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Mirzapur News: जयकारे से गूंजा आदि शक्ति का दरबार
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विंध्याचल। शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी पर मां विंध्यवासिनी के दरबार में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। शाम तक भक्तों की संख्या पांच लाख के पार पहुंच गई। नवरात्र मेला में आई भीड़ को देखते हुए जनपद के आला अधिकारी खुद ड्यूटी पर मुस्तैद दिखे।
जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन तथा पुलिस अधीक्षक अभिनंदन सिंह देर रात से ही मेला क्षेत्र में चक्रमण करते दिखाई दिए। मेला को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस अधीक्षक मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सेवा में तत्पर रहे। श्रद्धालुओं की सेवा और सीसीटीवी कैमरे से निगरानी के अलावा ध्वनि विस्तारक यंत्र के माध्यम से मातहतों को आवश्यक निर्देश भी जारी करते देखे गए। दोनों अधिकारी विंध्यवासिनी मंदिर के अलावा आसपास की गलियों, गंगा घाटों, काली खोह तथा अष्टभुजा मंदिर का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने त्रिकोण मार्ग, रामेश्वर मंदिर, तारा मंदिर इत्यादि स्थलों पर भी भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया । दर्शनार्थियों की भीड़ शनिवार की मध्य रात्रि से ही विंध्य धाम में उमड़ पड़ी। मुख्य सड़कों पर पैदल चल पाने में भी लोगों को काफी कठिनाई हो रही थी। गंगा घाटों खासकर पक्काघाट, दीवानघाट, अखड़ाघाट तथा श्रीदुर्गाघाट पर स्नानार्थियों की भीड़ रही। कंतित से लेकर अमरावती चौराहा, पटेंगरा तथा पुरानी वीआईपी मार्ग तक लगभग एक दर्जन वाहन स्टैंड चार पहिया वाहनों से भरे पड़े थे। नंगे पांव चलकर त्रिकोण करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी काफी वृद्धि देखी गई। श्रद्धालुओं की लंबी कतारें तीन प्रमुख मार्गों कोतवाली, न्यू वीआईपी तथा पक्काघाट पर स्पष्ट रूप से देखी गई। लगभग चार सौ मीटर की कतार में श्रद्धालु मां का जयकारा लगाते हुए स्वयं आनंद की अनुभूति कर रहे थे और धाम जयकारे से गुंजायमान रहा।
विंध्य धाम की गलियां सुबह से शाम तक भक्तों से पटी रहीं। गंगा में स्नान के बाद हाथ में नारियल, चुनरी और प्रसाद लिए श्रद्धालु कतार में खड़े मंदिर की तरफ बढ़े चले जा रहे थे। देवी मंदिर पहुंचने के बाद गर्भ गृह तथा झांकी से माता विंध्यवासिनी के दिव्य स्वरूप का दर्शन पाकर श्रद्धालु धन्य हो गए। मंदिर के प्रथम और द्वितीय प्रवेश द्वार पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें भोर से लग गई थीं। धाम क्षेत्र में जगह-जगह श्रद्धालु जहां एक ओर मुंडन संस्कार कराने में जुटे रहे, वही मंदिर की छत पर आसन पर बैठकर महिला व पुरुष साधक वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन अनुष्ठान करने में तल्लीन रहे। मंदिर में माता के दर्शन-पूजन का सिलसिला रविवार को भोर से शुरू होकर देर रात तक अनवरत जारी रहा। महाअष्टमी पर मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन की तरफ से चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
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जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन तथा पुलिस अधीक्षक अभिनंदन सिंह देर रात से ही मेला क्षेत्र में चक्रमण करते दिखाई दिए। मेला को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस अधीक्षक मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सेवा में तत्पर रहे। श्रद्धालुओं की सेवा और सीसीटीवी कैमरे से निगरानी के अलावा ध्वनि विस्तारक यंत्र के माध्यम से मातहतों को आवश्यक निर्देश भी जारी करते देखे गए। दोनों अधिकारी विंध्यवासिनी मंदिर के अलावा आसपास की गलियों, गंगा घाटों, काली खोह तथा अष्टभुजा मंदिर का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने त्रिकोण मार्ग, रामेश्वर मंदिर, तारा मंदिर इत्यादि स्थलों पर भी भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया । दर्शनार्थियों की भीड़ शनिवार की मध्य रात्रि से ही विंध्य धाम में उमड़ पड़ी। मुख्य सड़कों पर पैदल चल पाने में भी लोगों को काफी कठिनाई हो रही थी। गंगा घाटों खासकर पक्काघाट, दीवानघाट, अखड़ाघाट तथा श्रीदुर्गाघाट पर स्नानार्थियों की भीड़ रही। कंतित से लेकर अमरावती चौराहा, पटेंगरा तथा पुरानी वीआईपी मार्ग तक लगभग एक दर्जन वाहन स्टैंड चार पहिया वाहनों से भरे पड़े थे। नंगे पांव चलकर त्रिकोण करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी काफी वृद्धि देखी गई। श्रद्धालुओं की लंबी कतारें तीन प्रमुख मार्गों कोतवाली, न्यू वीआईपी तथा पक्काघाट पर स्पष्ट रूप से देखी गई। लगभग चार सौ मीटर की कतार में श्रद्धालु मां का जयकारा लगाते हुए स्वयं आनंद की अनुभूति कर रहे थे और धाम जयकारे से गुंजायमान रहा।
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विंध्य धाम की गलियां सुबह से शाम तक भक्तों से पटी रहीं। गंगा में स्नान के बाद हाथ में नारियल, चुनरी और प्रसाद लिए श्रद्धालु कतार में खड़े मंदिर की तरफ बढ़े चले जा रहे थे। देवी मंदिर पहुंचने के बाद गर्भ गृह तथा झांकी से माता विंध्यवासिनी के दिव्य स्वरूप का दर्शन पाकर श्रद्धालु धन्य हो गए। मंदिर के प्रथम और द्वितीय प्रवेश द्वार पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें भोर से लग गई थीं। धाम क्षेत्र में जगह-जगह श्रद्धालु जहां एक ओर मुंडन संस्कार कराने में जुटे रहे, वही मंदिर की छत पर आसन पर बैठकर महिला व पुरुष साधक वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन अनुष्ठान करने में तल्लीन रहे। मंदिर में माता के दर्शन-पूजन का सिलसिला रविवार को भोर से शुरू होकर देर रात तक अनवरत जारी रहा। महाअष्टमी पर मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन की तरफ से चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
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