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मरीजों को भड़काने वाले अराजकतत्व पर हो कार्रवाई
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मिर्जापुर। मंडलीय अस्पताल में बृहस्पतिवार की शाम को एक मरीज की मौत होने के बाद कुछ लोगों द्वारा हंगामा करने और चिकित्सकों के साथ दुर्व्यवहार करने वालों पर कार्रवाई की मांग को लेकर स्वास्थ्यकर्मियों ने शुक्रवार को प्रदर्शन किया। मंडलीय अस्पताल के डाक्टर और अन्य कर्मचारियों ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन एडीएम भू राजस्व को ज्ञापन देकर अराजकतत्वों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग किया।
प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के सचिव सुनील सिंह ने कहा कि बबलू चौरसिया नाम का मरीज सर्जिकल वार्ड में भर्ती थे। मरीज की गंभीरता को देखते हुए उसे 11 बजे रेफर कर दिया गया था, पर मरीज के परिजनों ने उसे ले दूसरे अस्पताल में ले जाने में असमर्थता दिखाई। शाम को मरीज की हालत गंभीर होने पर मरीज के परिजनों को बताया गया। मरीज की स्थित गंभीर होने पर उसकी मौत हो गई। तभी एक युवक अपने साथियों के साथ आया। वह परिजनों को उकसाने लगा। कहाकि इलाज में लापरवाही का आरोप लगाओगे तो पैसा दिलाएंगे। उन लोगों ने ड्यूटी पर तैनात डा. दिलीप चौरसिया, डा. कमलेश व नर्सिंग स्टाफ के साथ गाली-गलौज किया। इमरजेंसी कक्ष में आकर भी हंगामा किया। हंगामा करने वाला युवक पहले भी महिला अस्पताल में प्रसूता की मौत होने पर उनके परिजनों को उकसाया था। मांग की गई कि आरोपियों के खिलाफ मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत कार्रवाई की जाए। डा. तरुण सिंह ने कहा कि अस्पताल में कुछ लोग इस तरह का कार्य कर रहे हैं। इनको चिह्नित कर कार्रवाई की जाए। इस अवसर पर डा. केपी श्रीवास्तव, डा. देवर्षी पाठक, डा. पवन, डा. विशाल यादव, भुपेंद्र पांडेय, मयंक मिश्रा आदि रहे।
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प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के सचिव सुनील सिंह ने कहा कि बबलू चौरसिया नाम का मरीज सर्जिकल वार्ड में भर्ती थे। मरीज की गंभीरता को देखते हुए उसे 11 बजे रेफर कर दिया गया था, पर मरीज के परिजनों ने उसे ले दूसरे अस्पताल में ले जाने में असमर्थता दिखाई। शाम को मरीज की हालत गंभीर होने पर मरीज के परिजनों को बताया गया। मरीज की स्थित गंभीर होने पर उसकी मौत हो गई। तभी एक युवक अपने साथियों के साथ आया। वह परिजनों को उकसाने लगा। कहाकि इलाज में लापरवाही का आरोप लगाओगे तो पैसा दिलाएंगे। उन लोगों ने ड्यूटी पर तैनात डा. दिलीप चौरसिया, डा. कमलेश व नर्सिंग स्टाफ के साथ गाली-गलौज किया। इमरजेंसी कक्ष में आकर भी हंगामा किया। हंगामा करने वाला युवक पहले भी महिला अस्पताल में प्रसूता की मौत होने पर उनके परिजनों को उकसाया था। मांग की गई कि आरोपियों के खिलाफ मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत कार्रवाई की जाए। डा. तरुण सिंह ने कहा कि अस्पताल में कुछ लोग इस तरह का कार्य कर रहे हैं। इनको चिह्नित कर कार्रवाई की जाए। इस अवसर पर डा. केपी श्रीवास्तव, डा. देवर्षी पाठक, डा. पवन, डा. विशाल यादव, भुपेंद्र पांडेय, मयंक मिश्रा आदि रहे।
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