलकर काफी खुश नजर आए।
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भारत की याद हमेशा आती हैं। कहा कि बनारस को कभी नहीं भूल सकता। यहां से आईटी की शिक्षा प्राप्त किया हूं। संवाद