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Mirzapur News: 126 साल से दशहरे पर रावण का सिर कलम करने की परंपरा
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ड्रमंडगंज में तैयार रावण का पुतला (फाइल फोटो)।
ड्रमंडगंज की अनूठी परंपरा, दहन के लिए अलग से बनाया जा रहा रावण का पुतला
ड्रमंडगंज। आमतौर पर दशहरे पर रावण के पुतले का दहन किया जाता है, लेकिन ड्रमंडगंज में उसका सिर कलम करने की परंपरा है। यहां करीब 126 वर्षों से दशमी के दिन रावण का सिर कलम किया जाता है। इसी अनूठी परंपरा के कारण ड्रमंडगंज का दशहरा अपनी खास पहचान रखता है।
लोहे से बने 25 फीट ऊंचे रावण का सिर कटने का दृश्य देखने के लिए हर साल बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं। इस बार दशहरा मैदान में परंपरा को जीवंत रखने की तैयारियां तेज हो गई हैं। रिमोट से संचालित इलेक्ट्रॉनिक रावण के निर्माण के साथ ही दहन के लिए अलग से पुतला भी तैयार कराया जा रहा है। इस तरह इलेक्ट्रॉनिक रावण का सिर कलम करने और रावण दहन की रस्म अलग-अलग पुतलों के जरिए पूरी की जाएगी।
श्रीरामलीला समिति के अध्यक्ष आशीष गुप्ता गुड्डू ने बताया कि कारीगर दुल्लीचंद बिंद की देखरेख में इलेक्ट्रॉनिक रावण और दहन के लिए कागज के पुतले का निर्माण कराया जा रहा है। शारदीय नवरात्र की दशमी की शाम ड्रमंडगंज के दशहरा मैदान में भगवान राम और लंकापति रावण के बीच महायुद्ध का मंचन होता है। इस दौरान रिमोट से संचालित रावण का सिर कलम किए जाने का दृश्य लोगों के लिए विशेष आकर्षण रहता है।
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ड्रमंडगंज। आमतौर पर दशहरे पर रावण के पुतले का दहन किया जाता है, लेकिन ड्रमंडगंज में उसका सिर कलम करने की परंपरा है। यहां करीब 126 वर्षों से दशमी के दिन रावण का सिर कलम किया जाता है। इसी अनूठी परंपरा के कारण ड्रमंडगंज का दशहरा अपनी खास पहचान रखता है।
लोहे से बने 25 फीट ऊंचे रावण का सिर कटने का दृश्य देखने के लिए हर साल बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं। इस बार दशहरा मैदान में परंपरा को जीवंत रखने की तैयारियां तेज हो गई हैं। रिमोट से संचालित इलेक्ट्रॉनिक रावण के निर्माण के साथ ही दहन के लिए अलग से पुतला भी तैयार कराया जा रहा है। इस तरह इलेक्ट्रॉनिक रावण का सिर कलम करने और रावण दहन की रस्म अलग-अलग पुतलों के जरिए पूरी की जाएगी।
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श्रीरामलीला समिति के अध्यक्ष आशीष गुप्ता गुड्डू ने बताया कि कारीगर दुल्लीचंद बिंद की देखरेख में इलेक्ट्रॉनिक रावण और दहन के लिए कागज के पुतले का निर्माण कराया जा रहा है। शारदीय नवरात्र की दशमी की शाम ड्रमंडगंज के दशहरा मैदान में भगवान राम और लंकापति रावण के बीच महायुद्ध का मंचन होता है। इस दौरान रिमोट से संचालित रावण का सिर कलम किए जाने का दृश्य लोगों के लिए विशेष आकर्षण रहता है।
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