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Mirzapur News: गरई नदी पर बन रहे पुल का एक हिस्सा गिरा, कई घायल, दो रेफर
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जमालपुर (मिर्जापुर)। क्षेत्र के करजी गांव के पास गरई नदी पर तीन करोड़ 80 लाख रुपये की लागत से बन रहे पुल का एक हिस्सा बृहस्पतिवार की देर रात गिर गया। शटरिंग के साथ स्लैब भर भरा कर गिर गया। मलबे की चपेट में आने से कई मजदूर घायल हो गए। दो मजदूरों को गंभीर हालत में वाराणसी ट्राॅमा सेंटर भेज दिया गया । शुक्रवार को घटना की जानकारी होने पर डीएम प्रियंका निरंजन ने अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग, अधिशासी अभियंता सेतु निगम, अधिशासाी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग और जिला विकास अधिकारी की संयुक्त समिति बनाकर जांच का निर्देश दिया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गरई नदी पर चार साल से पुल का निर्माण हो रहा है। पांच हिस्सों में में बन रहे पुल के दो खंड के स्लैब का काम पूरा हो चुका है। तीसरे को ढालने का काम चल रहा था। सोनभद्र के करीब 36 से ज्यादा मजदूर पुल पर स्लैब ढालने के कार्य में लगे थे। बृहस्पतिवार को कुछ ढला॓ई के बाद मजदूर खाना खाने चले गए। देर रात फिर से ढलाई का कार्य शुरू हुआ। शंटरिंग पर जब सीमेंट और कंक्रीट का लोड बढ़ा तो अचानक तेज आवाज के साथ पूरी शटरिंग ढह गई। इसकी चपेट में कई मजदूर आ गए। इसमें सुकृत के लोहरा निवासी दो मजदूर पारसनाथ (50) एवं प्रकाश (30) गंभीर रूप से घायल हो गए। दो मजदूर अनिल एवं राम आसरे बाल-बाल बच गए। घटना की जानकारी पर मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। मौके पर मौजूद विभागीय कर्मी एवं ठेकेदार मजदूर सहित भाग खड़े हुए। घटना की जानकारी पर सीओ चुनार मंजरी राव मौके पर पहुंचीं।
ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
ग्रामीणों ने शुक्रवार सुबह पीडब्ल्यूडी विभाग के खिलाफ नदी के पुल के समीप प्रदर्शन कर आक्रोश जताया। पुल का निर्माण कराए जाने की मांग की। विभाग पर जानबूझकर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। यह पूरी योजना तीन करोड़ 80 लाख रुपये की बताई जा रही है। निर्माणाधीन पुल के शटरिंग गिरने की घटना के पीछे विभाग नदी के तेज प्रवाह को कारण बता रहा है। एक्सईएन अमरेंद्र पांडेय ने बताया कि रात में नदी का प्रवाह बढ़ने पर दो मजदूर शटरिंग देखने पहुंचे और कुछ कमी प्रतीत होने पर उसे ठीक करने लगे। तभी तेज प्रवाह के चलते शटरिंग गिर गई और आंशिक रूप से दो मजदूर घायल हो गए जो इलाज के बाद पूर्णत: ठीक हैं।
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इनसेट-- --
ग्रामीणों का दावा नदी में नहीं बढ़ा पानी
विभाग जहां शटरिंग के पीछे नदी के तेज बहाव को कारण बता रही है तो वहीं ग्रामीणों का दावा है कि नदी में तेज प्रवाह तो दूर एक इंच जलस्तर नहीं बढ़ा। उनका कहना है कि पानी इतना नीचे है कि सिंचाई के लिए भी पानी नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में बांध बनाकर किसी तरह पानी के स्तर को सामान्य बनाया जा रहा है। जलस्तर और बहाव सामान्य रहा। 2020 में यूपी सरकार में तत्कालीन मंत्री रमाशंकर सिंह पटेल के प्रयास से करजी गांव में गरई नदी पर पुल स्वीकृत हुआ था। पुल निर्माण के लिए करीब 1.50 करोड़ एवं पुल के दोनों तरफ पहुंच मार्ग एवं भूमि के मुआवजे के लिए अलग से बजट आवंटित किया गया था। पूरी लागत तीन करोड़ अस्सी लाख रुपये है।
इनसेट-- -
बदलते रहे ठेकेदार, शटरिंग के कमजोर होने की आशंका
विभागीय सूत्रों की मानें तो चार साल से चल रहे निर्माण में देरी पर एक ठेकेदार को हटाकर दूसरे ठेकेदार से कार्य विभाग द्वारा कराया जा रहा था। पांच पिलर वाले पुल के दो पीलर की ढलाई पूर्व में कराई जा चुकी है। बृहस्पितवार को दो पिलर पर लोहे की पाइप के सहारे आठ मीटर शटरिंग कर तीसरे पीलर पर सीमेंट, गिट्टी आदि मटेरियल डालने के दौरान पुल का स्लैब शटरिंग सहित नदी में गिर गया। चर्चा है कि शटरिंग में लगाई गई प्लाई पतली और कमजोर थी। शटरिंग गिरने के पीछे इस कारण की चर्चा होती रही।
इनसेट-- -
ट्रॉमा सेंटर में भर्ती मरीजों को परिजन लेकर दूसरी जगह गए
शटरिंग गिरने से घायल मजदूरों को वाराणसी में ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया था। जहां उनके परिजन पहुंचे और प्राथमिक उपचार के बाद कागज वगैरह लेकर बिना अस्पताल को सूचना दिए चले गए। वहीं घटना से नाराज लोगों ने पीडब्ल्यूडी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इसी दौरान एक विभागीय कर्मी के कार का शीशा इत्यादि तोड़ दिया। स्थानीय लोगों ने समझा बुझाकर मामला शांत कराया।
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गरई नदी पर चार साल से पुल का निर्माण हो रहा है। पांच हिस्सों में में बन रहे पुल के दो खंड के स्लैब का काम पूरा हो चुका है। तीसरे को ढालने का काम चल रहा था। सोनभद्र के करीब 36 से ज्यादा मजदूर पुल पर स्लैब ढालने के कार्य में लगे थे। बृहस्पतिवार को कुछ ढला॓ई के बाद मजदूर खाना खाने चले गए। देर रात फिर से ढलाई का कार्य शुरू हुआ। शंटरिंग पर जब सीमेंट और कंक्रीट का लोड बढ़ा तो अचानक तेज आवाज के साथ पूरी शटरिंग ढह गई। इसकी चपेट में कई मजदूर आ गए। इसमें सुकृत के लोहरा निवासी दो मजदूर पारसनाथ (50) एवं प्रकाश (30) गंभीर रूप से घायल हो गए। दो मजदूर अनिल एवं राम आसरे बाल-बाल बच गए। घटना की जानकारी पर मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। मौके पर मौजूद विभागीय कर्मी एवं ठेकेदार मजदूर सहित भाग खड़े हुए। घटना की जानकारी पर सीओ चुनार मंजरी राव मौके पर पहुंचीं।
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ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
ग्रामीणों ने शुक्रवार सुबह पीडब्ल्यूडी विभाग के खिलाफ नदी के पुल के समीप प्रदर्शन कर आक्रोश जताया। पुल का निर्माण कराए जाने की मांग की। विभाग पर जानबूझकर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। यह पूरी योजना तीन करोड़ 80 लाख रुपये की बताई जा रही है। निर्माणाधीन पुल के शटरिंग गिरने की घटना के पीछे विभाग नदी के तेज प्रवाह को कारण बता रहा है। एक्सईएन अमरेंद्र पांडेय ने बताया कि रात में नदी का प्रवाह बढ़ने पर दो मजदूर शटरिंग देखने पहुंचे और कुछ कमी प्रतीत होने पर उसे ठीक करने लगे। तभी तेज प्रवाह के चलते शटरिंग गिर गई और आंशिक रूप से दो मजदूर घायल हो गए जो इलाज के बाद पूर्णत: ठीक हैं।
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ग्रामीणों का दावा नदी में नहीं बढ़ा पानी
विभाग जहां शटरिंग के पीछे नदी के तेज बहाव को कारण बता रही है तो वहीं ग्रामीणों का दावा है कि नदी में तेज प्रवाह तो दूर एक इंच जलस्तर नहीं बढ़ा। उनका कहना है कि पानी इतना नीचे है कि सिंचाई के लिए भी पानी नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में बांध बनाकर किसी तरह पानी के स्तर को सामान्य बनाया जा रहा है। जलस्तर और बहाव सामान्य रहा। 2020 में यूपी सरकार में तत्कालीन मंत्री रमाशंकर सिंह पटेल के प्रयास से करजी गांव में गरई नदी पर पुल स्वीकृत हुआ था। पुल निर्माण के लिए करीब 1.50 करोड़ एवं पुल के दोनों तरफ पहुंच मार्ग एवं भूमि के मुआवजे के लिए अलग से बजट आवंटित किया गया था। पूरी लागत तीन करोड़ अस्सी लाख रुपये है।
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बदलते रहे ठेकेदार, शटरिंग के कमजोर होने की आशंका
विभागीय सूत्रों की मानें तो चार साल से चल रहे निर्माण में देरी पर एक ठेकेदार को हटाकर दूसरे ठेकेदार से कार्य विभाग द्वारा कराया जा रहा था। पांच पिलर वाले पुल के दो पीलर की ढलाई पूर्व में कराई जा चुकी है। बृहस्पितवार को दो पिलर पर लोहे की पाइप के सहारे आठ मीटर शटरिंग कर तीसरे पीलर पर सीमेंट, गिट्टी आदि मटेरियल डालने के दौरान पुल का स्लैब शटरिंग सहित नदी में गिर गया। चर्चा है कि शटरिंग में लगाई गई प्लाई पतली और कमजोर थी। शटरिंग गिरने के पीछे इस कारण की चर्चा होती रही।
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ट्रॉमा सेंटर में भर्ती मरीजों को परिजन लेकर दूसरी जगह गए
शटरिंग गिरने से घायल मजदूरों को वाराणसी में ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया था। जहां उनके परिजन पहुंचे और प्राथमिक उपचार के बाद कागज वगैरह लेकर बिना अस्पताल को सूचना दिए चले गए। वहीं घटना से नाराज लोगों ने पीडब्ल्यूडी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इसी दौरान एक विभागीय कर्मी के कार का शीशा इत्यादि तोड़ दिया। स्थानीय लोगों ने समझा बुझाकर मामला शांत कराया।